फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Nine associates of Waris Punjab De chief Amritpal Singh detained from Jalandhar

Amritpal Singh: अमृतपाल सिंह की गिरफ्तारी के लिए तलाशी अभियान जारी, अब तक 78 लोगों को गिरफ्तार किया

Sat, 18 Mar 2023 09:43 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Sat, 18 Mar 2023 09:43 PM IST
सार

पुलिस ने इस मामले में 78 लोगों को हिरासत में लिया है। पंजाब पुलिस ने अमृतपाल सिंह के खिलाफ हेट स्पीच समेत कई अन्य मामलों में केस दर्ज कर रखा है। 

विज्ञापन
Nine associates of Waris Punjab De chief Amritpal Singh detained from Jalandhar
Amritpal Singh - फोटो : ANI

विस्तार

खालिस्तान समर्थक और कट्टरपंथी अमृतपाल सिंह पर शिकंजा कसने के लिए पंजाब पुलिस लगातार तलाशी अभियान चला रही है। हालांकि इससे पहले खबरें आईं थी कि अमृतपाल को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस ने इस मामले में 78 लोगों को हिरासत में लिया है। पंजाब पुलिस ने अमृतपाल सिंह के खिलाफ हेट स्पीच समेत कई अन्य मामलों में केस दर्ज कर रखा है। 

विज्ञापन


इस बीच, पूरे पंजाब में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। माहौल बिगड़ने की आशंका के मद्देनजर पंजाब में रविवार दोपहर तक मोबाइल इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई हैं। अमृतसर, फाजिल्का, मोगा और मुक्तसर समेत कई जिलों में धारा 144 लागू करने के साथ ही भारी सुरक्षा बल तैनात कर दिए गए हैं।
विज्ञापन


हिमाचल और जम्मू-कश्मीर से लगती पंजाब की सीमा को सील कर दिया गया है। वहीं, अमृतपाल की गिरफ्तारी की खबरें आने के बाद उसके समर्थकों ने आनंदपुर साहिब में ऊना-चंडीगढ़ मार्ग, बरनाला-फरीदकोट हाईवे और मोहाली में एयरपोर्ट रोड पर जाम लगा दिया। अमृतपाल के पैतृक स्थान अमृतसर के गांव जल्लूपुर खेड़ा के पास सुरक्षा बलों की भारी तैनाती की गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन




पुलिस घेरा देख भागा, 60 गाड़ियां लगीं पीछे
शनिवार दोपहर करीब एक बजे जैसे ही अमृतपाल का काफिला जालंधर के महितपुर गांव पहुंचा, पुलिस ने उसकी घेराबंदी कर दी। इस बीच अमृतपाल गाड़ी में बैठकर भाग निकला। पुलिस की करीब 60 गाड़ियां उसके पीछे लगी थीं। पुलिस ने सबसे पहले काफिले में आगे चल रही दो गाड़ियों में सवार छह लोगों को पकड़ा। अमृतपाल की मर्सिडीज कार काफिले में तीसरे नंबर पर थी। पुलिस को देखकर उसका ड्राइवर गाड़ी लिंक रोड की तरफ मोड़कर भगा ले गया। जालंधर और मोगा पुलिस उसके पीछे लग गई। कई किलोमीटर पीछा करने के बाद पुलिस अधिकारियों और अर्द्धसैनिक बलों के साथ अमृतपाल सिंह के काफिले को घेर लिया। 

भागते हुए का वीडियो वायरल
अमृतपाल का कार में बैठकर भागते हुए का एक वीडियो भी सामने आया। कार में उनके एक सहयोगी को यह कहते हुए सुना जा सकता है कि पुलिसकर्मी ''भाई साब'' (अमृतपाल) के पीछे थे। एक अन्य समर्थक ने एक वीडियो साझा किया जिसमें वह दावा कर रहा था कि पुलिसकर्मी उसका पीछा कर रहे हैं।


यह भी पढ़ें: Punjab: आधुनिक वाहनों में घूमते हैं गैंगस्टर और तस्कर, बोलेरो में पीछा नहीं कर पा रही सीमांत जिलों की पुलिस

इससे पहले बठिंडा के रामपुरा फूल में रखा गया अमृतपाल का समागम भी कैंसल कर दिया गया था। अमृतपाल को वहां 9:30 बजे पहुंचना था लेकिन वह नहीं पहुंचा तो स्टेज से कार्यक्रम रद्द करने का एलान कर दिया गया।

अमृतपाल पर दर्ज हैं तीन मामले
अमृतपाल के खिलाफ तीन केस दर्ज हैं। इनमें से दो मामले अमृतसर जिले के अजनाला थाने में हैं। अपने एक करीबी लवप्रीत सिंह की गिरफ्तारी से नाराज होकर अमृतपाल ने 23 फरवरी को समर्थकों के साथ अजनाला थाने पर हमला कर दिया था। इस केस में उस पर कार्रवाई नहीं होने के चलते पंजाब पुलिस की काफी आलोचना हो रही थी। अमृतपाल सिंह पर आरोप था कि वह श्री गुरु ग्रंथ साहब की आड़ लेकर थाने पहुंचा था और भीड़ को हमले के लिए उकसाया। इस हमले में एसपी समेत छह पुलिसकर्मी जख्मी हो गए थे। इसके अलावा उस पर भड़काऊ भाषण देने का केस भी दर्ज है।


ये भी पढ़ेंः How Amritpal Singh Nabbed: कैसे शिकंजे में आया अमृतपाल? पुलिस की 100 से ज्यादा गाड़ियां लगातार रहीं पीछे


पुलिस ने रात को ही कर ली थी तैयारी, गिरफ्तारी के लिए देहाती इलाके को चुना
अमृतपाल सिंह ने शनिवार को जालंधर के शाहकोट-मलसियां इलाके और बठिंडा जिले के रामपुरा फूल में कार्यक्रम रखे थे। शाहकोट-मलसियां में उसके कार्यक्रम के लिए समर्थक सुबह से जुटने लगे थे। पुलिस ने शुक्रवार रात को ही सारी तैयार कर ली थी। अमृतपाल सिंह को गिरफ्तार करने के लिए जालंधर के देहात इलाके के महितपुर को चुना, जहां से अमृतपाल सिंह का काफिला निकलना था। पूरे आपरेशन को अंजाम देने के लिए जालंधर देहात के एसएसपी स्वर्णदीप सिंह व मोगा के एसएसपी जे इलेनचेलियन को कमान सौंपी गई थी।

कौन है अमृतपाल
अमृतपाल सिंह अमृतसर के जल्लूपुर खेड़ा गांव का रहने वाला है। 12वीं पास अमृतपाल दुबई चला गया। वहां वह ट्राला चलाया करता था। बाद में ट्रांसपोर्ट के व्यवसाय से जुड़ा था। इसी दौरान वह पंजाबी एक्टर दीप सिद्धू के ''वारिस पंजाब दे'' संगठन के संपर्क में आया। सदीप सिद्धू ने 30 सितंबर, 2021 को इस संगठन की नींव रखी थी। किसान आंदोलन और उसके बाद 26 जनवरी 2021 को लाल किला हिंसा मामले में दीप सिद्धू का नाम आया। 15 फरवरी 2022 को दिल्ली से पंजाब लौटते वक्त सोनीपत के पास एक सड़क हादसे में दीप सिद्धू की मौत हो गई थी।

इस बीच अमृतपाल दुबई से लौटा और 29 सितंबर, 2022 को मोगा के गांच रोडे पहुंचा। यह गांव जरनैल सिंह भिंडरांवाले का पैतृक गांव है। अमृतपाल खुद को भिंडरांवाले का समर्थक बताते हुए 29 सितंबर को वारिस पंजाब दे संगठन का प्रमुख बन गया। यहां उसकी दस्तारबंदी की गई। इसके बाद उसने केंद्र सरकार, सेना, सरकार के सिस्टम को चुनौती देना शुरू किया। युवाओं को खालिस्तान बनाने के लिए बरगलाने लगा। उसने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को ललकारते कहा कि इंदिरा गांधी ने भी सिखों को कुचलने की कोशिश की थी, सब जानते हैं कि उनका क्या अंजाम हुआ। अब अमित शाह भी अपना चाव पूरा कर देख लें।


ये भी पढ़ेंः Amritpal Singh: पांच माह में अमृतपाल कैसे बना खालिस्तानी मूवमेंट का अगुवा, देश की एकता व अखंडता के लिए है खतरा


मोहाली में नंगी तलवारें लहराईं
अमृतपाल की गिरफ्तारी की सूचना मिलते ही कौमी इंसाफ मोर्चा के सदस्य सड़कों पर उतर गए और गिरफ्तारी के विरोध में प्रदर्शन करने लगे। नंगी तलवारों डंडों के साथ उतरे कौमी इंसाफ मोर्चा के सदस्यों ने मोहाली एयरपोर्ट रोड पर जाम दिया।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed