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Hindi News ›   Chandigarh ›   Senior Prosecutor Wrote Letter to Supreme Court Regarding Coronavirus, Lockdown

मोहाली: वरिष्ठ वकील ने सुप्रीम कोर्ट को लिखा पत्र- कोरोना महामारी नहीं, जैविक हथियार है

Fri, 01 May 2020 12:50 PM IST
खुशबू गोयल अमित शर्मा, अमर उजाला, मोहाली ( पंजाब)
अमित शर्मा, अमर उजाला, मोहाली ( पंजाब) Published by: खुशबू गोयल Updated Fri, 01 May 2020 12:50 PM IST
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Senior Prosecutor Wrote Letter to Supreme Court Regarding Coronavirus, Lockdown
प्रतीकात्मक तस्वीर

कोरोना महामारी को लेकर वरिष्ठ वकील सुरिंदर सिंह ने सुप्रीम कोर्ट को पत्र लिखा है। जानलेवा कोविड-19 कोरोना महामारी ने पूरी दुनिया में आतंक मचा रखा है। रोजाना सैकड़ों की संख्या में लोग इस महामारी की चपेट में आने से अपनी जान गंवा रहे हैं। अमेरिका जैसे ताकतवर देश भी इस महामारी पर सवाल उठाकर जांच की मांग कर रहे हैं।

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इसलिए वरिष्ठ वकील ने पत्र लिखकर कोरोना महामारी को जैविक हथियार बताते हुए इसकी गहन जांच करवाने की मांग की है। उन्होंने अपने 70 पृष्ठ के पत्र में इस वायरस के पीछे की साजिश संबंधी कई तर्क दिए हैं। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट से निवेदन किया है कि इस संबंधी जांच करवाना देश के हित में है। ऐसे में भारत सरकार के गृह मंत्रालय को इस संबंधी गाइड लाइन जारी कर एनआईए को इस संबंधी केस दर्ज करने के आदेश दिए जाएं।
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पत्र में रणनीति बनने तक के प्रमाण दिए गए
मिली जानकारी के मुताबिक, वकील सुरिंदर सिंह की तरफ से पत्र में कई ऐसी चीजों का जिक्र किया गया है, जिससे इस तरफ साफ इशारा होता है कि आतंकी संगठन कई साल से इस तरह के जैविक हथियार के इस्तेमाल करने की फिराक में थे। इतना ही नहीं इसके लिए बाकायदा रणनीति तक बनने के प्रमाण उन्होंने दिए हैं।
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पत्र में उन्होंने उल्लेख किया है कि नवंबर, 2011 में काबुल में एक पाकिस्तानी वैज्ञानिक डॉ. बशीर महमूद के ऑफिस से ऐसे दस्तावेज मिले थे। जिसमें उन्होंने एंथ्रेक्स में रुचि दिखाई थी। वहीं, गुब्बारों के माध्यम से उसे फैलाने संबंधी गणना तक थी। जिससे यह साफ संकेत है कि उस समय से इस तरह की महामारी फैलाकर दुनिया को खतरे में डालने की कोशिश की जा रही है।

इस्तेमाल संबंधी जानकारी भी पत्र में साझा की

उन्होंने अपने पत्र में बताया है कि पाकिस्तानी वैज्ञानिक महमूद अपने एक अन्य वैज्ञानिक साथी अब्दुल मजीद के साथ 2001 में आतंकी ओसामा बिन लादेन से मिले थे। उन्होंने आरोप लगाया कि इस दौरान उन्होंने अलकायदा से परमाणु, जैविक और रसायनिक हथियारों की जानकारी साझा की थी।

इतना ही नहीं उन्होंने जैविक हथियारों के इस्तेमाल संबंधी एक और जानकारी अपने पत्र में साझा की है। जिसमें उन्होंने बताया है कि 2005 में इराक पर आधारित आतंकवादी संगठन अल तौहिद ने अपनी वेबसाइट पर एक 8 पेज का दस्तावेज पोस्ट किया था।

साजिश के तहत फैलाया गया वायरस
इसमें अप्रत्यक्ष रूप से जैविक हथियारों के विस्तृत इतिहास के बारे में बताया था। इसके साथ ही इन हथियारों को अमेरिका पर इस्तेमाल करने के लिए प्रोत्साहित किया गया था। वहीं, उन्होंने आरोप लगाया है कि कोरोना वायरस चीन के वुहान की लैब से लीक नहीं हुआ और न तो यह जंगली सी फूड के माध्यम से बाजार में पहुंचा है। बल्कि एक पूरी साजिश के तहत यह फैलाया गया है। उन्होंने मांग की है कि इसकी युद्ध स्तर पर जांच होनी चाहिए।

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