{"_id":"fd4b00423e6eb0cb1b829f95bbebc205","slug":"self-certification-system-by-ut-administration","type":"story","status":"publish","title_hn":"अटेस्टेशन के लिए अब नहीं काटने पड़ेंगे चक्कर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अटेस्टेशन के लिए अब नहीं काटने पड़ेंगे चक्कर
अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Tue, 07 Jan 2014 09:45 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
यूटी प्रशासन अब अपने सभी कार्यालयों और विभागों में सेल्फ सर्टिफिकेशन को लागू करने जा रहा है। इसके लागू होने से लोगों को अपने आवेदन पत्र गजेटेड अधिकारी से अटेस्ट कराने या एफिडेविट बनवाने के लिए चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।
सोमवार को प्रशासक के सलाहकार केके शर्मा की अध्यक्षता में हुई बैठक में सेल्फ सर्टिफिकेशन को जल्द लागू करने का निर्णय लिया गया, ताकि जन सेवाओं के लिए फार्म अटेस्ट कराने या एफिडेविट देने की जरूरत न पड़े।
बैठक में प्रशासन के अधिकारियों को बताया गया कि प्रशासन के कई विभाग ऐसे हैं जो कि लोगों को आवेदन पत्र अटेस्ट कराने या एफिडेविट देने को कहते हैं। ऐसे में अगर सेल्फ सर्टिफिकेशन का प्रावधान कर दिया जाए तो लोगों को काफी सहूलियत होगी।
विज्ञापन
बैठक में शर्मा ने कहा कि उपायुक्त कार्यालय, संपदा विभाग और शिक्षा विभाग को इसके लिए खास तौर पर तैयार होना होगा।
इन विभागों को अपने अधीन आने वाली ऐसी सभी सेवाओं की पहचान करनी होगी, जहां गजेटेड अधिकारियों के हस्ताक्षर या एफिडेविट जरूरी होते हैं।
ऐसे में इन विभागों को सिर्फ उन्हीं सेवाओं के लिए एफिडेविट को जरूरी करना चाहिए, जहां इसके बिना काम न चलता हो। अन्य सभी सेवाओं के लिए सेल्फ सर्टिफिकेशन को लागू किया जाए।
इसके लागू होने के बाद लोग किसी सरकारी सेवाओं के लिए आवेदन करते वक्त अपने पहचान पत्र, मार्क्स शीट, बर्थ सर्टिफिकेट को खुद ही सेल्फ सर्टिफाई कर पाएंगे।
ध्यान रहे कि केंद्र सरकार के दूसरे प्रशासनिक सुधार आयोग ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से सेल्फ सर्टिफिकेशन को लागू करने को कहा है।
विज्ञापन
सोमवार को प्रशासक के सलाहकार केके शर्मा की अध्यक्षता में हुई बैठक में सेल्फ सर्टिफिकेशन को जल्द लागू करने का निर्णय लिया गया, ताकि जन सेवाओं के लिए फार्म अटेस्ट कराने या एफिडेविट देने की जरूरत न पड़े।
विज्ञापन
बैठक में प्रशासन के अधिकारियों को बताया गया कि प्रशासन के कई विभाग ऐसे हैं जो कि लोगों को आवेदन पत्र अटेस्ट कराने या एफिडेविट देने को कहते हैं। ऐसे में अगर सेल्फ सर्टिफिकेशन का प्रावधान कर दिया जाए तो लोगों को काफी सहूलियत होगी।
विज्ञापन
बैठक में शर्मा ने कहा कि उपायुक्त कार्यालय, संपदा विभाग और शिक्षा विभाग को इसके लिए खास तौर पर तैयार होना होगा।
इन विभागों को अपने अधीन आने वाली ऐसी सभी सेवाओं की पहचान करनी होगी, जहां गजेटेड अधिकारियों के हस्ताक्षर या एफिडेविट जरूरी होते हैं।
ऐसे में इन विभागों को सिर्फ उन्हीं सेवाओं के लिए एफिडेविट को जरूरी करना चाहिए, जहां इसके बिना काम न चलता हो। अन्य सभी सेवाओं के लिए सेल्फ सर्टिफिकेशन को लागू किया जाए।
इसके लागू होने के बाद लोग किसी सरकारी सेवाओं के लिए आवेदन करते वक्त अपने पहचान पत्र, मार्क्स शीट, बर्थ सर्टिफिकेट को खुद ही सेल्फ सर्टिफाई कर पाएंगे।
ध्यान रहे कि केंद्र सरकार के दूसरे प्रशासनिक सुधार आयोग ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से सेल्फ सर्टिफिकेशन को लागू करने को कहा है।