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Punjab Assembly Session: 14 हजार अवैध कॉलोनियों में 500 वर्ग गज तक के प्लॉट होंगे नियमित, ये फैसले भी हुए

Tue, 03 Sep 2024 03:28 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Tue, 03 Sep 2024 03:28 PM IST
सार

पंजाब विधानसभा का तीन दिवसीय मानसून सत्र सोमवार से शुरू हुआ था। इस दाैरान दिवंगत हस्तियों को दो मिनट का मौन रख श्रद्धांजलि दी गई। विपक्ष की ओर से प्रदेश में अवैध खनन का मुद्दा उठाया गया था। 

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Second day of monsoon session of Punjab Legislative Assembly
सदन में पहुंचे सीएम भगवंत मान - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

पंजाब में 14 हजार अवैध कॉलोनियों में 500 वर्ग गज तक के प्लॉट नियमित होंगे। इसको लेकर पंजाब सीएम भगवंत मान ने मंगलवार को विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन द पंजाब एंड प्रॉपर्टी रेगुलेशन अमेंडमेंट एक्ट-2024 पर बिल पेश किया। विधानसभा में यह बिल सर्वसम्मति से पास हो गया। राज्य सरकार ने बड़े स्तर पर अवैध कॉलोनियों में रह रहे लाखों लोगों का राहत देने के लिए यह कदम उठाया है। 31 जुलाई 2024 तक प्रदेश की अवैध कॉलोनियों में 500 वर्ग गज तक की प्रॉपर्टी के जितने भी सौदे हुए हैं, उन्हें अब मालिकाना हक मिलेगा। 
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इन सभी संपत्तियों की रजिस्ट्रेशन के लिए एनओसी की शर्त को सरकार ने समाप्त कर दिया है। साथ ही कहा कि इन सभी संपत्तियों की रजिस्ट्री दो नवंबर तक करवाना अनिवार्य होगा। 
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कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा ने बिल पर चर्चा के दौरान कहा कि अवैध कॉलोनी में 500 वर्ग गज तक की प्रॉपर्टी के खरीद सौदे में चाहे उनमें 10 प्रतिशत तक ही बयाना हुआ हो, रजिस्टर्ड सेल डीड, पावर ऑफ अटॉर्नी और यहां तक कि बैंक खातों में ट्रांजेक्शन के जरिए भी अगर खरीद सौदे हुए हैं, उन पर एनओसी की शर्त लागू नहीं होगी। ऐसी सभी संपत्तियां रेगुलराइज की जाएंगी।

बिल पर चर्चा में शिअद के विधायक मनप्रीत सिंह अयाली ने कहा कि पंजाब के शहरों के मास्टर प्लान अगर देखें तो कई कॉलोनाइजरों ने सड़कों पर ही अवैध कॉलोनी तैयार कर दी गई हैं। मास्टर प्लान में जिस जगह को विशेष प्रोजेक्ट, सड़कों या किसी योजना के लिए छोड़ा गया था, उन पर बनी अवैध कॉलोनी के मामले में सरकार से ठोस कदम उठाने की मांग की है। 

वहीं नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने कहा कि अगर सरकार 500 वर्ग गज तक के प्लॉट को नियमित करने जा रही है, तो उन्हें इन अवैध कॉलोनियों में 500 वर्ग गज से ऊपर की प्रॉपर्टी को भी एक बार नियमित होने के लिए छूट दी जानी चाहिए। विधायक कुलवंत सिंह, मदन लाल बग्गा, राणा इंद्रप्रताप सिंह और मोहिंद्र पाॅल ने सरकार के इस बिल का पूरा समर्थन किया।

अवैध कॉलोनी काटने पर 10 साल कैद, 5 करोड़ तक जुर्माना
सीएम भगवंत मान ने सदन में कहा कि पंजाब में अवैध कॉलोनियों पर अंकुश लगाने के लिए जो संशोधन किए गए हैं, उनमें दो अहम बिंदुओं को शामिल किया गया है। 31 जुलाई 2024 के बाद प्रदेश में जो भी कॉलोनाइजर अवैध कॉलोनी तैयार करता है, उसे अब पांच से 10 साल की सजा और 25 लाख से पांच करोड़ रुपये तक जुर्माना देना होगा। अवैध कॉलोनी में जो भी प्लॉट या प्रॉपर्टी 31 जुलाई 2024 तक नहीं बिकी हैं या इन प्रॉपर्टी के खरीद सौदे नहीं हुए हैं, उन प्रॉपर्टी की रजिस्टरी नहीं होगी। बशर्ते कॉलोनाइजर इन अवैध कॉलोनी में बचे हुए प्लॉटों को रेगुलराइज करने के लिए सीएलयू और तमाम सरकारी फीस का भुगतान कर तय मानकों को पूरा नहीं करता है।

दो नवंबर तक करवा सकेंगे रजिस्ट्री
सीएम मान ने कहा कि प्रॉपर्टी में एनओसी की शर्त को खत्म करने के साथ ही अवैध कॉलोनियों की 500 वर्ग गज तक की उन सभी संपत्तियों की रजिस्टरी 2 नवंबर तक की जाएगी, जिनके खरीद सौदे 31 जुलाई 2024 तक हो चुके हैं। वित्त मंत्री चीमा ने कहा कि 1995 में बने पापरा एक्ट का उद्देश्य अवैध कॉलोनियों को रोकना था, लेकिन कांग्रेस और अकाली-भाजपा की पिछली सरकारों की नाकामियों के कारण ये अवैध कॉलोनियां बड़े पैमाने पर फैल गईं। उन्होंने कहा कि इस फैसले से उन लोगों को राहत मिलेगी जो अपने प्लॉटों की रजिस्ट्री करवाने के लिए संघर्ष कर रहे थे। इन प्लॉटों की रजिस्ट्री होने से राज्य को भी राजस्व प्राप्त होगा।

जंगी जागीर की वित्तीय सहायता 10 से 20 हजार रुपये की गई
पंजाब विधानसभा मानसून सत्र के दौरान द ईस्ट पंजाब वॉर अवॉर्ड संशोधन बिल पेश किया गया। बिल में जंगी जागीर की वित्तीय सहायता को 10 से 20 हजार रुपये प्रति वर्ष करने के निर्णय को सर्वसम्मति से पास किया गया। कैबिनेट मंत्री चेतन सिंह जोड़ामाजरा ने बिल पर चर्चा के दौरान कहा कि 1941 में यह वित्तीय सहायता 100 रुपये, 1967 में 150 रुपये, 1981 में 300, 2004 में पांच हजार और 2013 में आर्थिक सहायता 10 हजार रुपये थी।

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