{"_id":"d330b5b1caaa4a88a825308200646f29","slug":"shiksha-sadan-college-professor-union-protest","type":"story","status":"publish","title_hn":"शिक्षा सदन के बाहर कॉलेज प्रोफेसर यूनियन का धरना ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शिक्षा सदन के बाहर कॉलेज प्रोफेसर यूनियन का धरना
अमर उजाला, पंचकूला
Updated Wed, 27 Nov 2013 04:39 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हरियाणा फेडरेशन ऑफ यूनिवर्सिटीज एवं कॉलेज टीचर के बैनर तले प्रदेशभर से आए प्रोफेसरों ने सेक्टर-5 स्थित शिक्षा सदन के बाहर धरना दिया।
सुबह से ही प्राध्यापक शिक्षा सदन के नजदीक जुटने शुरू हो गए थे और दोपहर तक शिक्षा सदन के नजदीक नारेबाजी करते रहे। उसके बाद सदन की तरफ कूच किया। इस दौरान मौके पर भारी पुलिस बल तैनात रहा।
राज्य प्रधान डॉ. राजकुमार की अध्यक्षता में करीब 200 कॉलेज टीचर जुटे और सरकार व शिक्षा विभाग के अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी की।
संगठन की मुख्य मांगें थी कि यूजीसी के नियमों के अनुसार प्रोफेसर पद पर नियुक्तियां दी जाए। कॉलेज शिक्षकों को शैक्षणिक सेमिनार, कांफ्रेंस आदि में भाग लेने के लिए ड्यूटी लीव का प्रावधान किया जाए।
रिटायरमेंट की आयु 65 वर्ष की जाए और पेंशन स्कीम की विसंगतियों को दूर किया जाए। दोपहर बाद प्रदर्शनकारी उच्च शिक्षा विभाग की ज्वाइंट डायरेक्टर गीता शर्मा को ज्ञापन देकर वापस लौट गए।
विज्ञापन
विज्ञापन
सुबह से ही प्राध्यापक शिक्षा सदन के नजदीक जुटने शुरू हो गए थे और दोपहर तक शिक्षा सदन के नजदीक नारेबाजी करते रहे। उसके बाद सदन की तरफ कूच किया। इस दौरान मौके पर भारी पुलिस बल तैनात रहा।
राज्य प्रधान डॉ. राजकुमार की अध्यक्षता में करीब 200 कॉलेज टीचर जुटे और सरकार व शिक्षा विभाग के अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी की।
संगठन की मुख्य मांगें थी कि यूजीसी के नियमों के अनुसार प्रोफेसर पद पर नियुक्तियां दी जाए। कॉलेज शिक्षकों को शैक्षणिक सेमिनार, कांफ्रेंस आदि में भाग लेने के लिए ड्यूटी लीव का प्रावधान किया जाए।
विज्ञापन
रिटायरमेंट की आयु 65 वर्ष की जाए और पेंशन स्कीम की विसंगतियों को दूर किया जाए। दोपहर बाद प्रदर्शनकारी उच्च शिक्षा विभाग की ज्वाइंट डायरेक्टर गीता शर्मा को ज्ञापन देकर वापस लौट गए।
विज्ञापन