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शिरडी के साईं बाबा को लेकर शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद ने दिया विवादित बयान
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Mon, 15 May 2017 09:20 AM IST
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शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती
अकसर सुर्खियों में रहने वाले पीठ के शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने शिरडी के साईं बाबा को लेकर चौंकाने वाले बयान दिया दिया है। उन्होंने साईं बाबा को अवतार मानने से इनकार कर दिया है।
शनिवार को सेक्टर-37 स्थित भगवान श्री परशुराम भवन में श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि साईं भक्ति अंधविश्वास के सिवा कुछ नहीं। साईं के मंदिर बनाकर पूजा-अर्चना करना सनातन धर्म के विरुद्ध है। इससे हिंदू समाज के बंटने का खतरा पैदा हो गया है। साईं हिंदू- मुस्लिम एकता के प्रतीक नहीं हैं।
शंकराचार्य इतने पर ही नहीं रुके, उन्होंने कहा कि साईं भक्ति के बढ़ते रुझान से अयोध्या में राम मंदिर निर्माण की मुहिम भी कमजोर पड़ेगी। गुरु शंकराचार्य पहले भी इस प्रकार के विवादित बयान दे चुके हैं। इस प्रकार के विवादित बयान देकर अकसर गुरू शंकराचार्य चर्चा में रहे हैं।
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शनिवार को सेक्टर-37 स्थित भगवान श्री परशुराम भवन में श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि साईं भक्ति अंधविश्वास के सिवा कुछ नहीं। साईं के मंदिर बनाकर पूजा-अर्चना करना सनातन धर्म के विरुद्ध है। इससे हिंदू समाज के बंटने का खतरा पैदा हो गया है। साईं हिंदू- मुस्लिम एकता के प्रतीक नहीं हैं।
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शंकराचार्य इतने पर ही नहीं रुके, उन्होंने कहा कि साईं भक्ति के बढ़ते रुझान से अयोध्या में राम मंदिर निर्माण की मुहिम भी कमजोर पड़ेगी। गुरु शंकराचार्य पहले भी इस प्रकार के विवादित बयान दे चुके हैं। इस प्रकार के विवादित बयान देकर अकसर गुरू शंकराचार्य चर्चा में रहे हैं।
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जिन्हें धर्म का ज्ञान नहीं, वे साईं भक्ति हैं
शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती
शंकराचार्य ने कहा कि जिन लोगों को धर्म का ठीक प्रकार से ज्ञान नहीं है, वे साईं भक्ति की बात कह रहे हैं। अपनी भौतिक आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए कुछ लोग इस तरह के अंधविश्वास को बढ़ावा दे रहे हैं।
शंकराचार्य ने कहा कि वेद-पुराणों में कहीं भी साईं के अवतार का उल्लेख नहीं किया गया है। कुछ लोग मंदिरों व घरों में साईं की मूर्ति लगा रहे हैं, यह भगवान की आराधना नहीं है। सनातनी परंपरा में सभी देवताओं के मंत्र और यंत्र हैं।
उन्होंने लोगों को धैर्य, क्षमा, त्याग संयम को अपने जीवन में ढालने के उपदेश दिया। उन्होंने नारी शक्ति को समाज के लिए बेहद जरूरी बताया। पूर्व कें द्रीय मंत्री पवन कुमार बंसल व उनकी पत्नी ने भी गुरु शंकराचार्य का आशीर्वाद लिया।
शंकराचार्य ने कहा कि वेद-पुराणों में कहीं भी साईं के अवतार का उल्लेख नहीं किया गया है। कुछ लोग मंदिरों व घरों में साईं की मूर्ति लगा रहे हैं, यह भगवान की आराधना नहीं है। सनातनी परंपरा में सभी देवताओं के मंत्र और यंत्र हैं।
उन्होंने लोगों को धैर्य, क्षमा, त्याग संयम को अपने जीवन में ढालने के उपदेश दिया। उन्होंने नारी शक्ति को समाज के लिए बेहद जरूरी बताया। पूर्व कें द्रीय मंत्री पवन कुमार बंसल व उनकी पत्नी ने भी गुरु शंकराचार्य का आशीर्वाद लिया।