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अमर उजाला संवाद पंजाब: शुद्धि हिम्स के फाउंडर आचार्य मनीष का दावा- एलोपैथी किसी बीमारी को खत्म नहीं करती
Mon, 07 Aug 2023 04:23 PM IST
निवेदिता वर्मा
डिजिटल डेस्क, चंडीगढ़
डिजिटल डेस्क, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Mon, 07 Aug 2023 04:23 PM IST
सार
आचार्य मनीष ने कहा कि किडनी फेल पर हमने एक ऑब्जर्वेशन रिपोर्ट तैयार की। 100 किडनी के मरीज पर रिसर्च किया गया। इसमें 72 लोगों की डायलिसिस तीन महीने में खत्म हो गई। उन्होंने यह भी कहा पीएम मोदी के छोटे भाई का इलाज भी हमारे अस्पताल में हो रहा।
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मंच पर पहुंचे शुद्धि हिम्स के फाउंडर आचार्य मनीष
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
अमर उजाला संवाद पंजाब में शुद्धि हिम्स के फाउंडर आचार्य मनीष ने आयुर्वेद की खासियतों पर बात की। मनीष जी ने बताया कि बचपन में बहुत बीमार रहते थे। कई जगह इलाज करवाया लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। एक ज्योतिषी ने बताया कि सनी खराब है, उसका भी उपचार किया गया लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। इसके बाद मौसा जी के पास गए। मौसा जी आयुर्वेद के डॉक्टर थे।
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एलोपैथिक की कोई दवा किसी बीमारी को खत्म नहीं करती
मनीष जी ने कहा कि एलोपैथिक की कोई भी दवा किसी बीमारी को खत्म नहीं करती, उन्होंने यह भी कहा कि अगर कोई एक भी दवा का नाम बता दे तो मैं ₹100000 का इनाम दूंगा। उन्होंने कहा कि आज हमारे आयुर्वेदिक के पूरे भारत में 21 हॉस्पिटल और 120 क्लीनिक खुल गए हैं। पंजाब के डेराबस्सी में hims के नाम पर पहला अस्पताल बनाया।
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मनीष जी ने कहा कि किडनी फेल पर हमने एक ऑब्जर्वेशन रिपोर्ट तैयार की। 100 किडनी के मरीज पर रिसर्च किया गया। इसमें 72 लोगों की dialysis तीन महीने में खत्म हो गई। उन्होंने यह भी कहा पीएम मोदी के छोटे भाई का इलाज भी हमारे अस्पताल में हो रहा।
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बीमारी का मैनेजमेंट आयुर्वेद के पास हो
उन्होंने यह कहा कि बीमारी का मैनेजमेंट आयुर्वेद के पास होना चाहिए और आपात स्थिति एलोपैथी के पास होनी चाहिए। उन्होंने कहा की एलोपैथी और विज्ञान की बात हर 10 साल में बदल जाती है। लेकिन आयुर्वेद का कोई तथ्य नहीं बदला है। उन्होंने कहा कि देश को आजाद हुए 75 साल हो गए लेकिन अभी भी आयुर्वेद को बढ़ावा नहीं मिल रहा। हालांकि अभी सरकार आयुर्वेद को बढ़ावा दे रही। आयुष्मान के कार्ड एलोपैथिक में चल रही है मगर आयुर्वेद में यह कार्ड नहीं चल रहे हैं। आयुर्वेद की दवाओं की विश्वसनीयता पर आचार्य मनीष ने कहा कि हर दवा सर्टिफाइड होती है। उन्होंने उपवास के महत्व पर भी बात की और कहा कि उपवास से कई चीजें सही हो सकती हैं। आयुष मंत्रालय में रजिस्ट्रेशन के बगैर कोई भी आदमी आयुर्वेद की दवा नहीं बेच सकता।