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Punjab: शिअद से जागीर कौर का 22 साल पुराना रिश्ता संकट में, SGPC की पहली महिला अध्यक्ष बन रचा था इतिहास

Thu, 03 Nov 2022 12:05 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Thu, 03 Nov 2022 12:05 AM IST
सार

बीबी जागीर कौर तीन बार एसजीपीसी की अध्यक्ष रह चुकी हैं। पहली बार वह 16 मार्च 1999 से 30 नवंबर 2000 तक, दूसरी बार 23 सितंबर 2004 से 22 नवंबर 2005 तक और तीसरी बार 27 नवंबर 2020 से 29 नवंबर 2021 तक उन्होंने एसजीपीसी का अध्यक्ष पद संभाला।

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Shiromani Akali Dal leader Bibi Jagir Kaur suspended from party
बीबी जागीर कौर। - फोटो : फाइल

विस्तार

शिरोमणि अकाली दल (शिअद) की वरिष्ठ नेता बीबी जागीर कौर का पार्टी के साथ 22 साल पुराना नाता टूटता दिखाई देने लगा है। अब तक बादलों के नेतृत्व में पार्टी की कर्मठ कार्यकर्ता और नेता के रूप में सक्रिय रहीं बीबी जागीर कौर इस बार पार्टी से बगावत कर एसजीपीसी के अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहीं हैं। हालांकि पार्टी अध्यक्ष सुखबीर बादल समेत सभी वरिष्ठ नेताओं ने उन्हें मनाने की कोशिश की लेकिन बीबी जागीर कौर अपने इरादे पर पूरी तरह कायम हैं और उन्होंने चुनाव में अपने समर्थन में वोट हासिल करने की मुहिम भी शुरू कर दी है।

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बीबी जागीर कौर तीन बार एसजीपीसी की अध्यक्ष रह चुकी हैं। पहली बार वह 16 मार्च 1999 से 30 नवंबर 2000 तक, दूसरी बार 23 सितंबर 2004 से 22 नवंबर 2005 तक और तीसरी बार 27 नवंबर 2020 से 29 नवंबर 2021 तक उन्होंने एसजीपीसी का अध्यक्ष पद संभाला। अब आगामी नौ नवंबर को होने वाले एसजीपीसी चुनाव की जागीर कौर ने भी तैयारी शुरू कर दी। हालांकि इस बार पार्टी अध्यक्ष सुखबीर बादल ने उन्हें इस संबंध में कोई स्वीकृति नहीं दी है। 
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वर्तमान में एसजीपीसी सदस्यों की संख्या 144 है। 15 को-आप्ट सदस्य भी हैं। अध्यक्ष पद पर जीत के लिए 81 सदस्यों की जरूरत होती है। दरअसल, बीबी जागीर कौर तीन बार जब अध्यक्ष चुनी गईं, तब चुनाव से पहले ही उन्हें यह जानकारी दे दी गई थी कि वही अध्यक्ष बनने वाली हैं। इस बार पार्टी ने उन्हें चुनाव न लड़ने के लिए बार-बार कहा।

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खास बात यह भी है कि शिअद की परंपरा के अनुसार, जनरल हाउस में एसजीपीसी प्रधान के लिए नाम तय होता है और पार्टी के सदस्य उसी उम्मीदवार का समर्थन भी करते हैं। चूंकि बीबी जागीर कौर खुद इस प्रक्रिया से तीन बार गुजर चुकी हैं, लेकिन इस बार उन्होंने इसी परंपरा का खुला विरोध कर एसजीपीसी प्रधान के चयन के तरीके को ‘लिफाफा कल्चर’ का नाम दिया है। उनका कहना है कि बादलों द्वारा लिफाफे से जिसका नाम निकाला जाता है, उसी को एसजीपीसी का अध्यक्ष बना दिया जाता है। अब यह परंपरा बंद होनी चाहिए।

एसजीपीसी की पहली महिला अध्यक्ष बनीं
बीबी जागीर कौर शिअद की सक्र्रिय नेता रही हैं। वह 1995 में पार्टी में शामिल हुईं और इसके तुरंत बाद पार्टी की कार्यसमिति की सदस्य बन गईं। 1997 में उन्होंने भुलत्थ विधानसभा क्षेत्र से चुनाव जीता और उन्हें प्रकाश सिंह बादल मंत्रिमंडल में सामाजिक कल्याण, महिला विकास एवं बाल कल्याण विभाग के अलावा पर्यटन एवं सांस्कृतिक मामलों की मंत्री नियुक्त किया गया। 

एसजीपीसी की अध्यक्ष बनने पर उन्होंने मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। बीबी जागीर कौर एसजीपीसी की अध्यक्ष चुनी जाने वाली पहली महिला भी हैं। वह मार्च 1999 से नवंबर 2000 तक इस पद पर रहीं लेकिन बेटी की हत्या में शामिल होने का आरोप लगने पर उन्होंने पद से इस्तीफा दे दिया था। 

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