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नहीं सुलझा श्याम मॉल के मालिक का मर्डर केस, क्लोजर रिपोर्ट
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Wed, 10 Feb 2016 08:56 AM IST
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चंडीगढ़ के चर्चित श्याम शॉपिंग मॉल के मालिक अमरजीत सिंह की हत्या की पहेली सात साल बाद भी अनसुलझी है। सीबीआई द्वारा सीजेएम कोर्ट में दायर दूसरी क्लोजर रिपोर्ट को अदालत ने मंगलवार को स्वीकार कर लिया। इससे पहले सीबीआई ने पिछले साल दूसरी क्लोजर रिपोर्ट अदालत को सौंपी थी।
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इसका मृतक अमरजीत सिंह के बेटे गगनदीप खुराना ने विरोध किया था। गगनदीप की ओर से उनके वकील ने कोर्ट में कहा था कि जांच एजेंसी ने ठीक से और साइंटिफिक तरीके से केस की जांच नहीं की। वहीं कोर्ट ने सीबीआई की नवंबर 2012 में सौंपी पहली क्लोजर रिपोर्ट को खारिज कर केस की पुन: जांच के आदेश दिए थे।
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बंगाली गिरोह से नहीं निकला कुछ
सीबीआई ने इस केस में शुरुआत में सामने आए एक बंगाली गिरोह के सदस्यों से भी पूछताछ की थी। इन्हें यूटी पुलिस ने एक आपराधिक केस में नवंबर 2009 में गिरफ्तार किया था।
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इन पर अमरजीत सिंह की हत्या का शक जताया गया था। उनसे पूछताछ में सीबीआई को कुछ हाथ नहीं लगा था। अमरजीत सिंह के परिवार ने इन सदस्यों के पॉलीग्राफ टेस्ट करवाने की अपील की थी।
शुरुआती जांच ही ठीक नहीं
केस की शुरुआती जांच यूटी पुलिस के पास थी। सीबीआई सूत्रों की मानें तो मामले की शुरुआत में सेक्टर-34 थाना पुलिस में दर्ज मामले की जांच ठीक से नहीं की गई। मृतक अमरजीत सिंह और संदिग्धों की कॉल रिकार्ड और उनके मोबाइल टॉवर की लोकेशन ठीक से नहीं ली गई। इसके अलावा मृतक का मोबाइल भी पुलिस हासिल नहीं कर सकी थी। वहीं घटना स्थल के पास लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज भी नहीं ली गई थी।
ये है मामला
छह मई 2009 को श्याम फैशन मॉल के मालिक अमरजीत सिंह खुराना की सेक्टर-35 स्थित उनके निवास के बाहर रात में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इसकी जांच चंडीगढ़ पुलिस कर रही थी, लेकिन अक्तूबर 2010 में पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश के बाद इसकी जांच सीबीआई को सौंप दी गई।
28 अक्तूबर 2010 को ही सीबीआई ने इस केस में नई एफआईआर दर्ज की। जांच के दौरान सीबीआई को न तो सबूत मिला और न ही हत्या में शामिल किसी अपराधी को पकड़ पाई। दो साल तक जांच करने के बाद कोई सफलता नहीं मिलने पर सीबीआई ने 27 नवंबर 2012 को कोर्ट में क्लोजर रिपोर्ट दायर की।
सीबीआई ने क्लोजर रिपोर्ट दायर करने के पीछे कोई ठोस सबूत नहीं मिलने की बात कही। पहली क्लोजर रिपोर्ट खारिज होने के बाद सीबीआई ने जनवरी 2015 में चीफ ज्यूडीशियल मजिस्ट्रेट की अदालत में दूसरी बार केस में क्लोजर रिपोर्ट दायर की है। दूसरी क्लोजर रिपोर्ट में भी जांच एजेंसी ने वहीं तर्क दिए थे, जो पहली बार दिए थे। इस बार भी मृतक के बेटे ने वकील के जरिए क्लोजर रिपोर्ट का विरोध किया था।
मई 2009: अमरजीत सिंह की सेक्टर-35 स्थित कोठी के बाहर गोली मार हत्या।
अक्तूबर 2009: परिजनों की मांग पर केस की जांच सीबीआई को सौंपी गई।
नवंबर 2012: सीबीआई ने कोर्ट में पहली क्लोजर रिपोर्ट सौंपी।
अगस्त 2014: कोर्ट ने क्लोजर रिपोर्ट खारिज कर केस की नए सिरे से जांच के आदेश दिए।
जनवरी 2015: जांच एजेंसी ने दूसरी बार क्लोजर रिपोर्ट सौंपी।
फरवरी 2016: सीजेएम कोर्ट ने क्लोजर रिपोर्ट मंजूर की।