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Punjab: अकाली दल ने चंडीगढ़ समेत छह सीटों पर उतारे प्रत्याशी, बठिंडा से हरसिमरत और जालंधर से लड़ेंगे केपी
Mon, 22 Apr 2024 05:16 PM IST
निवेदिता वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Mon, 22 Apr 2024 05:16 PM IST
सार
पार्टी ने फिरोजपुर से नरदेव सिंह बॉबी मान, लुधियाना से रणजीत सिंह ढिल्लों, होशियारपुर से सोहन सिंह ठंडल को प्रत्याशी घोषित किया है। पार्टी ने चंडीगढ़ सीट से हरदीप सिंह बटरेला को टिकट दिया है।
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अकाली दल के छह उम्मीदवारों का एलान
- फोटो : twitter @Akali_Dal_
विस्तार
शिरोमणि अकाली दल ने छह सीटों पर सोमवार को उम्मीदवारों का एलान कर दिया। शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने दूसरी सूची की घोषणा की है। पार्टी ने बठिंडा से हरसिमरत कौर बादल को टिकट दिया है।
पार्टी ने फिरोजपुर से वरदेव सिंह नोनी मान, लुधियाना से रणजीत सिंह ढिल्लों, होशियारपुर से सोहन सिंह ठंडल को प्रत्याशी घोषित किया है। पार्टी ने चंडीगढ़ सीट से हरदीप सिंह बटरेला को टिकट दिया है।
सोमवार को ही पार्टी में शामिल हुए कांग्रेस के पूर्व सांसद मोहिंदर सिंह केपी को जालंधर से मैदान में उतारा गया है। केपी कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं की सूची में शामिल हैं। शिअद को जालंधर और होशियारपुर सीट से कोई मजबूत चेहरा नहीं मिल रहा है, ऐसे में केपी शिअद के चुनावी गणित में पूरी तरह फिट बैठ रहे हैं। महिंदर सिंह केपी जालंधर के दलित समाज में अच्छी पकड़ भी रखते हैं। यहां तक कि केपी चन्नी के करीबी माने जाते हैं। वह 2009 में जालंधर से सांसद बने थे। 2014 में होशियारपुर से विजय सांपला से वह हार गए थे। वह तीन बार विधायक और राज्य में दो बार मंत्री रह चुके हैं। पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रधान रह चुके हैं। पुराना चेहरा होने के कारण केपी की अच्छी पकड़ है।
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बठिंडा से चौथी बार हरसिमरत पर दांव
शिअद ने बठिंडा से चौथी बार हरसिमरत पर दांव खेला है। टिकट मिलने के बाद हरसिमरत कौर बादल सोमवार को तख्त दमदमा साहिब में माथा टेकने पहुंची। इस दौरान शिअद प्रत्याशी ने कहा कि अभी कुछ काम बाकी हैं। अगर चौथी बार भी लोगों ने सेवा करने का मौका दिया तो सबसे पहले बाकी काम किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि पंजाब की लड़ाई सीधे तौर पर दिल्ली से है। उन्होंने कहा कि पार्टी ने फिर से उन पर विश्वास करके उन्हें चुनाव मैदान में उतारा है।
हरसिमरत कौर बादल ने पहला लोक सभा चुनाव 2009 में लड़ा था। उसके बाद लगातार तीन बार हरसिमरत कौर बादल चुनाव में जीत हासिल करती आ रही हैं।
लुधियाना से रंजीत सिंह ढिल्लों मैदान में
शिरोमणि अकाली दल ने लुधियाना से पूर्व विधायक एवं पूर्व जिला प्रधान रंजीत सिंह ढिल्लों को उम्मीदवार घोषित कर दिया है। रंजीत सिंह ढिल्लों का पेशा खेती बाड़ी है और वे दसवीं पास हैं। रंजीत सिंह ढिल्लों वर्ष 2012 में लुधियाना पूर्वी हलके से विधायक रहे हैं। इसके बाद वे 2017 के बाद जिला प्रधान रहे हैं। अब उनको पहली बार लोकसभा का टिकट मिला है।
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पार्टी ने फिरोजपुर से वरदेव सिंह नोनी मान, लुधियाना से रणजीत सिंह ढिल्लों, होशियारपुर से सोहन सिंह ठंडल को प्रत्याशी घोषित किया है। पार्टी ने चंडीगढ़ सीट से हरदीप सिंह बटरेला को टिकट दिया है।
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सोमवार को ही पार्टी में शामिल हुए कांग्रेस के पूर्व सांसद मोहिंदर सिंह केपी को जालंधर से मैदान में उतारा गया है। केपी कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं की सूची में शामिल हैं। शिअद को जालंधर और होशियारपुर सीट से कोई मजबूत चेहरा नहीं मिल रहा है, ऐसे में केपी शिअद के चुनावी गणित में पूरी तरह फिट बैठ रहे हैं। महिंदर सिंह केपी जालंधर के दलित समाज में अच्छी पकड़ भी रखते हैं। यहां तक कि केपी चन्नी के करीबी माने जाते हैं। वह 2009 में जालंधर से सांसद बने थे। 2014 में होशियारपुर से विजय सांपला से वह हार गए थे। वह तीन बार विधायक और राज्य में दो बार मंत्री रह चुके हैं। पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रधान रह चुके हैं। पुराना चेहरा होने के कारण केपी की अच्छी पकड़ है।
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बठिंडा से चौथी बार हरसिमरत पर दांव
शिअद ने बठिंडा से चौथी बार हरसिमरत पर दांव खेला है। टिकट मिलने के बाद हरसिमरत कौर बादल सोमवार को तख्त दमदमा साहिब में माथा टेकने पहुंची। इस दौरान शिअद प्रत्याशी ने कहा कि अभी कुछ काम बाकी हैं। अगर चौथी बार भी लोगों ने सेवा करने का मौका दिया तो सबसे पहले बाकी काम किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि पंजाब की लड़ाई सीधे तौर पर दिल्ली से है। उन्होंने कहा कि पार्टी ने फिर से उन पर विश्वास करके उन्हें चुनाव मैदान में उतारा है।
हरसिमरत कौर बादल ने पहला लोक सभा चुनाव 2009 में लड़ा था। उसके बाद लगातार तीन बार हरसिमरत कौर बादल चुनाव में जीत हासिल करती आ रही हैं।
लुधियाना से रंजीत सिंह ढिल्लों मैदान में
शिरोमणि अकाली दल ने लुधियाना से पूर्व विधायक एवं पूर्व जिला प्रधान रंजीत सिंह ढिल्लों को उम्मीदवार घोषित कर दिया है। रंजीत सिंह ढिल्लों का पेशा खेती बाड़ी है और वे दसवीं पास हैं। रंजीत सिंह ढिल्लों वर्ष 2012 में लुधियाना पूर्वी हलके से विधायक रहे हैं। इसके बाद वे 2017 के बाद जिला प्रधान रहे हैं। अब उनको पहली बार लोकसभा का टिकट मिला है।