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सिप्पी हत्याकांड में छोटे भाई ने बताया जान का खतरा
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चंडीगढ़। राष्ट्रीय स्तर के निशानेबाज व वकील सुखमनप्रीत सिंह सिद्धू उर्फ सिप्पी की हत्या के मामले में जैसे-जैसे सीबीआई की जांच आगे बढ़ रही है, परिवार पर खतरा मंडराता जा रहा है। सिप्पी के छोटे भाई जिप्पी ने कहा कि उन्हें सीबीआई पर पूरा भरोसा है। सीबीआई हत्याकांड के तह तक जाकर आरोपियों को सजा दिलाएगी।
रविवार को जिप्पी सिद्धू ने अमर उजाला को बताया कि सीबीआई अदालत की ओर से पॉलीग्राफ टेस्ट की मंजूरी का फैसला सराहनीय है। जैसे-जैसे केस आगे बढ़ रहा है, हाई प्रोफाइल लोगों का नाम इससे जुड़ता जा रहा है और उन्हें व उनके परिवार पर खतरा मंडराता दिख रहा है। उनके परिवार पर कब हमला हो जाए, इसका कोई पता नहीं है। उन्हें शक है कि इसमें केस से जुड़े कुछ हाई प्रोफाइल लोगों का हाथ भी हो सकता है। सिप्पी की हत्या के बाद वह ही घर के इकलौते बेटे रह गए हैं। इसे लेकर जल्द ही सीबीआई में शिकायत देंगे ताकि उन्हें सुरक्षा मुहैया करवाई जा सके। सिप्पी की मां दीपिंदर कौर ने कहा कि पांच साल से वह बेटे को इंसाफ दिलाना चाह रही हैं। उन्हें सीबीआई पर पूरा भरोसा है। बता दें कि सीबीआई की विशेष अदालत ने सिमरन दीप सिंह और करमपाल के पॉलीग्राफ टेस्ट कराने की मंजूरी दी थी।
गौर रहे कि सुखमनप्रीत सिंह उर्फ सिप्पी का शव 20 सितंबर 2015 की रात सेक्टर-27 के नेबरहुड पार्क में मिला था। सिप्पी की हत्या चार गोलियां मारकर की गई थीं। 22 जनवरी 2016 को यूटी पुलिस ने जिला अदालत में बताया कि मामला सीबीआई को सौंप दिया गया है। सीबीआई ने 13 अप्रैल 2016 को अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज किया था। हत्या के बाद पहले यूटी पुलिस ने एसआईटी बनाकर जांच शुरू की, लेकिन जांच फेल साबित हुई। सिप्पी के परिवार वालों ने इस मामले में राजस्थान की जज की बेटी पर आरोप लगाए थे। उससे पूछताछ के लिए सीबीआई ने दिल्ली हेडक्वार्टर से इजाजत मांगी थी। हेडक्वार्टर से हरी झंडी ही मिली गई थी, जिसके बाद उससे पूछताछ भी की गई, लेकिन सीबीआई मामले में कुछ भी सामने लाने में अब तक विफल रही है।
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रविवार को जिप्पी सिद्धू ने अमर उजाला को बताया कि सीबीआई अदालत की ओर से पॉलीग्राफ टेस्ट की मंजूरी का फैसला सराहनीय है। जैसे-जैसे केस आगे बढ़ रहा है, हाई प्रोफाइल लोगों का नाम इससे जुड़ता जा रहा है और उन्हें व उनके परिवार पर खतरा मंडराता दिख रहा है। उनके परिवार पर कब हमला हो जाए, इसका कोई पता नहीं है। उन्हें शक है कि इसमें केस से जुड़े कुछ हाई प्रोफाइल लोगों का हाथ भी हो सकता है। सिप्पी की हत्या के बाद वह ही घर के इकलौते बेटे रह गए हैं। इसे लेकर जल्द ही सीबीआई में शिकायत देंगे ताकि उन्हें सुरक्षा मुहैया करवाई जा सके। सिप्पी की मां दीपिंदर कौर ने कहा कि पांच साल से वह बेटे को इंसाफ दिलाना चाह रही हैं। उन्हें सीबीआई पर पूरा भरोसा है। बता दें कि सीबीआई की विशेष अदालत ने सिमरन दीप सिंह और करमपाल के पॉलीग्राफ टेस्ट कराने की मंजूरी दी थी।
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गौर रहे कि सुखमनप्रीत सिंह उर्फ सिप्पी का शव 20 सितंबर 2015 की रात सेक्टर-27 के नेबरहुड पार्क में मिला था। सिप्पी की हत्या चार गोलियां मारकर की गई थीं। 22 जनवरी 2016 को यूटी पुलिस ने जिला अदालत में बताया कि मामला सीबीआई को सौंप दिया गया है। सीबीआई ने 13 अप्रैल 2016 को अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज किया था। हत्या के बाद पहले यूटी पुलिस ने एसआईटी बनाकर जांच शुरू की, लेकिन जांच फेल साबित हुई। सिप्पी के परिवार वालों ने इस मामले में राजस्थान की जज की बेटी पर आरोप लगाए थे। उससे पूछताछ के लिए सीबीआई ने दिल्ली हेडक्वार्टर से इजाजत मांगी थी। हेडक्वार्टर से हरी झंडी ही मिली गई थी, जिसके बाद उससे पूछताछ भी की गई, लेकिन सीबीआई मामले में कुछ भी सामने लाने में अब तक विफल रही है।
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