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Chandigarh News: दस हजार करोड़ की अवैध शराब मामले में एसआईटी की रिपोर्ट हाईकोर्ट के रिकाॅर्ड पर

Fri, 24 May 2024 05:18 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Fri, 24 May 2024 05:18 AM IST
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SIT report in illegal liquor case worth Rs. 10,000 crore on the record of High Court.
हाईकोर्ट ने मामले में हरियाणा सरकार और ईडी को पक्ष रखने का दिया आदेश
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विभिन्न स्तरों पर मांग के बावजूद सही जांच न होने का लगाया गया है आरोप

चंडीगढ़। दस हजार करोड़ की अवैध शराब तस्करी के मामले की जांच ईडी या सीबीआई से कराने की मांग को लेकर दाखिल याचिका पर सुनवाई के दौरान इस मामले में एसआईटी की मुख्यमंत्री और डीजीपी को भेजी गई रिपोर्ट याची पक्ष ने हाईकोर्ट में पेश की। इस रिपोर्ट को रिकाॅर्ड पर लेते हुए हाईकोर्ट ने सुनवाई स्थगित कर दी और सरकार व ईडी को अगली सुनवाई पर पक्ष रखने का आदेश दिया है। मामले में विजिलेंस ब्यूरो हरियाणा के सचिव पंकज अग्रवाल ने हाईकोर्ट में हलफनामा दायर कर कहा था कि हरियाणा सरकार इस मामले में गंभीर है। सरकार ने इस मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल बनाया था। उसकी रिपोर्ट के आधार पर दोषी आईएएस व आईपीएस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई भी की थी। सरकार की कोशिश है कि वो लोगों के विश्वास पर खरा उतरे व सही काम न करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करे। कोर्ट को बताया गया कि अवैध शराब मामले में गृह मंत्री ने भी जांच के लिए एक कमेटी का गठन किया था। अवैध शराब से मरने वाले के मामले की जांच के लिए सोनीपत के डीसी की अगुवाई में एक कमेटी गा गठन किया गया।


सबका मंगल हो संस्था ने एडवोकेट प्रदीप रापड़िया के माध्यम से याचिका दाखिल करते हुए हाईकोर्ट को बताया कि हरियाणा में अवैध शराब तस्करी हो रही है, विधायकों व मंत्री द्वारा इस मामले की जांच की मांग के बाद भी सरकार इस मामले की उचित जांच नहीं करवा रही है। हाई कोर्ट को बताया गया कि यह मामला अंतरराज्यीय है और इसमें मनी लॉन्ड्रिंग और भ्रष्टाचार से इनकार नहीं किया जा सकता है। विधानसभा सत्र में 10 विधायकों ने इस मामले को लेकर ध्यानाकर्षण प्रस्ताव का नोटिस भी दिया था। हाई कोर्ट को बताया गया कि तत्कालीन गृह मंत्री अनिल विज ने इस मामले की विजिलेंस जांच के आदेश भी दिए थे जबकि उपमुख्यमंत्री ने तो ऐसे किसी घोटाले से ही इनकार कर दिया था। याचिका के अनुसार इस मामले में एसआईटी की रिपोर्ट पर कोई कार्रवाई की ही नहीं गई है जिसके कारण अवैध शराब की तस्करी में शामिल असामाजिक तत्वों का हौंसला बढ़ा है। हाल ही में पानीपत और सोनीपत में अवैध शराब से 30 लोगों की जान भी जा चुकी है।
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