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Chandigarh News: जालंधर में टारगेट किलिंग की योजना बनाते सरगना समेत सात बदमाश काबू गोल्डी बराड, रवि बलाचोरिया जैसे गैंगस्टरों से जुड़ा हुआ था अंकुश भाया का गैंग
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संवाद न्यूज एजेंसी
जालंधर। जालंधर ग्रामीण पुलिस ने गैंगस्टर विक्रम बराड़, गोल्डी बराड़, रिंदा बाबा और रवि बलाचोरिया जैसे गैंगस्टरों से जुड़े अंकुश भाया गिरोह के सरगना समेत सात बदमाशों को शनिवार को गिरफ्तार कर लिया। इनकी पहचान अंकुश सभ्रवाल, पंकज सभ्रवाल, विशाल सभ्रवाल, हरमनप्रीत सिंह, जसकरन सिंह पुरेवाल, अरियान सिंह और रूपेश कुमार के रूप में हुई है। सभी आरोपी टारगेट किलिंग को अंजाम देने जा रहे थे। इससे पहले कि वे कुछ कर पाते, पुलिस ने इन्हें धर दबोचा। इनके पास से चार पिस्तौल व सात जिंदा कारतूस भी बरामद हुए हैं। इस मामले में करण सभ्रवाल उर्फ कन्नू, नकोदर उर्फ हरमन और दलबीर सिंह उर्फ भोला को नामजद किया गया है। होशियारपुर निवासी दीबू भी इस मामले में वांछित है। एसएसपी हरकमल प्रीत सिंह खख ने कहा पूरे ऑपरेशन का नेतृत्व एसपी जसरूप कौर बठ ने किया, जिसमें डीएसपी जांच लखवीर सिंह की देखरेख में प्रभारी सीआईए स्टाफ पुष्प बाली और एसएचओ सिटी पुलिस स्टेशन संजीव कपूर के नेतृत्व में दो पुलिस टीमें शामिल थीं। पुलिस टीमों ने नकोदर शहर के जीटी रोड स्थित मलहरी गांव के पास एक चेकपॉइंट बनाया, जहां उन्होंने एक सफेद एसयूवी को रोका। उसमें सवार सभी लोग भारी हथियारों से लैस थे। उनके पास 1000 अल्प्राजोलम नशीली गोलियां थीं। ऑपरेशन के दौरान जब्त किए गए अवैध हथियारों के जखीरे में चार पिस्तौल- दो .30 बोर पिस्तौल, एक .32 बोर पिस्तौल और एक .315 बोर देशी पिस्तौल के साथ-साथ सात जिंदा कारतूस शामिल हैं। पुलिस ने होशियारपुर में बैंक डकैती और प्रतिद्वंद्वी गिरोह के सदस्यों की हत्या तथा नकोदर और मेहतपुर में दो और व्यक्तियों की हत्या की योजना को विफल कर दिया है।
संवेदनशील जानकारी लीक करने वाला सिपाही गिरफ्तार
सदर नकोदर पुलिस स्टेशन के एक सिपाही आर्यन सिंह को गिरोह के लिए संवेदनशील जानकारी लीक करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया। आर्यन लगभग डेढ़ महीने से ड्यूटी से अनुपस्थित था और पुलिस ऑपरेशन के गुप्त विवरणों को उजागर करने और गैंगस्टरों को रसद सहायता प्रदान करने में शामिल था। वहीं कार के मालिक रूपेश को भी गिरफ्तार किया गया है, जिसने गिरोह को सुरक्षित घर और हथियार रखने सहित रसद सहायता प्रदान की थी। यह भी पता चला कि होशियारपुर के दीबू को भी मामले में नामजद किया गया है, जो गिरोह को फिर से बेचने के लिए ड्रग्स की आपूर्ति करता था।
विदेशी अपराधी लवप्रीत सिंह उर्फ लाडी और जेल में बंद गैंगस्टर रवि बलाचोरिया से जुड़े मुख्य नेता अंकुश पर आरोप है कि वह होशियारपुर में प्रतिद्वंद्वी गिरोह के सदस्यों और नकोदर और शाहकोट में विवाद के बाद दो और व्यक्तियों की हत्या की योजना बना रहा था। हमले के लिए बंदूकें लाडी और विशाल सब्बरवाल ने मुहैया कराई थीं और पुलिस ने एक बंदूक पहले ही बरामद कर ली है।
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कई जिलों में कई गतिविधियों में शामिल
अंकुश उर्फ भाया 379बी, समेत कई मामलों में शामिल है। पंकज सभरवाल उर्फ पंकू 12-09-2023 को आईपीसी की धारा 307, 324 और 506 के तहत दर्ज एक मामले में फंसा है। विशाल सभरवाल आर्म्स एक्ट और हिंसक अपराधों से जुड़े पिछले मामलों में वांछित है। ये रिकॉर्ड संगठित अपराध, मादक पदार्थों की तस्करी और हिंसक गतिविधियों में गिरोह की लंबे समय से संलिप्तता को दर्शाते हैं। इस संबंध में नकोदर सिटी पुलिस स्टेशन में आर्म्स एक्ट की धारा 25, 54 और 59 के तहत मामला दर्ज किया गया था। नवीनतम गिरफ्तारियों और बरामदगी के साथ, धारा 111, 61(2), बीएनएस, और आर्म्स एक्ट की धारा 25.6, 25.7, 25.8, 25(1बी)ए, साथ ही एनडीपीएस एक्ट की धारा 22(सी), 29, और 25-61-85 के तहत अतिरिक्त आरोप जोड़े गए हैं।
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जालंधर। जालंधर ग्रामीण पुलिस ने गैंगस्टर विक्रम बराड़, गोल्डी बराड़, रिंदा बाबा और रवि बलाचोरिया जैसे गैंगस्टरों से जुड़े अंकुश भाया गिरोह के सरगना समेत सात बदमाशों को शनिवार को गिरफ्तार कर लिया। इनकी पहचान अंकुश सभ्रवाल, पंकज सभ्रवाल, विशाल सभ्रवाल, हरमनप्रीत सिंह, जसकरन सिंह पुरेवाल, अरियान सिंह और रूपेश कुमार के रूप में हुई है। सभी आरोपी टारगेट किलिंग को अंजाम देने जा रहे थे। इससे पहले कि वे कुछ कर पाते, पुलिस ने इन्हें धर दबोचा। इनके पास से चार पिस्तौल व सात जिंदा कारतूस भी बरामद हुए हैं। इस मामले में करण सभ्रवाल उर्फ कन्नू, नकोदर उर्फ हरमन और दलबीर सिंह उर्फ भोला को नामजद किया गया है। होशियारपुर निवासी दीबू भी इस मामले में वांछित है। एसएसपी हरकमल प्रीत सिंह खख ने कहा पूरे ऑपरेशन का नेतृत्व एसपी जसरूप कौर बठ ने किया, जिसमें डीएसपी जांच लखवीर सिंह की देखरेख में प्रभारी सीआईए स्टाफ पुष्प बाली और एसएचओ सिटी पुलिस स्टेशन संजीव कपूर के नेतृत्व में दो पुलिस टीमें शामिल थीं। पुलिस टीमों ने नकोदर शहर के जीटी रोड स्थित मलहरी गांव के पास एक चेकपॉइंट बनाया, जहां उन्होंने एक सफेद एसयूवी को रोका। उसमें सवार सभी लोग भारी हथियारों से लैस थे। उनके पास 1000 अल्प्राजोलम नशीली गोलियां थीं। ऑपरेशन के दौरान जब्त किए गए अवैध हथियारों के जखीरे में चार पिस्तौल- दो .30 बोर पिस्तौल, एक .32 बोर पिस्तौल और एक .315 बोर देशी पिस्तौल के साथ-साथ सात जिंदा कारतूस शामिल हैं। पुलिस ने होशियारपुर में बैंक डकैती और प्रतिद्वंद्वी गिरोह के सदस्यों की हत्या तथा नकोदर और मेहतपुर में दो और व्यक्तियों की हत्या की योजना को विफल कर दिया है।
संवेदनशील जानकारी लीक करने वाला सिपाही गिरफ्तार
सदर नकोदर पुलिस स्टेशन के एक सिपाही आर्यन सिंह को गिरोह के लिए संवेदनशील जानकारी लीक करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया। आर्यन लगभग डेढ़ महीने से ड्यूटी से अनुपस्थित था और पुलिस ऑपरेशन के गुप्त विवरणों को उजागर करने और गैंगस्टरों को रसद सहायता प्रदान करने में शामिल था। वहीं कार के मालिक रूपेश को भी गिरफ्तार किया गया है, जिसने गिरोह को सुरक्षित घर और हथियार रखने सहित रसद सहायता प्रदान की थी। यह भी पता चला कि होशियारपुर के दीबू को भी मामले में नामजद किया गया है, जो गिरोह को फिर से बेचने के लिए ड्रग्स की आपूर्ति करता था।
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विदेशी अपराधी लवप्रीत सिंह उर्फ लाडी और जेल में बंद गैंगस्टर रवि बलाचोरिया से जुड़े मुख्य नेता अंकुश पर आरोप है कि वह होशियारपुर में प्रतिद्वंद्वी गिरोह के सदस्यों और नकोदर और शाहकोट में विवाद के बाद दो और व्यक्तियों की हत्या की योजना बना रहा था। हमले के लिए बंदूकें लाडी और विशाल सब्बरवाल ने मुहैया कराई थीं और पुलिस ने एक बंदूक पहले ही बरामद कर ली है।
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कई जिलों में कई गतिविधियों में शामिल
अंकुश उर्फ भाया 379बी, समेत कई मामलों में शामिल है। पंकज सभरवाल उर्फ पंकू 12-09-2023 को आईपीसी की धारा 307, 324 और 506 के तहत दर्ज एक मामले में फंसा है। विशाल सभरवाल आर्म्स एक्ट और हिंसक अपराधों से जुड़े पिछले मामलों में वांछित है। ये रिकॉर्ड संगठित अपराध, मादक पदार्थों की तस्करी और हिंसक गतिविधियों में गिरोह की लंबे समय से संलिप्तता को दर्शाते हैं। इस संबंध में नकोदर सिटी पुलिस स्टेशन में आर्म्स एक्ट की धारा 25, 54 और 59 के तहत मामला दर्ज किया गया था। नवीनतम गिरफ्तारियों और बरामदगी के साथ, धारा 111, 61(2), बीएनएस, और आर्म्स एक्ट की धारा 25.6, 25.7, 25.8, 25(1बी)ए, साथ ही एनडीपीएस एक्ट की धारा 22(सी), 29, और 25-61-85 के तहत अतिरिक्त आरोप जोड़े गए हैं।