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कथित बैंक घोटाला: छह आईएएस पर साजिश, अनुचित लाभ लेने के आरोप; अमर उजाला के पास सीबीआई की पूरी चार्जशीट

Fri, 25 Sep 2026 10:45 AM IST
Akash Dubey आशीष वर्मा, चंडीगढ़
आशीष वर्मा, चंडीगढ़ Published by: Akash Dubey Updated Fri, 25 Sep 2026 10:45 AM IST
सार

हरियाणा के 504 करोड़ रुपये के बैंक घोटाले में सीबीआई ने छह आईएएस अधिकारियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। चार्जशीट में पंकज अग्रवाल पर निजी बैंक अधिकारी रिभव ऋषि से मुजरा पार्टियों और होटल जैसी अनुचित सुविधाएं लेने का गंभीर आरोप लगे हैं। 

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Six IAS officers accused of conspiracy in alleged bank scam
504 करोड़ रुपये का कथित बैंक घोटाला - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हरियाणा सरकार के विभिन्न विभागों और संस्थाओं के 504 करोड़ रुपये के कथित बैंक घोटाले में सीबीआई की चार्जशीट में छह आईएएस अधिकारियों की भूमिका को लेकर लगाए गए गंभीर आरोप सामने आए हैं। सीबीआई ने जिन छह आईएएस अधिकारियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है उनमें साकेत कुमार, आरके सिंह (राम कुमार सिंह), पंकज अग्रवाल, प्रदीप कुमार, विनीत गर्ग और मोहम्मद शाइन शामिल हैं।

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अमर उजाला के पास पहुंची पूरी चार्जशीट में कई चौंकाने वाले खुलासे हैं। अधिकारियों पर बैंक अधिकारियों और अन्य आरोपियों के साथ कथित आपराधिक साजिश रचकर सरकारी पैसे को निजी बैंकों में ट्रांसफर कराने, बैंक चयन और एफडी निवेश के नियमों की अनदेखी करने, वित्त विभाग की तय सीमाओं को दरकिनार करने, फर्जी अथवा बदले हुए दस्तावेजों का इस्तेमाल करने, सबूत छिपाने और रिश्वत या अन्य अनुचित लाभ लेने के आरोप लगाए गए हैं।

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पंकज अग्रवाल के लिए रिशभ ने होटलों में की ऐश की व्यवस्था
आईडीएफसी फर्स्ट बैंक-एयू स्मॉल बैंक मामले में सीबीआई की सप्लीमेंट्री चार्जशीट में तत्कालीन स्कूल शिक्षा विभाग के आयुक्त एवं सचिव और बाद में कृषि विभाग के प्रमुख सचिव रहे पंकज अग्रवाल पर निजी बैंक अधिकारी से कथित अनुचित लाभ लेने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। आरोप है कि बैंक अधिकारी रिभव ऋषि ने पंकज अग्रवाल के लिए मुजरा पार्टियों, होटल में ठहरने और महिलाओं की व्यवस्था तक कराई। जीरकपुर के होटल जेड मैनर में नवंबर 2025 से जनवरी 2026 के बीच चार बार मुजरा पार्टियां हुईं। इनमें डांस कलाकारों, खानपान और शराब का खर्च कथित तौर पर रिभव ऋषि ने उठाया। 24 दिसंबर 2025 को चंडीगढ़ के ट्रिब्यून चौके पर स्थित होटल नोवोटेल में एक महिला को बुलाया गया।

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इसका भुगतान रिभव के करीबी अभय कुमार ने यूपीआई से किया। 10 जनवरी 2026 को मोहाली के होटल वाइंडम में एक सुइट बुक कर एक अन्य महिला को बुलाया गया। इसे 75,000 रुपये रिभव ऋषि के पैसों से दिए गए। पंकज अग्रवाल की मौजूदगी और उनका होटल से उबर कैब से घर लौटना रिकॉर्ड में दर्ज है। अक्तूबर 2025 में दिल्ली के आंदाज बाय हयात, एयरोसिटी में होटल रिभव ऋषि के क्रेडिट कार्ड से बुक कराया गया। अक्तूबर 2025 में ही पंकज अग्रवाल की पत्नी के लिए चंडीगढ़ के होटल नोवोटेल में एक पार्टी हुई। इसका 19,399 का पूरा बिल रिभव ऋषि ने नकद चुकाया। जांच एजेंसी ने इन सभी घटनाओं की पुष्टि होटल बुकिंग रिकॉर्ड, सीसीटीवी फुटेज, यूपीआई लेनदेन, कॉल रिकॉर्ड और गवाहों के बयानों से करने का दावा किया है।

साकेत कुमार ने ''सीन'' लिखकर खुलवाए खाते, बैंक अधिकारियों के ग्रुप से जुड़े थे
चार्जशीट के अनुसार साकेत कुमार 16 जून 2025 से 10 अप्रैल 2026 तक विकास एवं पंचायत विभाग के आयुक्त एवं सचिव रहे और हरियाणा पावर जनरेशन कारपोरेशन लिमिटेड (एचपीजीसीएल) के एमडी का अतिरिक्त प्रभार भी संभाला। आरोप है कि उन्होंने बैंक खाते खोलने के प्रस्ताव पर केवल ''सीन'' (देख लिया) लिखकर मंजूरी दी जबकि बैंक चयन का अधिकार डायरेक्टर जनरल (डीजी) के पास था। न कोटेशन मंगाई गई और न वित्त विभाग की मंजूरी ली गई। जांच के अनुसार पंचायत विभाग के पूर्व अधिकारी नरेश कुमार के जरिए आईडीएफसी बैंक के पूर्व अधिकारी रिभव ऋषि की सिफारिश पर उन्होंने आईडीएफसी फर्स्ट बैंक और एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक में खाते खुलवाने के लिए डीजी डीके बेहरा को प्रभावित किया। 29 दिसंबर 2025 को एचपीजीसीएल पेंशन फंड ट्रस्ट से 25 करोड़ रुपये निकालकर आईडीएफसी बैंक में डालने की साजिश का उल्लेख है। साकेत कुमार के आईडीएफसी बैंक के अधिकारियों के सुकून नामक व्हाट्सएप ग्रुप में शामिल होने की बात भी कही गई है।

आरके सिंह ने घर में 50 लाख लिए और बेटे को 2 करोड़ हवाला से दिलवाए
चार्जशीट के अनुसार पंचकूला नगर निगम के तत्कालीन आयुक्त आरके सिंह के घर में 11 जनवरी 2026 को 50 लाख रुपये पहुंचाए गए। 22 जनवरी को दिल्ली में उनके बेटे प्रशांत सिंह को तीन किश्तों (1 करोड़ + 50 लाख + 50 लाख) में 2 करोड़ रुपये दिए गए। पहचान के लिए 10 रुपये के नोट का नंबर मिलाया गया। सिंह ने आईडीएफसी बैंक की अलग-अलग ब्याज दरों के बावजूद एफडी कराई। जब सेक्शन अफसर अनिल कुमार ने कोटेशन मंगाने का सुझाव दिया तो सिंह ने उन्हें डांटा, कहा कि भाई तू बहुत ज्यादा सयाना है क्या? इसके बाद 11 नवंबर को उसे हटा दिया। कालका नगर परिषद का खाता 30 किमी दूर सेक्टर-32 चंडीगढ़ शाखा में खुलवाया जबकि पास में शाखा उपलब्ध थी।

विनीत गर्ग पर सोने के सिक्के लेने का आरोप
सीबीआई की चार्जशीट में हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के तत्कालीन अध्यक्ष विनीत गर्ग को लेकर कई प्रक्रियागत अनियमितताओं का उल्लेख किया गया है। उनके कार्यकाल में आईडीएफसी फर्स्ट बैंक को कई निवेश मामलों में प्राथमिकता मिली। 24 अक्तूबर 2025 को सदस्य सचिव ने 25-25 करोड़ इंडसइंड बैंक और आईडीएफसी में लगाने की सिफारिश की थी। इसे बदलकर पूरी 50 करोड़ राशि आईडीएफसी में लगाने का निर्णय किए जाने का उल्लेख है। चार्जशीट में 6 मई 2025 को आईसीआईसीआई से 3.50 करोड़ निकालकर आईडीएफसी में जमा कराने के मौखिक निर्देश का भी आरोप है। आईडीएफसी में एक खाता खुलवाने में प्रक्रियागत अनियमितता का उल्लेख भी है। सीबीआई के अनुसार, दीपावली से पहले रिभव ऋषि के माध्यम से विनीत गर्ग के घर 50-50 ग्राम के दो सोने के सिक्के पहुंचाए जाने की भी जांच की गई। चार्जशीट में कॉल रिकॉर्ड और गवाहों के बयानों समेत कई साक्ष्यों का उल्लेख है।

शाइन ने 108 करोड़ की एफडी तुड़वाई, बैंक अधिकारी ने चुकाए होटल के बिल
एचपीजीसीएल के तत्कालीन प्रबंध निदेशक और अध्यक्ष मोहम्मद शाइन के कार्यकाल में आईडीएफसी फर्स्ट बैंक को सरकारी धन के निवेश में फायदा पहुंचा। जांच एजेंसी का आरोप है कि शाइन ने बैंक के तत्कालीन शाखा प्रबंधक रिभव ऋषि को अधिकारियों से मिलवाने से लेकर आईडीएफसी में 50 करोड़ रुपये जमा कराने और बाद में बैंक की 50 करोड़ रुपये की जमा सीमा हटाने तक भूमिका निभाई। चार्जशीट में रिभव ऋषि की ओर से होटल-रेस्तरां के करीब 1.67 लाख रुपये के बिल चुकाने और शाइन के घर कई बार जाने का भी उल्लेख है। नवंबर 2024 में इंडसइंड बैंक की करीब 108.46 करोड़ रुपये की एफडी समय से पहले तुड़वाकर 50 करोड़ रुपये आईडीएफसी में जमा कराए गए। इससे एचपीजीसीएल को 1.66 करोड़ रुपये ब्याज का नुकसान होने का आरोप है। बाद में वित्त विभाग में रहते हुए आईडीएफसी की जमा सीमा हटाने का भी आरोप है।

प्रदीप कुमार ने की ब्याज दरों में गड़बड़ी, बोर्ड को 159.86 करोड़ का नुकसान
हरियाणा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के तत्कालीन सदस्य सचिव प्रदीप कुमार पर निवेश में गड़बड़ी कर आईडीएफसी फर्स्ट बैंक को फायदा पहुंचाने का आरोप है। चार्जशीट के अनुसार उन्हें पता था कि आईडीएफसी बैंक में अधिकतम 50 करोड़ रुपये जमा किए जा सकते हैं फिर भी बैंक में जमा रकम 163.68 करोड़ रुपये तक पहुंच गई। आरोप है कि एक मामले में एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक की 8.45 प्रतिशत ब्याज दर को गलत तरीके से 8.25 प्रतिशत दिखाया गया। इससे आईडीएफसी की ब्याजा दर अधिक दिखाई दी। बिना हस्ताक्षर और मुहर वाली आईडीएफसी की दर भी स्वीकार की गई। 140.87 करोड़ रुपये की दो एचएआरसीओ एफडी का दोबारा निवेश नहीं किया गया। सीबीआई के अनुसार इन गड़बड़ियों से बोर्ड को ब्याज समेत 159.86 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।

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