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भंडारा कमेटियों के लिए श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड का फरमान- 21 जून तक निर्धारित कर लें जगह
Wed, 29 May 2019 11:38 AM IST
खुशबू गोयल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फिरोजपुर(पंजाब)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फिरोजपुर(पंजाब)
Published by: खुशबू गोयल
Updated Wed, 29 May 2019 11:38 AM IST
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अमरनाथ यात्रा
- फोटो : फाइल फोटो
श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड ने सभी भंडारा कमेटियों को पत्र लिखते हुए आदेश जारी किए हैं कि वे 21 से 27 जून के बीच अपने-अपने भंडारा स्थल निर्धारित कर लें। वहीं शर्त रखी गई है कि 21 जून से पहले कोई भंडारा वाहन जम्मू-कश्मीर में पहुंचे। श्राइन बोर्ड के इस फरमान से भंडारा कमेटियों में रोष है।
उनका कहना है कि इतने कम समय में दुर्गम इलाकों तक भंडारा सामग्री पहुंचाना बेहद कठिन होगा। इस संबंधी श्री अमरनाथ बर्फानी लंगर आर्गनाइजेशन (एसएबीएलओ) ने श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड (एसएएसबी) के सीईओ उमंग नरूला को पत्र लिखकर समयावधि बढ़ाने की मांग की है।
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उनका कहना है कि इतने कम समय में दुर्गम इलाकों तक भंडारा सामग्री पहुंचाना बेहद कठिन होगा। इस संबंधी श्री अमरनाथ बर्फानी लंगर आर्गनाइजेशन (एसएबीएलओ) ने श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड (एसएएसबी) के सीईओ उमंग नरूला को पत्र लिखकर समयावधि बढ़ाने की मांग की है।
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एसएबीएलओ के महासचिव राजन गुप्ता ने बताया कि एसएएसबी की तरफ से मिले पत्र में लिखा है कि 21 जून से पहले भंडारा वाहन जम्मू-कश्मीर में प्रवेश न करें। 27 जून तक निर्धारित किए गए भंडारा स्थलों तक पहुंचकर भंडारा लगाएं। इसके जवाब में गुप्ता ने पत्र लिखते हुए कहा है कि इतने कम समय में ऊंचाई वाले स्थलों जैसे शेषनाग, पंजतरणी, चंदनवारी व पवित्र गुफा तक भंडारा सामग्री नहीं पहुंचाई जा सकती है। बोर्ड के अधिकारियों ने उक्त आदेश पर पुनर्विचार करने की मांग की है।
गुप्ता ने कहा कि यदि भंडारा वाहन 21 जून को अल सुबह जम्मू-कश्मीर में प्रवेश करते हैं तो ही वे 23 जून तक बालटाल व चंदनवारी के शिविर तक पहुंच जाएंगे। उन्होंने स्पष्ट किया है कि भंडारा शुरू करने से पहले आवश्यक व्यवस्था करने के लिए सिर्फ 7 दिनों का समय पर्याप्त नहीं है। बालटाल और चंदनवारी के बेस कैंप तक पहुंचने में न्यूनतम 2 दिन का समय लगेगा। खराब मौसम के कारण रास्ते में रुकावट भी आ सकती है। यदि भंडारा स्थल तक पहुंचने तक का समय न बढ़ाया गया तो भंडारे लगाने में देरी होगी जिससे श्रद्धालुओं को परेशानी हो सकती है।
गुप्ता ने कहा कि यदि भंडारा वाहन 21 जून को अल सुबह जम्मू-कश्मीर में प्रवेश करते हैं तो ही वे 23 जून तक बालटाल व चंदनवारी के शिविर तक पहुंच जाएंगे। उन्होंने स्पष्ट किया है कि भंडारा शुरू करने से पहले आवश्यक व्यवस्था करने के लिए सिर्फ 7 दिनों का समय पर्याप्त नहीं है। बालटाल और चंदनवारी के बेस कैंप तक पहुंचने में न्यूनतम 2 दिन का समय लगेगा। खराब मौसम के कारण रास्ते में रुकावट भी आ सकती है। यदि भंडारा स्थल तक पहुंचने तक का समय न बढ़ाया गया तो भंडारे लगाने में देरी होगी जिससे श्रद्धालुओं को परेशानी हो सकती है।