मानसाः मारकर घर के सामने फेंक गए थे सुखचैन सिंह को, कोर्ट ने छह दोषियों को सुनाई उम्रकैद
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करीब तीन साल एक महीने पहले पंजाब के मानसा जिले के गांव घरागणां में 20 साल के अनुसूचित जाति के युवक सुखचैन सिंह उर्फ पाली की बर्बरता से हत्या करने के केस में एडिशनल सेशन जज मानसा ने सभी छह दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। वहीं, 25-25 हजार रुपये जुर्माना भी किया है। लेकिन पीड़ित परिवार इससे संतुष्ट नहीं है। उनका तर्क था कि दोषियों को फांसी की सजा होनी चाहिए।
बता दें कि 10 अक्तूबर 2016 को गांव घरागणां के अनुसूचित जाति के नौजवान सुखपाल सिंह उर्फ पाली की बर्बरता से हत्या कर उसकी दोनों बाजू तोड़ दी गई थी। हत्यारे उसकी टांग काटकर साथ ले गए थे। शव का हिस्सा पाली के घर के पीछे वाली गली में फेंक गए थे। इसके बाद अगले दिन टांग भी उसके घर के सामने फेंक गए।
पुलिस ने कटे अंगों को बरामद कर कार्रवाई शुरू की। 11 अक्तूबर को थाना कोटधरमू पुलिस ने मृतक के पिता रेशम सिंह के बयान पर बलवीर सिंह, हरदीप सिंह, अमनदीप सिंह, साधू सिंह निवासी घरागणां, सीता सिंह निवासी माखा व बबरीक सिंह निवासी नंगल खुर्द के खिलाफ धारा 302 के तहत मामला दर्ज कर गिरफ्तार किया और कोर्ट में पेश किया गया था।
पीड़ित परिवार ने नामजद लोगों की गिरफ्तारी न होने तक शव का अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया था। इसके बाद सिविल अस्पताल मानसा में परिजनों ने जत्थेबंदियों के सहयोग से धरना लगाया था। अदालत के कटघरे में खड़े सभी दोषियों से जब उनका पक्ष सुना गया तो इन्होंने न्यायाधीश से गुहार लगाई कि वह बाल बच्चे वाले गरीब लोग हैं।
जज साहब उन्हें माफ कर और सजा कम कर दें। वहीं न्यायाधीश ने सभी लोगों की बात को सुनने के बाद अपना फैसला सुना दिया। पीड़ित पक्ष के वकील जसवंत सिंह ग्रेवाल ने बताया कि सभी दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। इसके तहत इन्हें 20 साल तक जेल काटनी होगी।