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शर्मनाक: उम्र 80 पार और पेंशन के लिए खा रहे फटकार, मारे गए धक्के

Fri, 20 Jan 2017 06:01 PM IST
दीपक शाही/अमर उजाला, पंचकूला(हरियाणा)
दीपक शाही/अमर उजाला, पंचकूला(हरियाणा) Updated Fri, 20 Jan 2017 06:01 PM IST
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side effect of note ban, misbehave with senior citizens visitied to bank for pension at panchkula
पंचकूला के उप डाकघर गुरुकुल में बुजुर्गों और निशक्तों से बदसलूकी
80 पार हमारी उम्र हो चुकी है, लेकिन पेंशन के लिए अपने से छोटों की फटकार सुननी पड़ रही है। वो भी सिर्फ प्रधानमंत्री मोदी के एक फैसले के कारण। ये कहना है कि उन बुजुर्गों का, जो पेंशन लेने के लिए डाकघर पहुंचे तो उन्हें फटकारा गया, उनके फार्म फाड़ दिए गए और उन्हें धक्के तक मारे गए। मामला हरियाणा के पंचकूला का है। पेंशन लेने पहुंचे बुजुर्गों से दुर्व्यवहार का मामला सामने आया है।
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बुजुर्गों को सम्मान तो दूर, उनसे सहज तरीके से कोई बात करने को भी तैयार नहीं था।  उप डाकघर में तैनात मुलाजिमों के इस रवैये से पेंशन लेने पहुंचीं बुजुर्ग महिलाओं की आंखों में आंसू निकल रहे हैं। कसूर सिर्फ इतना था कि ब्लाइंड, बुजुर्ग महिलाओं व निशक्तों के पास चार सौ रुपये नहीं थे। वह बार बार काउंटर पर बैठे बाबुओं से गुहार लगा रहे थे कि तीन दिन से वह पेंशन के लिए चक्कर काट रहे हैं।
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वह गरीब हैं, चार सौ रुपये कहां से लाएं। लेकिन उप डाकघर के काउंटर पर तैनात मुलाजिम उनकी बात सुनने को तैयार नहीं थे। वीरवार को सैकड़ों वरिष्ठ नागरिक पेंशन लेने के लिए पहुंचे थे और आंखों में आंसू लेकर लौट गए। बता दें कि नोटबंदी के बाद केंद्र सरकार ने हर तरह से वरिष्ठ नागरिकों के सुविधाएं मुहैया कराई हैं। लेकिन नोटबंदी के 72 दिन बाद भी बुजुर्गों के साथ ऐसा दुर्व्यवहार हर किसी को बेचैन करने वाला है। 
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कर्मी बोले, खुल्ले पैसे दो और पेंशन ले जाओ

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पंचकूला के उप डाकघर गुरुकुल में बुजुर्गों और निशक्तों से बदसलूकी
दरअसल हर माह बुजुर्गों को पेंशन के 1600 रुपये मिलते हैं। वीरवार को ओल्ड पंचकूला के उप डाकघर गुरुकुल में तैनात मुलाजिमों ने पेंशन देने के बजाय उनसे कहा कि चार सौ रुपये दो और दो हजार का नोट ले जाओ। क्योंकि उनके पास खुल्ले नहीं है।

अब सवाल ये है कि क्या बुजुर्गों को पेंशन लेने के लिए चार सौ रुपये लेकर जाना पड़ेगा। तभी उन्हें पेंशन मिलेगी। बाबुओं इतनी जहमत नहीं उठाई कि वह किसी बैंक से खुल्ले पैसे ले आएं और इन वरिष्ठ नागरिकों को सम्मान के साथ पेंशन दें।

बुजुर्गों को सरकारी आदर सम्मान
जिला प्रशासन वरिष्ठ नागरिकों के आदर सम्मान के लिए हर संभव कोशिश करता है। इसी के तहत कई संस्थाएं भी इनके लिए काम कर रही हैं। साथ ही बच्चों और युवाओं को भी जागरूक किया जाता है। लेकिन केंद्र सरकार के अधीन कार्य करने वाले अधिकारियों का यह व्यवहार सरकार के कान खड़े करने वाला है।  

खाता संख्या में गलती हुई तो फाड़ा फार्म
95 वर्षीय अच्छरो देवी ने बताया कि डाकघर में कोई भी फार्म भरने में मदद नहीं करता है। 75 वर्षीय यशोदा देवी ने बताया कि वह पढ़ीलिखी नहीं हैं। किसी तरह दूसरों से पेंशन का फॉर्म भरवाकर लाइन में लगी थी। खाता संख्या में कुछ गलती हो गई थी तो बाबू ने फटकार मारकर फार्म फाड़ दिया।

फार्म फाड़कर धक्के मारे : रोशनी देवी

शांति देवी ने बताया कि यहां के मुलाजिम पेंशन नहीं दे रहे हैं, वह वरिष्ठ नागरिकों के साथ बदसलूकी करते हैं। 80 वर्षीय रोशनी देवी और 73 वर्षीय यशोदा ने बताया कि उनके पास चार सौ रुपये नहीं हैं। इस पर उन्हें पेंशन देने से इंकार किया जा रहा है। मुलाजिम बोल रहे हैं कि पेंशन लेना है तो चार सौ रुपये लेकर आओ। तभी पेंशन मिलेगी। दोबारा पेंशन लेने गई तो गुस्से में फार्म ही फाड़ दिया और धक्के मारे, उनके साथ बदसलूकी की।

हजारों पेंशनर्स को सिर्फ एक मुलाजिम कैसे हैंडल कर सकता है। इस संबंध में डाकघर के आला अधिकारियों को सोचना चाहिए। इसके अलावा 1600 रुपये पेंशन के लिए दो-दो हजार रुपये के नोट भेजकर और दिक्कत बढ़ा दी गई। इस बारे में पता किया जाएगा कि ऐसा क्यों हो रहा है।
- जगदीश गुलाटी, सुपरिंटेंडेंट डाकघर अंबाला

धारा 166 के तहत पब्लिक सर्वेंट को जो काम दिया है अगर वह सही तरीके से नहीं करता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई हो सकती है। उसे एक साल तक की सजा का भी प्रावधान है। वहीं दि मेंटिनेंशन एंड वेलफेयर ऑफ पैरेंट्स एंड सीनियर सिटीजन एक्ट 2007 के तहत जो भी पब्लिक ऑफिंसेज हैं, उनमें वरिष्ठ नागरिकों के लिए सुविधाएं बढ़ाने के भी आदेश हैं। साथ ही इसकी रिपोर्ट विभाग के कंसर्न मंत्री को भी भेजनी जरूरी है।
- दिनेश कुमार जांगड़ा, एडवोकेट पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट चंडीगढ़
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