Punjab News: पंजाब कांग्रेस में मची खलबली, वरिष्ठ नेता के फॉर्मूले से सब हैरान, लामबंदी भी शुरू हुई
पंजाब के वरिष्ठ एवं एक जिम्मेदार नेता चुपचाप खरगे और राहुल से मिलने पहुंचे। इस दौरान उन्होंने बताया कि पंजाब में कांग्रेस उस स्थिति में नहीं है कि अपने दम पर लोकसभा चुनाव में कामयाबी हासिल कर सके। अगर आप से गठबंधन होता तो फायदेमंद होगा। बता दें कि हाईकमान भी इनकी बात को गंभीरता से सुनता है।
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लोकसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी (आप) से गठबंधन के मुद्दे पर हाल ही में कांग्रेस हाईकमान की ओर से बुलाई गई बैठक में अंदरखाते जो कुछ हुआ, उससे पंजाब कांग्रेस में खलबली मच गई है। पार्टी सूत्रों के अनुसार पंजाब इकाई के एक वरिष्ठ नेता जोकि बाकी नेताओं की तरह ही आप के गठबंधन का खुले तौर पर विरोध करते रहे हैं, ने हाईकमान को बताया है कि पंजाब में कांग्रेस के लिए आप से गठबंधन करना बहुत जरूरी है। इसके लिए उन्होंने हाईकमान के सामने कई ठोस कारण भी गिनाए हैं।
हालांकि संबंधित नेता ने अपनी बात काफी गुपचुप तरीके से हाईकमान तक पहुंचाई लेकिन पंजाब के बाकी कांग्रेस नेताओं को इसकी भनक लग ही गई। नतीजतन एक बड़े गुट ने लामबंदी शुरू कर दी है। इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी देने वाले कांग्रेस नेता ने बताया कि कुछ मौजूदा और पूर्व विधायकों समेत 20 नेता एकमत हो चुके हैं कि अगर आप से गठबंधन के बारे में हाईकमान ने उनकी राय लिए बिना कोई फैसला लिया तो पार्टी को अलविदा कहने जैसा कदम उठाने से पीछे नहीं हटेंगे।
उन्होंने कहा कि पार्टी नेताओं को गुमराह करके जिस तरह अंदरखाते साजिश रची गई, उसकी जानकारी अब पंजाब इकाई के सभी सदस्यों तक पहुंच गई है। हाईकमान के समक्ष आप से गठबंधन का पक्ष लेने वाले नेता का नाम बताने से इन्कार करते हुए उन्होंने इतना ही कहा कि किन नेता ने यह दोहरी चाल चली है, उसका नाम सभी सदस्यों को पता चल चुका है।
गौरतलब है कि इंडिया गठबंधन के तहत पंजाब में भी आप से गठबंधन की तैयारी कर रहे कांग्रेस हाईकमान ने बीते सप्ताह सूबे के पार्टी नेताओं को दिल्ली बुलाया था। पंजाब कांग्रेस के अधिकांश नेता आप से गठबंधन का विरोध जताने की तैयारी करके दिल्ली गए थे लेकिन बैठक के बाद पंजाब कांग्रेस के प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने जानकारी दी थी कि हाईकमान ने गठबंधन के मुद्दे पर उनसे कोई सवाल नहीं किया, इसलिए पंजाब के नेताओं ने भी हाईकमान के सामने कोई बात नहीं रखी। यानी आप से गठबंधन पर बैठक में कोई फैसला नहीं लिया गया। बैठक में पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी भी मौजूद रहे।
अब पता चला है कि इस बैठक के कुछ देर बाद ही पंजाब के एक जिम्मेदार नेता, जिन्हें हाईकमान भी गंभीरता से सुनता है, चुपचाप खरगे और राहुल से मिलने अंदर गए और उन्हें बताया कि पंजाब में कांग्रेस उस स्थिति में नहीं है कि अपने दम पर लोकसभा चुनाव में कामयाबी हासिल कर सके। उन्होंने यह भी बताया कि पार्टी काडर एकजुट नहीं है और सीनियर नेताओं में भी कोई तालमेल नहीं रहा है। उन्होंने खरगे को बताया कि पंजाब में आप के साथ सीट-शेयरिंग कांग्रेस के लिए लाभदायक साबित होगी।