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Chandigarh News: पीजीआई इमरजेंसी और ट्रॉमा सेंटर में दवाओं की किल्लत

Mon, 02 Jan 2023 11:52 PM IST
Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Mon, 02 Jan 2023 11:52 PM IST
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Shortage of medicines in PGI Emergency and Trauma Center
चंडीगढ़। पीजीआई के इमरजेंसी और ट्रॉमा सेंटर में महीनेभर से कई जरूरी दवाओं और इंजेक्शन की आपूर्ति बंद है। मरीजों के इलाज के लिए बाहर से दवा और इंजेक्शन मंगाया जा रहा है। हैरानी की बात यह है कि अधिकारियों को इसकी जानकारी ही नहीं है जबकि वार्ड से लगातार डिमांड भेजी जा रही है। अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच मरीज पिस रहे हैं। मरीजों को निशुल्क मिलने वाली दवाओं को कई गुना ज्यादा दाम पर बाहर से खरीदना पड़ रहा है।
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इमरजेंसी और ट्रॉमा सेंटर में ड्रेसिंग पेपर से लेकर दर्द की दवा, गैस की दवा और कई जीवनरक्षक इंजेक्शन की आपूर्ति बंद होने से कर्मचारी भी परेशान हैं। क्योंकि उन्हें प्रतिदिन उसका इंडेंट मुख्य स्टोर को भेजना पड़ रहा है लेकिन उसका कोई फायदा नहीं मिल रहा। वहीं परिजन इस बात से परेशान हैं कि सरकारी अस्पताल में मिलने वाली दवाइयां भी बाहर से खरीदनी पड़ रही हैं।
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इन दवाओं की आपूर्ति है बंद
दवा/इंजेक्शन मार्केट प्राइज
ड्रेसिंग पेपर टेप- 3- 200 रुपये
मिडाजोलम 5 एमजी- 21 रुपये
ओंडनसेट्रॉन इंजेक्शन- 11 रुपये
पैंटाप्रोजोल टैबलेट - 40 रुपये
रैनिटिडाइन टैबलेट- 12 रुपये
सेफ्ट्रियाक्सोन इंजेक्शन
मेरोपेनेम इंजेक्शन - 60 से 70 रुपये
पैंटाप्रोजोल इंजेक्शन - 40 रुपये
रैनिटिडाइन इंजेक्शन - 40 रुपये
वैनकोमाइसिन इंजेक्शन - 300 रुपये
जनता बोली, कब सुधरेगी व्यवस्था
मेरा मरीज चार दिनों से पीजीआई की इमरजेंसी में भर्ती है। महज चार दिन में लगभग एक लाख रुपये की दवा और इंजेक्शन खरीद चुका हूं। क्या इसे सरकारी इलाज कहते हैं? आखिर व्यवस्था कब सुधरेगी।
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रमेश कुमार, लुधियाना
सरकार निशुल्क इलाज के तमाम दावे करती है। बजट भी दिया जाता है, लेकिन उसका वास्तवक लाभ जनता को कब मिलेगा उसे बताने वाला कोई नहीं है। पीजीआई जैसे संस्थान में दवा और इलाज की सुविधा पूरी तरह फ्री होनी चाहिए।
योगेन्द्र राय, पंचकूला
कोट-
दवाओं की कमी संबंधी जानकारी मुझे नहीं है। इस संबंध में मेडिसिन स्टोर प्रभारी से जानकारी मांगी गई है। अगर कमी पाई गई तो उसे तत्काल दूर कराया जाएगा।
-कुमार गौरव, डीडीए व प्रवक्ता पीजीआई
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