H3N2 virus: चंडीगढ़ के सात और हरियाणा समेत पांच राज्यों के 50 मरीजों की रिपोर्ट पॉजिटिव, कोई गंभीर नहीं
हरियाणा के जिला अस्पतालों में बनाए गए फ्लू कॉर्नर में रविवार को भी मरीजों का इलाज किया गया। इनमें किसी को इन्फ्लूएंजा एच3एन2 का संक्रमण नहीं मिला। खांसी, जुकाम से ग्रस्त भिवानी में 14, पंचकूला में 50, गुरुग्राम में 350 और पलवल में 50 मरीज पहुंचे। प्राथमिक जांच के बाद आपातकालीन विभाग में तैनात चिकित्सक ने मरीजों को दवा का परामर्श दिया।
विस्तार
फतेहाबाद के भूना उपमंडल के गांव सिंथला में एक दिन पहले मिले एच3एन2 इन्फ्लुएंजा संक्रमित युवक के परिवार के सदस्यों व आसपास के 10 घरों का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की टीम ने रविवार को सर्वे किया लेकिन किसी में भी संक्रमण के लक्षण नहीं मिले। इसके चलते किसी का भी सैंपल नहीं लिया गया। स्वास्थ्य विभाग संक्रमित युवक की निगरानी कर रहा है। युवक की हालत ठीक है। इसलिए उसे होम आइसोलेट कर परिवार से अलग रखा गया है।
वहीं, चंडीगढ़ में जनवरी से अब तक इन्फ्लुएंजा ( एच3एन2) के सात मरीज मिल चुके हैं। वहीं पंजाब, हरियाणा, जम्मू कश्मीर, झारखंड और उत्तर प्रदेश के 50 नमूनों में संक्रमण की पुष्टि की गई है। इन सभी मरीजों की पीजीआई में जांच के दौरान रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। राहत की बात यह है कि इनमें से किसी भी मरीज की हालत गंभीर नहीं है।
कोरोना से अलग है यह
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष डॉ. आरएस बेदी ने बताया कि यह कोरोना से अलग है क्योंकि कोविड निचले रेस्पिरेटरी ट्रैक्ट यानी श्वसन मार्ग को प्रभावित करता है। वहीं, एच3एन2 ऊपरी रेस्पिरेटरी ट्रैक्ट को प्रभावित करता है। इससे बुखार, खांसी, सर्दी, गले, नाक और आंखों में लंबे समय तक जलन रहती है। डॉ. बेदी ने बताया कि दोनों के लक्षण समान हैं और यह तेजी से फैलता है।
ऐसे करें बचाव
- नियमित तौर पर हाथ धोएं।
- मास्क का प्रयोग करें।
- भीड़ वाली जगह पर जाने से बचें।
- आंख व नाक को छूने से बचें।
- तरल पदार्थों का ज्यादा सेवन करें।
- ताजा भोजन खाएं।
- पानी उबाल कर पिएं।
ऐसा करना हो सकता है खतरनाक
- हाथ मिलाने और गले मिलना।
- काफी लोगों के साथ बैठकर एक ही स्थान पर भोजन करना।
- सार्वजनिक स्थान पर थूकना।
- डॉक्टर की सलाह के बिना एंटीबायोटिक व अन्य दवाई लेना।
खांसी-जुकाम से ग्रस्त 464 मरीज पहुंचे फ्लू कॉर्नर
हरियाणा के जिला अस्पतालों में बनाए गए फ्लू कॉर्नर में रविवार को भी मरीजों का इलाज किया गया। इनमें किसी को इन्फ्लूएंजा एच3एन2 का संक्रमण नहीं मिला। खांसी, जुकाम से ग्रस्त भिवानी में 14, पंचकूला में 50, गुरुग्राम में 350 और पलवल में 50 मरीज पहुंचे। प्राथमिक जांच के बाद आपातकालीन विभाग में तैनात चिकित्सक ने मरीजों को दवा का परामर्श दिया।