फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Serious crimes against women increased by 57.3 percent in two years, police showed proactiveness by solving 91 percent of the cases

Chandigarh News: दो साल में महिलाओं के खिलाफ 57.3 प्रतिशत बढ़े गंभीर अपराध, 91 फीसदी केस सुलझाकर पुलिस ने दिखाई सक्रियता

Sat, 28 Jun 2025 01:13 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Sat, 28 Jun 2025 01:13 AM IST
विज्ञापन
Serious crimes against women increased by 57.3 percent in two years, police showed proactiveness by solving 91 percent of the cases
चंडीगढ़। 2022 से 2024 के बीच मर्डर, अपहरण, दहेज प्रताड़ना और दहेज हत्या जैसे गंभीर मामलों में 57 फीसदी तक बढ़ोतरी हुई है। हालांकि पुलिस की तत्परता का असर यह रहा कि इन मामलों में करीब 91.5 फीसदी केस सुलझा लिए गए, जिससे पीड़ितों को समय पर न्याय मिल सका। साल 2022 में हत्या, हत्या के प्रयास, दुष्कर्म, अपहरण, दहेज, दहेज हत्या, छेड़छाड़ और इमोर ट्रैफिकिंग के कुल 322 मामले दर्ज हुए। जबकि
विज्ञापन




2024 में बढ़कर 455 हो गए। आंकडों के अनुसार इन मामलों में 41 प्रतिशत बढ़ोतरी हुई। 2023 से 2024 तक सिर्फ 5 प्रतिशत वृद्वि हुई, जबकि इस साल अभी तक के आंकडों में 21 प्रतिशत कमि आई है।
विज्ञापन




हत्या, अपहरण, दहेज प्रताड़ना और दहेज हत्या के मामलों में लगातार इजाफा हुआ है, जबकि छेड़छाड़ के मामलों में 21.43 प्रतिशत कमि आई है।



वर्ष 2022 में हत्या के केवल 2 मामले दर्ज हुए थे, जो 2024 में बढ़कर 5 तक पहुंच गए। यानी इन मामलों में 150 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। इसी तरह अपहरण के मामलों में भी 37 प्रतिशत का इजाफा देखा गया। 2022 में जहां 107 केस दर्ज हुए थे, वहीं 2024 में यह संख्या 147 रही। वहीं
विज्ञापन
विज्ञापन


दहेज प्रताड़ना के मामलों में भी तेजी से बढ़ोतरी हुई है। 2022 में 83 केस थे, जबकि 2024 में इनकी संख्या 162 हो गई, जो लगभग 95 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्शाती है। वहीं, दहेज हत्या के मामलों में भी वृद्धि हुई है। 2022 में एक मामला दर्ज हुआ था, जबकि 2024 में यह संख्या बढ़कर 3 हो गई है।




वहीं छेड़छाड़ के मामलों में गिरावट देखने को मिली है। 2022 में ऐसे 42 मामले दर्ज किए गए थे, जबकि 2024 में यह आंकड़ा घटकर 33 रह गया है, यानी लगभग 21 प्रतिशत की कमी आई है। बता दें कि अपहरण के मामलों में लापता लोगों का भी केस दर्ज किया जाता है।

-------------------------------------------------



अपराध का प्रकार



2022 (रिपोर्टेड / सुलझे) 2023 (रिपोर्टेड / सुलझे) 2024 (रिपोर्टेड / सुलझे) 2025 (30 मई तक) (रिपोर्टेड / सुलझे)



हत्या 02 / 01 05 / 05 05 / 05 00 / 00



हत्या का प्रयास 03 / 03 01 / 01 03 / 03 01 / 01



बलात्कार 84 / 83 107 / 106 103 / 103 21 / 20



अपहरण 107 / 100 128 / 117 147 / 127 52 / 41



दहेज मृत्यु 01 / 01 04 / 04 03 / 03 02 / 02



छेड़छाड़/ 42 / 37 40 / 33 33 / 28 09 / 05



दहेज 83 / 83 76 / 76 162 / 162 38 / 38



इमोरल ट्रैफिकिंग - / - 06 / 06 02 / 02 - / -



-------------------------------------



अपराध का प्रकार वृद्धि/कमी (%) (2022-2024)



हत्या 150% वृद्धि



बलात्कार 22.6% वृद्धि



अपहरण 37.3% वृद्धि

दहेज हत्या 200% वृद्धि



छेड़छाड़ 21.4% कमी

दहेज 95.2% वृद्धि



वर्जन

पुलिस हर किसी मामले में तुरंत संज्ञान लेती है। गंभीर अपराधों में तुरंत एफआईआर दर्ज कर केस को सुलझाया जाता है।

कंवरदीप कौर, एसएसपी चंडीगढ़
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed