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शोरूम में 14 लाख की फर्जी लूट: आरोपी शिवानी को कोर्ट से बड़ी राहत
अमरीश शर्मा/अमर उजाला, चंडीगढ़।
Updated Wed, 15 Jun 2016 02:44 PM IST
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डायमंड शोरूम में लूट मामले में मालिक गिरफ्तार
- फोटो : amar ujala
सेक्टर-17 के डायमंड शोरूम से 14 करोड़ के हीरों की फर्जी लूट मामले में महिला आरोपी शिवानी को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय से जमानत मिल गई है। आरोपी शिवानी ने न्यायालय में जमानत याचिका दायर की थी। बीते दिन शिवानी की दायर जमानत याचिका पर पुलिस ने जवाब दाखिल किया था।
पुलिस के जवाब के बाद दोनों पक्षों की बहस हुई। इसके पश्चात कोर्ट ने मामले में फैसला बुधवार के लिए सुरक्षित रख लिया था।
हालांकि इससे पहले सीजेएम कोर्ट शिवानी की जमानत याचिका खारिज कर चुकी है। मामले में सभी आरोपी अभी बुड़ैल जेल में बंद हैं। सेक्टर-17 थाना पुलिस ने डायमंड शोरूम के मालिक विनोद और रजनीश के अलावा शिवानी और दो अन्य के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी, सबूत मिटाने व आपराधिक साजिश की धाराओं में केस दर्ज किया था।
शिवानी की ओर से दायर जमानत याचिका में एडवोकेट सुनील टोनी ने कहा है कि शिवानी सेक्टर-22 की एक ज्वेलरी शोरूम की महज एक कर्मी थी। वह इस साजिश का हिस्सा नहीं हो सकती। पुलिस ने मामले में लूट की धाराएं हटाकर धोखाधड़ी और जालसाजी की धाराएं जिन दस्तावेजों के आधार पर लगाई हैं उन दस्तावेजों पर मालिकों द्वारा छेड़छाड़ का आरोप है। शिवानी जो कि एक मामूली सी कर्मचारी है उसे शोरूम में आने को फर्जी लूट या किसी अन्य अपराध से कैसे जोड़कर देखा जा सकता है।
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याचिका में उन्होंने अपील की है कि शिवानी की 16 साल की बेटी है और वह 8 हजार रुपये महीने के कमाकर अपना और बेटी का खर्चा चलाती है। ऐसे में उसकी अब नौकरी भी चली गई। उसका परिवार आर्थिक परेशानी से गुजर रहा है। ऐसे में उसे जमानत का लाभ दे दिया जाए।
वहीं पुलिस ने याचिका का विरोध करते हुए कहा है कि फिलहाल मामले की जांच शुरुआती चरण में है। ऐसे में अगर आरोपी जमानत पर बाहर आती है तो आशंका है कि वह सबूतों और गवाहों को प्रभावित कर सकती है। ऐसे में उसे जमानत का लाभ न दिया जाए।
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पुलिस के जवाब के बाद दोनों पक्षों की बहस हुई। इसके पश्चात कोर्ट ने मामले में फैसला बुधवार के लिए सुरक्षित रख लिया था।
हालांकि इससे पहले सीजेएम कोर्ट शिवानी की जमानत याचिका खारिज कर चुकी है। मामले में सभी आरोपी अभी बुड़ैल जेल में बंद हैं। सेक्टर-17 थाना पुलिस ने डायमंड शोरूम के मालिक विनोद और रजनीश के अलावा शिवानी और दो अन्य के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी, सबूत मिटाने व आपराधिक साजिश की धाराओं में केस दर्ज किया था।
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शिवानी की ओर से दायर जमानत याचिका में एडवोकेट सुनील टोनी ने कहा है कि शिवानी सेक्टर-22 की एक ज्वेलरी शोरूम की महज एक कर्मी थी। वह इस साजिश का हिस्सा नहीं हो सकती। पुलिस ने मामले में लूट की धाराएं हटाकर धोखाधड़ी और जालसाजी की धाराएं जिन दस्तावेजों के आधार पर लगाई हैं उन दस्तावेजों पर मालिकों द्वारा छेड़छाड़ का आरोप है। शिवानी जो कि एक मामूली सी कर्मचारी है उसे शोरूम में आने को फर्जी लूट या किसी अन्य अपराध से कैसे जोड़कर देखा जा सकता है।
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याचिका में उन्होंने अपील की है कि शिवानी की 16 साल की बेटी है और वह 8 हजार रुपये महीने के कमाकर अपना और बेटी का खर्चा चलाती है। ऐसे में उसकी अब नौकरी भी चली गई। उसका परिवार आर्थिक परेशानी से गुजर रहा है। ऐसे में उसे जमानत का लाभ दे दिया जाए।
वहीं पुलिस ने याचिका का विरोध करते हुए कहा है कि फिलहाल मामले की जांच शुरुआती चरण में है। ऐसे में अगर आरोपी जमानत पर बाहर आती है तो आशंका है कि वह सबूतों और गवाहों को प्रभावित कर सकती है। ऐसे में उसे जमानत का लाभ न दिया जाए।