{"_id":"5ae1f9dd4f1c1b23338b5336","slug":"sikhs-will-not-have-problems-of-identity-in-abroad","type":"story","status":"publish","title_hn":"अब विदेश में सिखों के पहचान की मुश्किलें होंगी खत्म, विशेष दस्तावेज हुआ जारी ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अब विदेश में सिखों के पहचान की मुश्किलें होंगी खत्म, विशेष दस्तावेज हुआ जारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Fri, 27 Apr 2018 09:40 AM IST
विज्ञापन
सिख
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अब विदेशों में पहचान की दुविधा के कारण सिखों को मुश्किलें नहीं होंगी। इनके हल के लिए शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की ओर से वीरवार को बहादुरगढ़ में जत्थेदार गुरचरन सिंह टोहड़ा इंस्टीट्यूट में आयोजित बैठक में सिख धर्म के विभिन्न पहलुओं को दर्शाता विशेष दस्तावेज जारी किया गया। एसजीपीसी प्रधान गोबिंद सिंह लोंगोवाल ने इसे जारी किया।
विज्ञापन
लोंगोवाल ने बताया कि अंग्रेजी में तैयार इस अहम दस्तावेज में सिख धर्म के इतिहास के अलावा सिख पहचान, सिखों के विदेशों में बसने के प्राथमिक दौर संबंधी जानकारी, सिखों की विश्वस्तरीय प्राप्तियों, विदेशों अंदर वर्तमान स्थिति, कारोबार, सिख सभ्याचार की संपन्नता, सिखों के अन्य धर्मों के लोगों से भाईचारक संबंधों संबंधी जानकारी दी गई है। इसमें पहली विश्व जंग से लेकर वर्तमान समय तक सिखों के इतिहास और विश्वस्तरीय प्राप्तियों का जिक्र किया गया है।
विज्ञापन
इसके साथ ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर राजनीतिक, सामाजिक, व्यापारिक, प्रशासनिक व धार्मिक क्षेत्र से संबंधित शख्सियतों के जिक्र को भी इसमें विशेष स्थान दिया गया। विदेशों में पुरातन समय से सिख गुरुद्वारों की स्थापना और उनकी ओर से सरबत के भले के लिए डाले योगदान को भी दर्शाया गया है।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि शिरोमणि कमेटी सिखों के मसलों को लेकर गंभीर है। इसके तहत विदेशों में सिख पहचान की दुविधा के हल के लिए प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस विशेष दस्तावेज को विभिन्न देशों की एंबेसियों, सरकारों तक भेजा जाएगा। इसकी कॉपी सचखंड श्री हरमंदिर साहिब के दर्शन के लिए आने वाले हर विदेशी नुमाइंदे को भी दी जाया करेगी।