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सेकेंड पीक में कोरोना को हराने वाले मरीजों के फिर संक्रमित होने का खतरा ज्यादा, स्वास्थ्य विभाग तैयार

Thu, 08 Oct 2020 12:12 PM IST
खुशबू गोयल अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: खुशबू गोयल Updated Thu, 08 Oct 2020 12:12 PM IST
सार

  • कोरोना को हराने वाले गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीजों पर अब खास नजर
  • लगातार नजर रखने के निर्देश, दो दिन में तीन बार फॉलोअप करने के आदेश
  • मरीज की हालत गंभीर दिखे तो तत्काल प्रभाव से भर्ती करने की हिदायत दी

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Second Peak May be Dangerous for Patient, Who Recovered from Coronavirus
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay

विस्तार

चंडीगढ़ में कोरोना के मरीजों की संख्या लगातार घट रही है। पिछले कई दिनों से नए मिलने वाले मरीजों की संख्या 100 से 150 के बीच पहुंच गई है। ऐसे में संक्रमण से बचाव की तैयारियों के साथ अब स्वास्थ्य विभाग का मुख्य फोकस कोरोना से जंग जीत चुके उन मरीजों पर है जो किसी न किसी गंभीर बीमारी से ग्रस्त हैं। स्वास्थ्य निदेशक डॉ. अमनदीप कंग का कहना है कि गंभीर बीमारियों से ग्रस्त मरीजों में कोरोना के बाद एंटीबॉडी बनने की क्षमता काफी धीमी हो जाती है।
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ऐसी स्थिति में सेकेंड पीक में उन्हें कोरोना होने का खतरा ज्यादा है। ऐसे में उन मरीजों पर स्वास्थ्य विभाग ज्यादा फोकस कर रहा है। ऐसे मरीजों का लगातार फॉलोअप लिया जा रहा है ताकि किसी भी तरह की समस्या होने पर उन्हें तत्काल चिकित्सकीय परामर्श दिया जा सके। बता दें कि शहर में अब तक कोरोना से हुई 182 मौतों में से 90 प्रतिशत से ऐसे लोग थे जो कोरोना पॉजिटिव होने के साथ ही किसी न किसी गंभीर बीमारी से ग्रस्त थे। डॉ. कंग ने बताया कि पुरानी बीमारियों से जूझ रहे ऐसे मरीजों के घर पर जाकर उनकी जांच को बढ़ाने का निर्देश दिया गया है।
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एएनएम और स्वास्थ्य कर्मियों को कोरोना पर जीत दर्ज कर चुके ऐसे मरीजों की सूची दे दी गई है। साथ ही उन्हें निर्देशित किया गया है कि वह 2 दिन में तीन बार ऐसे मरीजों का फॉलोअप जरूर लें। फॉलोअप के दौरान उनका ऑक्सीजन लेवल, तापमान का चार्ट व उनकी बीमारी से जुड़ी महत्वपूर्ण बिंदुओं पर फीडबैक नोट किया जाएगा ताकि उसके आधार पर यह निष्कर्ष निकाला जा सके कि कोरोना के बाद उनकी स्थिति ज्यादा गंभीर तो नहीं हो रही है। जिन मरीजों में स्थिति गंभीर पाई जाएगी उन्हें तत्काल भर्ती कर उनका इलाज शुरू किया जाएगा।
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डब्ल्यूएचओ ने भी दी जानकारी

वर्ल्ड मेडिकल एसोसिएशन के सलाहकार डॉ. रमनीक सिंह बेदी ने बताया कि अमरीकी स्वास्थ्य एजेंसी सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रीवेंशन (CDC) की ओर से मरीजों की जांच करने के बाद हाल ही में यह जानकारी डब्ल्यूएचओ के साथ साझा की गई है।

अध्ययन में 22 जनवरी से 30 मई 2020 के बीच अमरीका में संक्रमित पाए गए 13 लाख मामलों और करीब 1,03,700 मौतों का विश्लेषण किया गया। इस शोध में सामने आया कि गंभीर बीमारियों से ग्रस्त कोरोना संक्रमित मरीजों में मौत का खतरा 19.5 फीसदी जबकि सामान्य पॉजिटिव मरीजों में यह 1.6 फीसदी पाया गया है।

विश्लेषण करने वाले चिकित्सकों ने बताया है कि पुरानी बीमारियों से जूझ रहे लोगों के अस्पताल में भर्ती होने की आशंका भी स्वस्थ लोगों की तुलना में अधिक थी। इसलिए ऐसे कोरोना पॉजिटिव मरीजों पर विशेष ध्यान देना जरूरी है, जो पहले से किसी गंभीर बीमारी की चपेट में हैं।
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