फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   sgpc cancel all decision taken by sarbat khalsa

SGPC ने रद्द किए 'सरबत खालसा' के सभी प्रस्ताव

Sat, 14 Nov 2015 09:37 AM IST
Updated Sat, 14 Nov 2015 09:37 AM IST
विज्ञापन
sgpc cancel all decision taken by sarbat khalsa

एसजीपीसी की आंतरिक कमेटी की बैठक में दस नवंबर को पंथक संगठनों की ओर से आयोजित किए गए सरबत खालसा के प्रस्तावों को पूरी तरह रद्द कर दिया गया है।

विज्ञापन


यह बैठक अमृतसर में एसजीपीसी अध्यक्ष अवतार सिंह मक्कड़ की ओर से बुलाई गई थी, हालांकि सेहत ठीक न होने के कारण मक्कड़ बैठक में नहीं पहुंचे। बैठक की अध्यक्षता एसजीपीसी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष रघुजीत सिंह विर्क ने की।
विज्ञापन


यह बैठक दस नवंबर को कुछ संगठनों की ओर से आयोजित किए गए सरबत खालसा कार्यक्रम का रिव्यू करने के लिए बुलाई गई थी। बैठक में चर्चा की गई कि सरबत खालसा कुछ लोगों ने पंजाब के हालातों को खराब करने के लिए आयोजित किया था।
विज्ञापन
विज्ञापन


वहीं सरबत खालसा बुलाने के लिए नियमों को भी नहीं अपनाया गया है। यह सरबत खालसा एसजीपीसी की शक्ति को कमजोर करने की भी साजिश है। इसलिए एसजीपीसी की आंतरिक कमेटी इस सरबत खालसा के प्रस्तावों को रद्द करती है और सरबत खालसा की ओर से नियुक्त किए गए तख्तों के अलग-अलग जत्थेदारों की नियुक्ति को भी समर्थन नहीं करती है।

एक युवक की ओर से पाइपों से ऊपर चढ़कर श्री अकाल तख्त साहिब की पहली मंजिल पर बैठकर विचार कर रहे श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी गुरबचन सिंह की पास वाली खिड़की को टांगे मारने की घटना की भी निंदा की गई। विर्क ने कहा कि कमेटी महसूस करती है कि यह सरबत खालसा पंजाब के हालातों को दोबारा खराब करने के लिए कुछ शरारती लोगों ने आयोजित किया था।

सरबत खालसा बुलाने वालों पर देशद्रोह का केस

sgpc cancel all decision taken by sarbat khalsa

पंजाब सरकार के आदेशों पर पुलिस ने सरबत खालसा बुलाने वाले पंथक नेताओं के खिलाफ देशद्रोह का मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार सरकार चाहती है कि जो आरोपी पहले ही गिरफ्तार है, वे जल्दी जेल से बाहर न आ सकें। इसलिए उनके खिलाफ पहले से दर्ज मामलों में देशद्रोह की धारा भी जोड़ दी गई है।

आरोपी ध्यान सिंह मंड, मोहकम सिंह, सिमरनजीत सिंह मान (इस समय रिहा हैं), जसकरण सिंह काहन सिंह वाला, सतनाम सिंह मनावा, वस्सन सिंह जफरवाल और सिकंदर सिंह के खिलाफ धारा 124 ए, 153ए और 66-6 आईटी एक्ट की वृद्धि कर दी गई है।

पहले उनको धारा 107 और 131 के तहत गिरफ्तार किया गया था। सूत्रों की माने तो सरकार ने देशद्रोह की धाराएं बढ़ाकर साबित कर दिया है कि वह पंथक नेताओं की गतिविधियों को किसी भी कीमत पर सहन नहीं करेगी। सरकार को डर है कि अगर यह नेता जेल से बाहर आ जाते हैं तो शिअद के राजनीतिक भविष्य के लिए खतरा बन सकते हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed