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किसानों को संकट से निकालने के लिए सिद्धू ने दिया चार सूत्रीय फॉर्मूला
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Thu, 15 Jun 2017 09:22 AM IST
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- फोटो : File Photo
स्थानीय निकाय मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू किसानों को संकट से बाहर निकालने का फॉर्मूला लेकर आए हैं। बुधवार को विधानसभा सत्र के पहले दिन पत्रकारों से बातचीत में सिद्धू ने कहा कि सरकार किसानों का कर्ज माफ करने के लिए वचनबद्ध है। पर बाद में उनकी आर्थिकता को मजबूत करना सरकार की प्राथमिकता है।
सिद्धू ने सुझाव दिया कि पांच एकड़ से कम जमीन वाले किसानों को मनरेगा के दायरे में लाया जाए। अपने खेत में खेती के लिए उन्हें मनरेगा के तहत मजदूरी दी जाए। उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य लागत के अनुपात में बढ़ाया जाए। अगर पिछले कुछ सालों में डीजल की कीमत तीन गुना बढ़ सकती है तो एमएसपी को क्यों नहीं बढ़ाया जा सकता। उन्होंने तीसरा सुझाव दिया कि कर्ज देने वाले के पास लाइसेंस होना चाहिए।
कर्ज की रकम चेक केजरिए दी जाए। इसकेअलावा सिद्धू ने आखिरी सुझाव दिया कि सर छोटू राम का फॉर्मूला लागू किया जाना चाहिए। जिसकेतहत किसी भी किसान से मूल रकम से दोगुना से ज्यादा वसूल नहीं किया जा सकता। मंत्री ने कहा कि उन्होंने वित्तमंत्री मनप्रीत बादल को सारे सुझाव दिए हैं। जल्द ही वह कर्ज माफी के संबंध में सीएम द्वारा गठित डॉ. टी हक की कमेटी को भी सुझाव देंगे। इनके लागू होने केसवाल पर सिद्धू ने कहा कि सरकार चाहे तो दो महीने में लागू हो सकते हैं।
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कर्ज माफी से पीछे हटने का सवाल नहीं : सीएम
विधानसभा केसत्र के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि सरकार किसानों का कर्ज माफ करने को वचनबद्ध है। सरकार ने हाल ही में कुर्की का अंत करके अपना वादा पूरा किया है। कर्ज माफी के वादे से पीछे हटने का सवाल ही नहीं उठता। जल्द ही किसानों केकर्ज का हल किया जाएगा। जायदाद कुर्क न होना भी यकीनी बनाया जाएगा।
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सिद्धू ने सुझाव दिया कि पांच एकड़ से कम जमीन वाले किसानों को मनरेगा के दायरे में लाया जाए। अपने खेत में खेती के लिए उन्हें मनरेगा के तहत मजदूरी दी जाए। उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य लागत के अनुपात में बढ़ाया जाए। अगर पिछले कुछ सालों में डीजल की कीमत तीन गुना बढ़ सकती है तो एमएसपी को क्यों नहीं बढ़ाया जा सकता। उन्होंने तीसरा सुझाव दिया कि कर्ज देने वाले के पास लाइसेंस होना चाहिए।
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कर्ज की रकम चेक केजरिए दी जाए। इसकेअलावा सिद्धू ने आखिरी सुझाव दिया कि सर छोटू राम का फॉर्मूला लागू किया जाना चाहिए। जिसकेतहत किसी भी किसान से मूल रकम से दोगुना से ज्यादा वसूल नहीं किया जा सकता। मंत्री ने कहा कि उन्होंने वित्तमंत्री मनप्रीत बादल को सारे सुझाव दिए हैं। जल्द ही वह कर्ज माफी के संबंध में सीएम द्वारा गठित डॉ. टी हक की कमेटी को भी सुझाव देंगे। इनके लागू होने केसवाल पर सिद्धू ने कहा कि सरकार चाहे तो दो महीने में लागू हो सकते हैं।
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कर्ज माफी से पीछे हटने का सवाल नहीं : सीएम
विधानसभा केसत्र के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि सरकार किसानों का कर्ज माफ करने को वचनबद्ध है। सरकार ने हाल ही में कुर्की का अंत करके अपना वादा पूरा किया है। कर्ज माफी के वादे से पीछे हटने का सवाल ही नहीं उठता। जल्द ही किसानों केकर्ज का हल किया जाएगा। जायदाद कुर्क न होना भी यकीनी बनाया जाएगा।