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दिल्ली-पंजाब साथ: पराली न जलाने पर किसानों को 2500 रुपये मुआवजा देने की योजना, केंद्र को भेजा प्रस्ताव

Mon, 25 Jul 2022 07:23 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Mon, 25 Jul 2022 07:23 PM IST
सार

योजना यह है कि केंद्र लागत का 50 प्रतिशत वहन करे और पंजाब और दिल्ली 25-25 प्रतिशत का योगदान देंगे। अधिकारी ने बताया कि प्रस्ताव केंद्र को भेज दिया गया है। मंजूरी मिलने के बाद इसे पंजाब कैबिनेट के सामने पेश किया जाएगा।

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Scheme to give Rs 2500 compensation to farmers for not burning stubble in Punjab
फाइल फोटो - फोटो : पीटीआई

विस्तार

देश की राजधानी दिल्ली को पराली के धुएं से बचाने के लिए दिल्ली और पंजाब साथ आ गए हैं। दोनों राज्यों ने मिलकर पराली न जलाने वाले किसानों को 2500 रुपये प्रति एकड़ देने का प्रस्ताव तैयार किया है। इस प्रस्ताव को मंजूरी के लिए केंद्र सरकार के पास भेज दिया गया है। केंद्र की हरी झंडी मिलने के बाद इसे पंजाब कैबिनेट के सामने रखा जाएगा।

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पंजाब में प्रतिवर्ष लगभग 20 मिलियन टन धान की पराली तैयार होती है। इस पराली को किसान आग लगा देते हैं। इससे अक्तूबर और नवंबर में राष्ट्रीय राजधानी में वायु प्रदूषण के स्तर में खतरनाक वृद्धि हो जाती है। गेहूं और आलू की खेती से पहले धान की फसल के अवशेषों को जल्द हटाने के लिए किसान खेतों में ही पराली को आग लगा देते हैं। 
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अधिकारियों ने बताया कि पंजाब और दिल्ली में आम आदमी पार्टी की सरकारों ने किसानों को पराली न जलाने के लिए नकद प्रोत्साहन देने की योजना बनाई है। इस प्रस्ताव में दोनों राज्यों की सरकारों ने केंद्र्र सरकार से लागत साझा करने का अनुरोध किया है। प्रस्ताव में धान की पराली जलाने से परहेज करने वाले किसानों को नकद प्रोत्साहन देने का प्रावधान किया गया है। योजना यह है कि केंद्र लागत का 50 प्रतिशत वहन करे और पंजाब और दिल्ली 25-25 प्रतिशत का योगदान देंगे। अधिकारी ने बताया कि प्रस्ताव केंद्र को भेज दिया गया है। मंजूरी मिलने के बाद इसे पंजाब कैबिनेट के सामने पेश किया जाएगा।
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मंजूरी न मिलने पर दोनों राज्य करेंगे लागू
सरकार के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि अगर केंद्र इस प्रस्ताव को नामंजूर कर देता है तो भी दोनों राज्य मिलकर इसे लागू करेंगे। हालांकि अब तक दिल्ली सरकार ने इस प्रस्ताव पर कोई टिप्पणी नहीं की है।


2019 में शुरू हुई थी योजना
यह पहली बार नहीं है जब पंजाब सरकार किसानों को पराली न जलाने पर नकद प्रोत्साहन राशि देगी। सुप्रीम कोर्ट के सुझाव के बाद पंजाब-हरियाणा की सरकारों ने 2019 में भी छोटे और सीमांत किसानों के लिए 2500 रुपये प्रति एकड़ के बोनस की घोषणा की थी। हालांकि, कुछ समय बाद फंड की कमी के कारण योजना को ठप कर दिया।

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