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करतारपुर कॉरिडोर के बाद जलियांवाला बाग गलियारा भी बनाया जाएगा, बनी रही योजना: श्वेत मलिक
Tue, 09 Apr 2019 10:21 AM IST
देव कश्यप
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अमृतसर(पंजाब)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अमृतसर(पंजाब)
Published by: देव कश्यप
Updated Tue, 09 Apr 2019 10:21 AM IST
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श्वेत मलिक (फाइल फोटो)
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करतारपुर कॉरिडोर के बाद श्री हरमंदिर साहिब गलियारा की तर्ज पर जलियांवाला बाग गलियारा भी बनाया जाएगा। केंद्र सरकार इसके लिए एक योजना बना रही है। जलियांवाला बाग यादगारी ट्रस्ट शहीदों की इस स्थली के विकास के लिए पहले चरण में 19 करोड़ 36 लाख की राशि खर्च कर रही है।
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पहले चरण के विकास कार्यों के लिए केंद्र सरकार ने टेंडर जारी कर दिए हैं। गलियारे का निर्माण दूसरे चरण में शुरू होगा। इस बात की जानकारी ट्रस्ट के सदस्य सांसद श्वेत मालिक ने दी है। मलिक के अनुसार, जलियांवाला बाग के साथ सटे कुछ घरों व दुकानों को खरीदा जाएगा।
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जिन लोगों से घर व दुकानें खरीदी जाएंगी, उनको ट्रस्ट उसी तरह मुआवजा देगा जैसे श्री हरमंदिर साहिब गलियारा के निर्माण के समय दिया गया था। इन घरों को गिराकर गलियारे का निर्माण किया जाएगा। जलियांबाग से श्री हरमंदिर साहिब के दर्शन हों, इसलिए गलियारे का निर्माण कराया जाएगा।
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एक परेड का आयोजन भी किया जाएगा
श्वेत मलिक ने बताया की पहले चरण में जलियांवाला बाग में अटारी वाघा सीमा पर होने वाली सेरेमनी की तरह एक परेड का आयोजन किया जाएगा। यह परेड बीएसएफ के जवानों की ओर से की जाएगी। परेड के बारे में केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह के समक्ष एक प्रस्ताव रखा गया है।
जरनल डायर की गोलियों से बचने के लिए सैकड़ों लोगों ने शहीदी कुएं में छलांग मारकर जान दी थी। इस कुएं की वास्तविक गहराई की जानकारी देते हुए उस घटना को एक विशेष तकनीक से चित्रित किया जाएगा। नवगठित ट्रस्ट एक बड़े हॉल में 4डी दस्तावेजी फिल्म के माध्यम से पर्यटकों को जलियांवाला बाग की घटना की जानकारी दी जाएगी।
एक वातानुकूल दर्शक दीर्घा का निर्माण किया जाएगा, जहां जलियांवाला बाग के शहीदों की फोटो रखी जाएंगी। बाग में फाउंटेन, विशेष लाइटिंग व अन्य बुनियादी ढांचे का निर्माण किया जाएगा। बाग के कई स्थानों पर एलईडी स्क्रीन लगाई जाएगी। उन दीवारों को भी संरक्षित किया जाएगा, जहां आज भी गोलियों के निशान हैं।
जरनल डायर की गोलियों से बचने के लिए सैकड़ों लोगों ने शहीदी कुएं में छलांग मारकर जान दी थी। इस कुएं की वास्तविक गहराई की जानकारी देते हुए उस घटना को एक विशेष तकनीक से चित्रित किया जाएगा। नवगठित ट्रस्ट एक बड़े हॉल में 4डी दस्तावेजी फिल्म के माध्यम से पर्यटकों को जलियांवाला बाग की घटना की जानकारी दी जाएगी।
एक वातानुकूल दर्शक दीर्घा का निर्माण किया जाएगा, जहां जलियांवाला बाग के शहीदों की फोटो रखी जाएंगी। बाग में फाउंटेन, विशेष लाइटिंग व अन्य बुनियादी ढांचे का निर्माण किया जाएगा। बाग के कई स्थानों पर एलईडी स्क्रीन लगाई जाएगी। उन दीवारों को भी संरक्षित किया जाएगा, जहां आज भी गोलियों के निशान हैं।
'गलियारे ने नाम पर अमृतसर के लोगों को न उजाड़ा जाए'
पूर्व मंत्री प्रोफेसर लक्ष्मी कांता चावला ने जलियांवाला बाग गलियारे के निर्माण का विरोध किया है। उन्होंने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार जलियांवाला बाग के आसपास कोई नया गलियारा बनाने की बात करने से पहले यह सोच लें कि पिछला गलियारा बनाने में हजारों परिवार उजाड़े गए थे। हजारों लोगों का रोजगार छीन लिया गया था।
इसी का परिणाम है कि 2017 के विधानसभा चुनाव में भाजपा-अकाली सरकार अमृतसर में पूरी तरह साफ हो गई थी। श्वेत मलिक और गुरजीत औजला को विनम्र चेतावनी है कि अगर 2015-16 की तरह फिर सुंदर शहर बनाने के नाम पर अमृतसरियों को उजाड़ा तो जनता सहन नहीं करेगी।
इसी का परिणाम है कि 2017 के विधानसभा चुनाव में भाजपा-अकाली सरकार अमृतसर में पूरी तरह साफ हो गई थी। श्वेत मलिक और गुरजीत औजला को विनम्र चेतावनी है कि अगर 2015-16 की तरह फिर सुंदर शहर बनाने के नाम पर अमृतसरियों को उजाड़ा तो जनता सहन नहीं करेगी।