बहिबल कलां गोलीकांडः पंजाब के पूर्व सीएम प्रकाश सिंह बादल से एसआईटी ने की पूछताछ
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पंजाब में पवित्र ग्रंथों की बेअदबी और कोटकपूरा गोलीकांड की जांच कर रही एसआईटी ने शुक्रवार को पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल से करीब आधा घंटा पूछताछ की। एसआईटी का उनसे मुख्य सवाल यही था कि कोटकपूरा में पुलिस फायरिंग के आदेश किसने दिए थे? वहीं, बादल ने पूछताछ के बाद बताया, ‘मुझसे कोटकपूरा फायरिंग के संबंध में पूछा गया। मैंने यही कहा कि फायरिंग के आदेश मैंने नहीं दिए थे। बल्कि मैंने अपने पूरे कार्यकाल के दौरान कभी किसी मामले में फायरिंग के आदेश नहीं दिए।’
वहीं एसआईटी के अहम सदस्य आईजी कुंवर विजय प्रताप सिंह ने पूछताछ के बारे में विस्तार से कुछ भी बताने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री से जो सवाल पूछने थे, पूछ लिए गए हैं। अभी इन्हें सार्वजनिक नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि पूछताछ में बादल ने एसआईटी को पूरा सहयोग दिया है।
ये सवाल पूछे
एसआईटी सूत्रों के मिली जानकारी के अनुसार शुक्रवार को एमएलए होस्टल स्थित बादल के आवास पर पूछताछ की गई। एसआईटी के अधिकारियों ने कोटकपूरा गोलीकांड के अलावा बादल से यह भी पूछा कि पुलिस फायरिंग के आदेश अगर उन्होंने नहीं दिए थे तो क्या यह आदेश तत्कालीन डीजीपी द्वारा दिए गए? यह भी पूछा गया कि फायरिंग की घटना के बाद पूर्व मुख्यमंत्री ने इस मामले में क्या कार्रवाई की? क्या फायरिंग करने वालों का पता लगाया गया? क्या डीजीपी को इस संबंध में कोई आदेश जारी किए गए? डीजीपी ने फायरिंग के बारे में उन्हें क्या जानकारी सौंपी? सूत्रों के मुताबिक पूर्व मुख्यमंत्री ने एसआईटी को अपने जवाब में यही कहा कि उन्होंने गोली चलाने के आदेश नहीं दिए थे और न ही डीजीपी की ओर से आदेश दिए गए। उन्होंने एसआईटी के समक्ष इस प्रकरण में अपनी या अपनी सरकार की संलिप्तता से साफ इनकार किया।
जब तक एसआईटी प्रमुख नहीं आएंगे, कोई सहयोग नहीं दूंगा
शुक्रवार दोपहर सवा दो बजे एमएलए होस्टल में एसआईटी की तरफ से सबसे पहले आईजी कुंवर विजय प्रताप सिंह पहुंचे। उनसे सबसे पहले बिक्रम सिंह मजीठिया ने हाथ मिलाया। इसके बाद प्रकाश सिंह बादल ने कुंवर विजय प्रताप का दरवाजे पर खड़े होकर स्वागत किया। हालांकि इसके बाद उन्होंने साफ कर दिया कि वे पूछताछ में उन्हें कोई सहयोग नहीं देंगे। उन्होंने इसके लिए एसआईटी प्रमुख प्रबोध कुमार को ही बुलाने और उनसे बात कराने को कहा।
बादल ने प्रबोध कुमार से फोन पर बातचीत करते हुए कहा कि वे खुद आकर जो पूछना चाहते हैं, पूछ लें। पहले तो प्रबोध कुमार ने आने में असमर्थता जाहिर की। लेकिन इस पर बादल ने उनसे कहा कि अगर आप नहीं आ सकते तो मैं आपके पास आ जाता हूं। इसके बाद प्रबोध कुमार 15 मिनट में ही 2.40 बजे बादल के आवास पर पहुंच गए और उनसे पूछताछ की। गौरतलब है कि एक दिन पहले ही शिरोमणि अकाली दल (शिअद) ने एसआईटी से कुंवर विजय प्रताप सिंह को हटाने की मांग की थी। शिअद ने आरोप लगाया था कि कुंवर विजय प्रताप किसी निजी हित के लिए अकाली दल की छवि खराब करने की कोशिश कर रहे हैं।