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Chandigarh News: नगर निगम के वेस्ट टू एनर्जी प्लांट के प्रस्ताव को झटका

Sat, 09 Nov 2024 02:57 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Sat, 09 Nov 2024 02:57 AM IST
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Setback for Municipal Corporation's Waste to Energy Plant proposal
चंडीगढ़। नगर निगम के पार्षद पिछले काफी समय से वेस्ट टू एनर्जी प्लांट लगाने के पक्ष में हैं और सदन में कई बार चर्चा भी हो चुकी है। शुक्रवार को केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने उनकी इस योजना को झटका दे दिया है। उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ में यह संभव नहीं है लेकिन वेस्ट टू चारकोल का प्लांट लगाया जा सकता है। इसके लिए एनटीपीसी के साथ संभावित साझेदारी पर भी विचार किया जा रहा है और वेस्ट-टू-चारकोल यूनिट स्थापित करने की योजना बनाई जा रही है।मनोहर लाल ने नगर निगम के अधिकारियों के साथ बैठक कर वेस्ट मैनेजमेंट की भी समीक्षा की। कहा कि शहर में वेस्ट मैनेजमेंट पर काफी काम हो रहा है लेकिन डड्डूमाजरा के डंपिंग राउंड को लेकर लोगों का जो विरोध चल रहा है, वहां पर जल्द ही कोई प्रोसेसिंग का प्लांट लगाना होगा ताकि नया कूड़ा न गिराया जाए। कहा कि लोगों को डंपिंग से ही शिकायत होती है। अगर साथ-साथ कूड़ा प्रोसेस होता रहे तो किसी को कोई समस्या नहीं होगी। कहा कि वेस्ट टू एनर्जी प्लांट के लिए बहुत सारा कूड़ा प्लांट को चाहिए होता है जो कि यहां पर नहीं है लेकिन वेस्ट टू चारकोल बनाने की एक एनटीपीसी की एक टेक्नोलॉजी है। कचरे को चारकोल में बदलने के लिए एनटीपीसी के साथ संभावित साझेदारी पर भी विचार किया जा रहा है और चंडीगढ़ में एक वेस्ट-टू-चारकोल यूनिट स्थापित करने की योजना बनाई जा रही है। उन्होंने स्वच्छ सर्वेक्षण में नए शुरू किए गए गोल्डन कैटेगरी में चंडीगढ़ की भागीदारी को प्रोत्साहित किया, जो नगर निगमों को स्वच्छता रैंकिंग में सुधार के लिए प्रेरित करेगा। 2023 में 11वें स्थान पर रहे चंडीगढ़ का अब शीर्ष 5 स्वच्छ शहरों में जगह बनाने का लक्ष्य है।
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लाल डोरा बढ़ाने के बजाय खत्म करने के लिए प्रशासन को बनानी चाहिए नीति : मनोहर लाल ने कहा कि बैठक में लाल डोरा को बढ़ाने के मुद्दे पर भी चर्चा हुई। कहा कि हरियाणा में उन्होंने लाल डोरा का कॉन्सेप्ट ही खत्म कर दिया। कई जिलों में स्वामित्व नाम से योजना शुरू हुई है। इसे लोगों ने खूब सराहा है। उसके तहत सारा रिकॉर्ड रेवेन्यू में चला जाता है। रजिस्ट्रेशन होता और संपत्तियों को मान्यता मिल जाती है। कहा कि उस प्रॉपर्टी के पर लोन भी होता है और उसकी कीमत भी बढ़ती है इसलिए लाल डोरा को बढ़ाने की वजह इसे खत्म करने को लेकर ही यूटी प्रशासन की तरफ से कोई नीति लानी चाहिए। मनोहर लाल ने कहा कि चंडीगढ़ बिजली विभाग के निजीकरण के मामले में हाईकोर्ट ने कुछ दिन पहले ही अपना फैसला दिया है। अब चंडीगढ़ प्रशासन को निर्णय लेना है। इसके लिए जल्द काम शुरू हो सकता है या सुप्रीम कोर्ट का रास्ता भी खुला है। हालांकि, उन्होंने कहा कि इसमें किसी भी कर्मचारी का नुकसान नहीं होगा। कर्मचारियों के जितने भी वेलफेयर की बातें हैं, उन सभी को ध्यान में रखा जाएगा और जो जिस भी कंपनी को काम दिया जाएगा, उसमें शर्त होगी कि कर्मचारियों को सभी लाभ पहले की तरह ही मिलते रहेंगे। मनोहर लाल ने कहा कि चंडीगढ़ में बिजली की कोई कमी नहीं है। आने वाले समय में जैसे-जैसे मांग बढ़ती रहेगी केंद्र की तरफ से कोटा दिया जाएगा।
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