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सेमिनार और रैलियों से रुकेगी नकल
अमर उजाला मोहाली
Updated Fri, 13 Dec 2013 12:14 AM IST
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बोर्ड परीक्षाओं को नकल फ्री बनाने के लिए पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड पूरी तैयारी के साथ जुट गया है। बोर्ड ने राज्य स्तर पर एक नकल विरोधी अभियान चलाया है।
इसके तहत विभिन्न जिलों के स्कूलों में सेमिनार एवं रैलियां आयोजित की जा रही हैं। इनमें जहां नकल से होले वाले नुकसानों पर प्रकाश डाला जा रहा है। विद्यार्थियों को नकल न करने तक की शपथ दिलाई जा रही है।
वीरवार को पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड ने इस मुहिम को लेकर अधिकारियों की मीटिंग की। इस मौके पर बोर्ड की चेयरपर्सन डॉ. तेजिंदर कौर धालीवाल ने बताया कि नकल विरोधी अभियान काफी प्लानिंग के बाद शुरू किया गया है।
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करीब 15 जिलों में अभियान संबंधी रैलियां एवं सेमिनार हो चुके हैं। जिसे विभिन्न संस्थाओं की तरफ से काफी प्रशंसा मिल रही है। उन्होंने बताया कि इस मुहिम को कामयाब बनाने के लिए अब आम लोगों से भी सुझाव लिए जाएंगे। उन पर भी बोर्ड द्वारा काम किया जाएगा।
इससे पहले नकल विरोधी अभियान के तहत ही आदर्श स्कूल की एक टीचर ने किताब लिखी थी। जिसमें नकल के दुष्प्रभावों बारे गहराई से बताया गया था। इस पुस्तक को भी काफी प्रशंसा मिली थी।
बोर्ड ने नकल विरोधी अभियान के लिए एक स्पशेल टीम बनाई है। टीम का कोऑर्डिनेटर डॉयरेक्टर वातावरण श्रुति शुक्ला को लगाया गया। इसके अलावा बोर्ड की वेबसाइट पर नकल विरोधी मुहिम के बारे में विस्तार से बताया गया है।
सालाना छह लाख विद्यार्थी होते हैं अपीयर
पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड की दसवीं और 12वीं की परीक्षा में हर साल छह लाख के करीब स्टूडेंट्स अपीयर होते हैं। अधिकतर नकल के मामले बार्डर एरिया में आते हैं। नकल विरोधी मुहिम में पीएसईबी और शिक्षा विभाग की टीमें मिलकर काम करती हैं।
चेयरपर्सन ने संभाला था कंट्रोल रूम
इसी साल जब मार्च में बोर्ड परीक्षाएं हुई थीं, तो बोर्ड की चेयरपर्सन डॉ. तेजिंदर कौर धालीवाल ने कंट्रोल रूम संभाला था। डीजीएसई काहन सिंह पन्नू ने स्कूलों में जाकर चेकिंग की थी। इस दौरान कई विद्यार्थी नकल करते पकड़े गए थे। इनमें कुछ जगह तो असली विद्यार्थी की जगह नकली विद्यार्थी परीक्षा देते काबू किए गए थे।
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इसके तहत विभिन्न जिलों के स्कूलों में सेमिनार एवं रैलियां आयोजित की जा रही हैं। इनमें जहां नकल से होले वाले नुकसानों पर प्रकाश डाला जा रहा है। विद्यार्थियों को नकल न करने तक की शपथ दिलाई जा रही है।
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वीरवार को पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड ने इस मुहिम को लेकर अधिकारियों की मीटिंग की। इस मौके पर बोर्ड की चेयरपर्सन डॉ. तेजिंदर कौर धालीवाल ने बताया कि नकल विरोधी अभियान काफी प्लानिंग के बाद शुरू किया गया है।
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करीब 15 जिलों में अभियान संबंधी रैलियां एवं सेमिनार हो चुके हैं। जिसे विभिन्न संस्थाओं की तरफ से काफी प्रशंसा मिल रही है। उन्होंने बताया कि इस मुहिम को कामयाब बनाने के लिए अब आम लोगों से भी सुझाव लिए जाएंगे। उन पर भी बोर्ड द्वारा काम किया जाएगा।
इससे पहले नकल विरोधी अभियान के तहत ही आदर्श स्कूल की एक टीचर ने किताब लिखी थी। जिसमें नकल के दुष्प्रभावों बारे गहराई से बताया गया था। इस पुस्तक को भी काफी प्रशंसा मिली थी।
बोर्ड ने नकल विरोधी अभियान के लिए एक स्पशेल टीम बनाई है। टीम का कोऑर्डिनेटर डॉयरेक्टर वातावरण श्रुति शुक्ला को लगाया गया। इसके अलावा बोर्ड की वेबसाइट पर नकल विरोधी मुहिम के बारे में विस्तार से बताया गया है।
सालाना छह लाख विद्यार्थी होते हैं अपीयर
पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड की दसवीं और 12वीं की परीक्षा में हर साल छह लाख के करीब स्टूडेंट्स अपीयर होते हैं। अधिकतर नकल के मामले बार्डर एरिया में आते हैं। नकल विरोधी मुहिम में पीएसईबी और शिक्षा विभाग की टीमें मिलकर काम करती हैं।
चेयरपर्सन ने संभाला था कंट्रोल रूम
इसी साल जब मार्च में बोर्ड परीक्षाएं हुई थीं, तो बोर्ड की चेयरपर्सन डॉ. तेजिंदर कौर धालीवाल ने कंट्रोल रूम संभाला था। डीजीएसई काहन सिंह पन्नू ने स्कूलों में जाकर चेकिंग की थी। इस दौरान कई विद्यार्थी नकल करते पकड़े गए थे। इनमें कुछ जगह तो असली विद्यार्थी की जगह नकली विद्यार्थी परीक्षा देते काबू किए गए थे।