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Haryana Assembly Election: पहली बार चुनाव की घोषणा के बाद बुलाया जाएगा सत्र, 13 सितंबर से पहले ही बुलाना जरूरी
Sat, 17 Aug 2024 08:12 AM IST
निवेदिता वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Sat, 17 Aug 2024 08:12 AM IST
सार
14वीं हरियाणा विधानसभा का कार्यकाल तीन नवंबर तक है। उन्होंने बताया कि संविधान के मुताबिक दो सत्रों के बीच छह महीने का अंतर नहीं होना चाहिए। सरकार ने पिछला सत्र पांच माह पूर्व 13 मार्च को बुलाया था, इसलिए भारत के संविधान के अनुच्छेद 174 (1) के अनुसार भले ही एक दिन का सत्र बुलाना पड़े, मगर सरकार को बुलाना पड़ेगा।
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हरियाणा विधानसभा
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
हरियाणा की 15वीं विधानसभा के गठन के लिए चुनाव की तारीख की घोषणा हो चुकी है, मगर 13 सितंबर से पहले-पहले मौजूदा 14वीं विधानसभा का एक सत्र बुलाना संवैधानिक रूप से अनिवार्य है।
संविधान के मुताबिक दो सत्रों के बीच छह महीने का अंतर नहीं होना चाहिए। प्रदेश के इतिहास में ऐसा पहली बार होगा, जब हरियाणा विधानसभा के चुनाव घोषित होने के बाद वर्तमान सदन का सत्र आयोजित होगा। वहीं, राज्यपाल की मंजूरी के बाद पांच अध्यादेशों को भी विधेयक के तौर पर सदन से पारित करवाने के लिए विधानसभा का सत्र बुलाया जाना जरूरी है। यदि विधानसभा सत्र में यह अध्यादेश पारित नहीं हुए तो सत्र की तारीख से छह हफ्ते तक ही यह अध्यादेश लागू रह सकते हैं।
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के एडवोकेट हेमंत कुमार ने बताया कि 13 सितंबर से पहले सत्र बुलाना संविधान के उपरोक्त अनुच्छेद के अंतर्गत अनिवार्य है। हेमंत कुमार ने बताया कि हरियाणा के 58 वर्ष के इतिहास में ऐसा पहली बार होगा कि चुनाव आयोग द्वारा अगली विधानसभा के आम चुनाव घोषित होने के बाद प्रदेश के मौजूदा विधानसभा का सत्र बुलाना पड़ेगा। जहां तक सत्र बुलाने के संबंध में और उसकी तारीख के बारे में अंतिम निर्णय लेने का विषय है तो शनिवार 17 अगस्त को हरियाणा मंत्रिमंडल की बैठक में इस बारे में फैसला लिया जा सकता है।
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संविधान के मुताबिक दो सत्रों के बीच छह महीने का अंतर नहीं होना चाहिए। प्रदेश के इतिहास में ऐसा पहली बार होगा, जब हरियाणा विधानसभा के चुनाव घोषित होने के बाद वर्तमान सदन का सत्र आयोजित होगा। वहीं, राज्यपाल की मंजूरी के बाद पांच अध्यादेशों को भी विधेयक के तौर पर सदन से पारित करवाने के लिए विधानसभा का सत्र बुलाया जाना जरूरी है। यदि विधानसभा सत्र में यह अध्यादेश पारित नहीं हुए तो सत्र की तारीख से छह हफ्ते तक ही यह अध्यादेश लागू रह सकते हैं।
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पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के एडवोकेट हेमंत कुमार ने बताया कि 13 सितंबर से पहले सत्र बुलाना संविधान के उपरोक्त अनुच्छेद के अंतर्गत अनिवार्य है। हेमंत कुमार ने बताया कि हरियाणा के 58 वर्ष के इतिहास में ऐसा पहली बार होगा कि चुनाव आयोग द्वारा अगली विधानसभा के आम चुनाव घोषित होने के बाद प्रदेश के मौजूदा विधानसभा का सत्र बुलाना पड़ेगा। जहां तक सत्र बुलाने के संबंध में और उसकी तारीख के बारे में अंतिम निर्णय लेने का विषय है तो शनिवार 17 अगस्त को हरियाणा मंत्रिमंडल की बैठक में इस बारे में फैसला लिया जा सकता है।
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