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Chandigarh News: सात दशक पुरानी सीवर लाइनों को मिलेगी नई परत, 39.11 करोड़ होंगे खर्च
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चंडीगढ़। शहर में सात दशक पहले बिछाई गई चार सर्कुलर ब्रिक सीवर लाइनों को नई तकनीक से दुरुस्त किया जाएगा। इसके लिए 39 करोड़ 11 लाख 10 हजार रुपये के एस्टीमेट को निगम कमिश्नर से प्रशासनिक मंजूरी मिल गई है। अब नगर निगम का पब्लिक हेल्थ विंग टेंडर कॉल करेगा। सीआईपीपी-एमडब्ल्यूएसएल तकनीक से लाइनों के अंदर नई परत बनाई जाएगी। काम केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय की अमृत 2.0 योजना के तहत होगा।
इन चार लाइनों की होगी मरम्मत
एयरपोर्ट लाइट पॉइंट से रायपुर खुर्द सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट तक लाइन की मरम्मत पर 13.36 करोड़ रुपये खर्च होंगे। सेक्टर-39 से सेक्टर-42 तक की लाइन पर 8.59 करोड़, दक्षिण मार्ग पर सेक्टर-20सी से 20डी तक 11.04 करोड़ और सेक्टर-30बी राउंडअबाउट से सेक्टर-30सी स्टील मार्केट राउंडअबाउट तक की लाइन पर 6.10 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
सेक्टर-45 की लाइन का भी एस्टीमेट तैयार
सेक्टर-45ए से सेक्टर-45-50 विकास मार्ग तक सीवर लाइन की मरम्मत के लिए करीब 11 करोड़ रुपये का एस्टीमेट बना है, लेकिन इसे प्रशासनिक मंजूरी नहीं मिली है। पहले सेक्टर-46 की ग्रीन बेल्ट से नई लाइन बिछाने के प्रस्ताव बने थे, लेकिन खुदाई का विरोध होने के बाद पुरानी लाइन को अंदर से दुरुस्त करने की योजना बनाई गई।
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700 करोड़ की योजना तैयार
निगम के अनुसार, बार-बार सीवर मरम्मत पर सालाना करीब 16 करोड़ रुपये खर्च होते हैं। वर्ष 1950 से 1980 के बीच बिछी ब्रिक सीवर लाइनों के लिए 700 करोड़ की प्रपोजल बनाई गई है। पहले चरण में 400 करोड़ और दूसरे में 300 करोड़ खर्च होंगे।
कोट
शहर की कई सीवर लाइन के एस्टीमेट की एडमिनिस्ट्रेटिव अप्रूवल हो चुकी है। इन्हें सीआईपीपी-एमडब्ल्यूएसएल तकनीक से दुरुस्त किया जाएगा। -संजय अरोड़ा, चीफ इंजीनियर, नगर निगम
इन चार लाइनों की होगी मरम्मत
एयरपोर्ट लाइट पॉइंट से रायपुर खुर्द सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट तक लाइन की मरम्मत पर 13.36 करोड़ रुपये खर्च होंगे। सेक्टर-39 से सेक्टर-42 तक की लाइन पर 8.59 करोड़, दक्षिण मार्ग पर सेक्टर-20सी से 20डी तक 11.04 करोड़ और सेक्टर-30बी राउंडअबाउट से सेक्टर-30सी स्टील मार्केट राउंडअबाउट तक की लाइन पर 6.10 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
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सेक्टर-45 की लाइन का भी एस्टीमेट तैयार
सेक्टर-45ए से सेक्टर-45-50 विकास मार्ग तक सीवर लाइन की मरम्मत के लिए करीब 11 करोड़ रुपये का एस्टीमेट बना है, लेकिन इसे प्रशासनिक मंजूरी नहीं मिली है। पहले सेक्टर-46 की ग्रीन बेल्ट से नई लाइन बिछाने के प्रस्ताव बने थे, लेकिन खुदाई का विरोध होने के बाद पुरानी लाइन को अंदर से दुरुस्त करने की योजना बनाई गई।
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700 करोड़ की योजना तैयार
निगम के अनुसार, बार-बार सीवर मरम्मत पर सालाना करीब 16 करोड़ रुपये खर्च होते हैं। वर्ष 1950 से 1980 के बीच बिछी ब्रिक सीवर लाइनों के लिए 700 करोड़ की प्रपोजल बनाई गई है। पहले चरण में 400 करोड़ और दूसरे में 300 करोड़ खर्च होंगे।
कोट
शहर की कई सीवर लाइन के एस्टीमेट की एडमिनिस्ट्रेटिव अप्रूवल हो चुकी है। इन्हें सीआईपीपी-एमडब्ल्यूएसएल तकनीक से दुरुस्त किया जाएगा। -संजय अरोड़ा, चीफ इंजीनियर, नगर निगम