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सीनेट का कार्यकाल पांच दिन बाद हो जाएगा खत्म, सीनेटरों में हड़कंप
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चंडीगढ़। पंजाब विश्वविद्यालय में सीनेट के चुनाव होने के आसार लगभग खत्म हो गए हैं। पीयू प्रशासन ने भी साफ कर दिया है कि सीनेट चुनाव की घोषणा अभी नहीं की जा सकती और न ही शारीरिक रूप से मौजूद होकर सिंडिकेट की बैठक की जा सकती। सीनेट के कार्यकाल पूरा होने में महज पांच दिन बचे हैं। ऐसे में वर्तमान सीनेटरों में हड़कंप मचा है। हाईकोर्ट में याचिका दायर की जानी थी, लेकिन उसको लेकर भी कदम अभी आगे नहीं बढ़े हैं। ऐसा क्यों हुआ? यह कोई बताने को तैयार नहीं है। एक नवंबर से सभ्ी सदस्य पूर्व सीनेटर हो जाएंगे।
हर चार साल में एक बार सीनेट का चुनाव होता है। 91 सदस्यों की सीनेट में आधे से अधिक सदस्य चुनाव के जरिए आते हैं। सीनेट का चुनाव कार्यक्रम जारी हुआ था। साथ ही नामांकन भी हुए, लेकिन बाद में चुनाव स्थगित कर दिए गए। कोरोना से लेकर कई तर्क दिए गए थे। यह चुनाव करवाने के लिए गोयल ग्रुप पीयू वीसी से भी मिला। इसके अलावा सिंडिकेट की बैठक कर चुनाव कार्यक्रम घोषित करने की मांग की गई लेकिन पीयू प्रशासन ने यह बात नहीं सुनी। यूटी प्रशासन के अधिकारियों व चंडीगढ़ के प्रशासक को भी ज्ञापन दिया गया। अब तक इस पर कोई काम नहीं हुआ। सूत्रों का कहना है कि नवंबर में बोर्ड ऑफ गवर्नेंस का गठन हो सकता है। हालांकि यह भी कहा जा रहा है कि सिंडिकेट 31 दिसंबर तक है। इसके बाद ही बोर्ड ऑफ गवर्नेंस का गठन होगा। इससे पहले पीयू के संचालन के लिए एक कमेटी बनाई जा सकती है या फिर वीसी ही सभी अधिकारों का प्रयोग करेंगे।
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हर चार साल में एक बार सीनेट का चुनाव होता है। 91 सदस्यों की सीनेट में आधे से अधिक सदस्य चुनाव के जरिए आते हैं। सीनेट का चुनाव कार्यक्रम जारी हुआ था। साथ ही नामांकन भी हुए, लेकिन बाद में चुनाव स्थगित कर दिए गए। कोरोना से लेकर कई तर्क दिए गए थे। यह चुनाव करवाने के लिए गोयल ग्रुप पीयू वीसी से भी मिला। इसके अलावा सिंडिकेट की बैठक कर चुनाव कार्यक्रम घोषित करने की मांग की गई लेकिन पीयू प्रशासन ने यह बात नहीं सुनी। यूटी प्रशासन के अधिकारियों व चंडीगढ़ के प्रशासक को भी ज्ञापन दिया गया। अब तक इस पर कोई काम नहीं हुआ। सूत्रों का कहना है कि नवंबर में बोर्ड ऑफ गवर्नेंस का गठन हो सकता है। हालांकि यह भी कहा जा रहा है कि सिंडिकेट 31 दिसंबर तक है। इसके बाद ही बोर्ड ऑफ गवर्नेंस का गठन होगा। इससे पहले पीयू के संचालन के लिए एक कमेटी बनाई जा सकती है या फिर वीसी ही सभी अधिकारों का प्रयोग करेंगे।
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