Punjab: पंजाब के 30 प्रिंसिपलों का दूसरा बैच सिंगापुर रवाना, CM भगवंत मान बोले- पारदर्शी है चयन प्रक्रिया
सिंगापुर जा रहे टीचरों को शुभकामनाएं देने के लिए खुद मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान सेक्टर 26 पहुंचे। उन्होंने सारी टीम से मुलाकात की। मुलाकात के दौरान ही टीचरों ने बताया कि उनकी सिलेक्शन किस प्रक्रिया से हुई है।
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पंजाब के 30 प्रिंसिपलों का दूसरा बैच शुक्रवार को सिंगापुर ट्रेनिंग के लिए रवाना हो गया। सिंगापुर जा रहे टीचरों को शुभकामनाएं देने के लिए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान सेक्टर-26 पहुंचे। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने प्रिंसिपलों की चयन प्रक्रिया पर भी चुप्पी तोड़ी। उन्होंने साफ किया कि इस काम में पूरी पारदर्शिता बरती जा ही है। मेरिट के आधार पर प्रिंसिपलों को चुना जाता है। किसी तरह की कोई सिफारिश या अन्य रिश्वत नहीं चलती है। शिक्षक कौम के निर्माता होते हैं, अगर इनकी जड़ों की दीमक लग जाएगी तो पेड़ आगे कैसे बढ़ेगा।
शिक्षामंत्री ने बताया कि प्रिंसिपलों को सिंगापुर भेजने के लिए पांच सदस्यीय एक कमेटी बनाई गई। प्रिंसिपलों को चुनने के लिए मानक रखे गए हैं। इसमें प्रिंसिपल की खुद की शैक्षणिक योग्यता, उनके पढ़ाने का तुजुर्बा, मौजूदा समय में शिक्षक क्या पढ़ाई कर रहा है, उनकी मैनेजमेंट स्किल्स, सालाना रिजल्ट से लेकर कई अन्य बिंदु शामिल हैं। इसके अलावा स्टेट और नेशनल अवार्ड प्राप्त करने वाले प्रिंसिपल भी इसमें शामिल रहते हैं, जो कमेटी के मानकों पर उतरते हैं, उन्हीं में से सबसे बेहतर को सिंगापुर भेजने के लिए चुना जाता है।
वहीं, सरकार ने ट्रेनिंग पर जाने वाले शिक्षकों के साथ एक समझौता किया है कि उन्हें ट्रेनिंग के बाद सरकार कहीं भी लगा सकती है। सीएम ने कहा कि सारी प्रक्रिया पारदर्शी है। उन्होंने मीडिया को न्योता दिया कि जो शिक्षक सिंगापुर गए हैं या जाकर आए हैं, उनसे वह व्यक्गितगत मुलाकात कर सकते हैं। साथ ही उनका अनुभव जान सकते हैं।
याद रहे कि जब प्रिंसिपलों का पहला बैच सिंगापुर ट्रेनिंग से जाकर आया था तो उस समय राज्यपाल बनवारी लाल पुरोहित ने उनकी चयन प्रक्रिया पर ही सवाल उठा दिए थे। उन्होंने सरकार को पत्र लिखकर इस प्रक्रिया के बारे में पूछा था। हालांकि उस समय मुख्यमंत्री ने कहा कि सारा काम मेरिट के आधार पर हुआ है। वह पंजाब के साढ़े तीन करोड़ लोगों के लिए जवाबदेह हैं।
स्कूलों को जमीन देने के लिए विदेश से आ रहे हैं फोन: मान
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि सरकार की नीतियों से लोग प्रभावित हो रहे हैं। अब विदेश में बसे एनआरआई लोग जमीन दान करने के लिए फोन कर रहे हैं। मान ने बताया कि उनसे एक प्रिंसिपल ने मुलाकात की, जो अब तक 7 लाख रुपये खर्च कर चुके हैं। वहीं, सरकार जल्द ही स्कूल ऑफ एमिनेंस की संख्या बढ़ाएगी। अब पंजाब के बच्चे विदेश नहीं जाएंगे, बल्कि उन्हें यहीं पर अच्छे अवसर मिलेंगे। कुछ समय पहले हुई समिट में आईटी व एजुकेशन क्षेत्र की कंपनियों ने उनके साथ काम करने की दिलचस्पी दिखाई है। पंजाब को क्वालिटी एजुकेशन के नाम से पहचाना जाए।