Year Ender 2022: चंडीगढ़ में सालभर अफसरों का लगा रहा आना-जाना, 24 हजार कर्मचारियों का बदल गया सर्विस रूल्स
इस वर्ष केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की एक घोषणा ने चंडीगढ़ प्रशासन के करीब 24 हजार कर्मचारियों के सर्विस रूल्स बदल गए। मार्च 2022 में अमित शाह चंडीगढ़ के दौरे पर आए। इस दौरान धनास में पुलिस कांप्लेक्स का उद्घाटन करने के दौरान उन्होंने चंडीगढ़ के कर्मचारियों की सेवा शर्तों को पंजाब सर्विस रूल्स से हटाकर सेंट्रल सर्विस रूल्स के साथ जोड़ दिया।
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विस्तार
वर्ष 2022 में पूरे साल अफसरों का आना-जाना लगा रहा। इस साल एक आईएएस, पांच पीसीएस, तीन एचसीएस और तीन दानिक्स कैडर के अधिकारियों ने चंडीगढ़ प्रशासन में कार्यभार संभाला, जबकि दो आईएएस एसएस गिल और जसविंदर कौर वापस गए हैं। प्रशासन ने अपने कई फैसलों से भी शहर के लोगों को चौंकाया। इसमें विधानसभा के लिए हरियाणा को 10 एकड़ जमीन देना सबसे अहम था, क्योंकि एक तरफ प्रशासन की ओर से बढ़ते जाम का विकल्प ढूंढा जा रहा है, दूसरी तरफ नए विधानसभा के लिए जमीन दे दी गई। पूरे साल स्टार्टअप नीति की चर्चा रही लेकिन प्रशासन इसे लागू नहीं करा पाया, जबकि ईवी नीति ने इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री बढ़ा दी।
अधिकारियों की कमी हुई तो पहली बार केंद्र ने भेजे दानिक्स अफसर
वर्ष 2022 की शुरुआत से ही चंडीगढ़ में अधिकारियों की कमी रही, जिसे देखते हुए पहली बार 17 फरवरी को शहर में दानिक्स कैडर के अधिकारी शहर भेजे गए। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने वर्ष 2009 बैच के दानिक्स अधिकारी डी. कार्तिकेयन, 2010 बैच के अखिल कुमार और अमित कुमार को चंडीगढ़ भेजा। हालांकि डी. कार्तिकेयन ने किन्हीं कारणों की वजह से चंडीगढ़ ज्वाइन नहीं किया। अन्य दो अफसरों ने कर लिया। इसके बाद दिसंबर माह में केंद्र ने डी. कार्तिकेयन की जगह दानिक्स कैडर के नवीन को भेजा।
पूरे साल चली कैडर वॉर
पंजाब के कई नेताओं ने इस साल चंडीगढ़ पर आरोप लगाया कि प्रशासन में पंजाब कैडर को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है। पहला विवाद सिटको एमडी का पद यूटी कैडर की अधिकारी पूर्वा गर्ग को देने पर हुआ। इसके बाद जब केंद्र ने दानिक्स अधिकारी भेजे तो खडूर साहिब से कांग्रेस सांसद जसबीर सिंह गिल ने इसे साजिश बताया। कहा कि दानिक्स कैडर के अधिकारियों को पीसीएस अधिकारियों की जगह लगाया जा रहा है। ये चंडीगढ़ पर पंजाब के अधिकारों को कम करने की कोशिश है। कहा कि इस साजिश के खिलाफ सभी पंजाबियों और पंजाब के राजनेताओं को लड़ना चाहिए।
पंजाब सर्विस रूल्स से सेंट्रल सर्विस रूल्स पर आया चंडीगढ़
इस वर्ष केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की एक घोषणा ने चंडीगढ़ प्रशासन के करीब 24 हजार कर्मचारियों के सर्विस रूल्स बदल गए। मार्च 2022 में अमित शाह चंडीगढ़ के दौरे पर आए। इस दौरान धनास में पुलिस कांप्लेक्स का उद्घाटन करने के दौरान उन्होंने चंडीगढ़ के कर्मचारियों की सेवा शर्तों को पंजाब सर्विस रूल्स से हटाकर सेंट्रल सर्विस रूल्स के साथ जोड़ दिया। इसकी वजह से कई तरह के बदलाव हुए। कर्मचारियों के सेवानिवृत्ति की उम्र 58 से बढ़कर 60 हो गई। कई कर्मचारी जो सेवानिवृत्त होने वाले थे, उन्हें दो साल अतिरिक्त मिल गए। इससे मौके पर ही कई ने डांस करना शुरू कर दिया था।
आईटी पार्क आवासीय योजना खारिज
चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड की सबसे अहम परियोजनाओं में से एक आईटी पार्क आवास योजना को 13 अक्तूबर को नेशनल बोर्ड ऑफ वाइल्डलाइफ ने मंजूरी देने से इन्कार कर दिया। इसकी वजह से हाउसिंग बोर्ड को बहुत बड़ा झटका लगा। बोर्ड ने यहां मौजूद करीब 123 एकड़ जमीन में से कुछ पर 728 फ्लैट्स बनाने की योजना बनाई थी, जिसे लेकर पिछले करीब एक साल से काम किया जा रहा था। एक निजी कंपनी की मदद से फ्लैट्स का डिजाइन भी तय कर लिया गया लेकिन मंत्रालय की तरफ से प्रोजेक्ट को खारिज करने के बाद सभी योजनाएं धरी की धरी रह गईं।
हरियाणा विधानसभा को चंडीगढ़ में दी जमीन
जुलाई 2022 में चंडीगढ़ ने हरियाणा को विधानसभा के लिए कलाग्राम के पास 10 एकड़ जमीन दे दी। हरियाणा के नेता इस फैसले से खुश हुए लेकिन पंजाब के नेताओं और शहर के लोगों ने इसका विरोध किया। आप के प्रदेश मुख्य प्रवक्ता मलविंदर सिंह कंग ने कहा कि पंजाब के दर्जनों गांवों की जमीन पर बसाए गए चंडीगढ़ में हरियाणा को एक इंच भी जमीन नहीं दी जाएगी। शहर के लोगों ने कहा कि प्रशासन एक तरफ बढ़ते जाम से बचने की योजनाएं बना रहा है, दूसरी तरफ नई विधानसभा के लिए जमीन दे दी। इससे ट्रैफिक काफी ज्यादा बढ़ जाएगा।
स्टार्टअप पर पूरे साल हुई चर्चा लेकिन नीति नहीं हुई लागू
स्टार्टअप नीति की पूरे साल चर्चा होती रही। प्रशासन ने सितंबर 2022 में ड्राफ्ट भी जारी कर दिया लेकिन अधिसूचना नहीं जारी हो पाई। असर ये हुआ कि 4 जुलाई को जारी स्टार्टअप इंडिया की रैंकिंग में कम जनसंख्या वाले राज्य व यूटी की कैटेगरी में चंडीगढ़ पहले लीडर की कैटेगरी में था लेकिन नई रैंकिंग में चंडीगढ़ एक पायदान नीचे आ गया। इस रैंकिंग में शहर को एस्पायरिंग लीडर की श्रेणी में डाला गया। 21 जुलाई को इंडिया इनोवेशन इंडेक्स जारी हुआ। इसमें ओवरऑल चंडीगढ़ ने टॉप किया लेकिन बिजनेस एनवायरनमेंट के इंडेक्स में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस और कॉमन फेसिलिटी सेंटर का स्कोर शून्य रहा।
40 साल बाद कॉलोनी नंबर-4 टूटी
प्रशासन ने एक मई को लगातार 12 घंटे अभियान चलाकर इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 स्थित 40 साल साल पुराने कॉलोनी नंबर-4 में बने 2500 अवैध मकानों को ध्वस्त कर दिया। इसके साथ ही शहर के बीचों बीच 65 एकड़ भूमि को खाली करा लिया, जिसकी कीमत लगभग दो हजार करोड़ रुपये आंकी गई है। ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के दौरान पुलिस व अन्य विभागों के दो हजार कर्मचारी तैनात रहे। इनमें 10 कार्यकारी मजिस्ट्रेट भी शामिल थे।