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अब एचसीएस ज्यूडिशियल पेपर लीक मामले की जांच करेगा सुप्रीम कोर्ट
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Fri, 06 Oct 2017 09:12 AM IST
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supreme court
- फोटो : File Photo
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हरियाणा में जजों की नियुक्ति के लिए 16 जुलाई को हुई एचसीएस (ज्यूडिशियल) पेपर लीक मामले ने अब गंभीर रुख ले लिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस ने संज्ञान लेते हुए पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट की फुल बेंच से यह मामला अपने पास मंगवा लिया है।
तय है की अब इस मामले में हाईकोर्ट की बजाय सुप्रीम कोर्ट सुनवाई करेगा। हाई कोर्ट में इस मामले की सुनवाई 10 अक्तूबर को होनी थी। अब सुप्रीम कोर्ट ने मामले में संज्ञान लेते हुए 20 नवंबर से सुनवाई शुरू करने का निर्णय लिया है। गौरतलब है कि हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर पंचकूला की पिंजौर निवासी सुमन ने कहा था कि उसने एचसीएस ज्यूडिशियल के लिए अप्लाई किया था। परीक्षा की तैयारी के लिए एक कोचिंग सेंटर भी ज्वाइन किया।
इस दौरान उसकी दोस्ती सुशीला नामक लड़की से हो गई। उसने गलती से याची को एक ऐसी ऑडियो क्लिप भेज दी जिसमें वह अन्य लड़की से डेढ़ करोड़ में नियुक्ति की बात कर रही थी। जोर देकर पूछने पर पेपर लीक होने की बात पता चली। सुशीला ने याचिकाकर्ता को 6 सवाल भी बताए जो परीक्षा में आऐ। सुमन ने अपने पति को इसकी जानकारी दी और उसने मामले की शिकायत पुलिस और हाईकोर्ट को एडमिनिस्ट्रेटिव साइट पर दी। इसके बाद रजिस्ट्रार विजिलेंस ने मामले की प्रारंभिक जांच की।
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तय है की अब इस मामले में हाईकोर्ट की बजाय सुप्रीम कोर्ट सुनवाई करेगा। हाई कोर्ट में इस मामले की सुनवाई 10 अक्तूबर को होनी थी। अब सुप्रीम कोर्ट ने मामले में संज्ञान लेते हुए 20 नवंबर से सुनवाई शुरू करने का निर्णय लिया है। गौरतलब है कि हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर पंचकूला की पिंजौर निवासी सुमन ने कहा था कि उसने एचसीएस ज्यूडिशियल के लिए अप्लाई किया था। परीक्षा की तैयारी के लिए एक कोचिंग सेंटर भी ज्वाइन किया।
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इस दौरान उसकी दोस्ती सुशीला नामक लड़की से हो गई। उसने गलती से याची को एक ऐसी ऑडियो क्लिप भेज दी जिसमें वह अन्य लड़की से डेढ़ करोड़ में नियुक्ति की बात कर रही थी। जोर देकर पूछने पर पेपर लीक होने की बात पता चली। सुशीला ने याचिकाकर्ता को 6 सवाल भी बताए जो परीक्षा में आऐ। सुमन ने अपने पति को इसकी जानकारी दी और उसने मामले की शिकायत पुलिस और हाईकोर्ट को एडमिनिस्ट्रेटिव साइट पर दी। इसके बाद रजिस्ट्रार विजिलेंस ने मामले की प्रारंभिक जांच की।
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एसआईटी को सौंपी गई थी जांच की जिम्मेदारी
Paper Leak
- फोटो : File Photo
रजिस्ट्रार विजिलेंस ने रिपोर्ट में रजिस्ट्रार रिक्रूटमेंट डॉ बलविंदर शर्मा और आरोपी सुनीता के बीच कनेक्शन का खुलासा किया। रिपोर्ट में बताया गया कि पिछले एक वर्ष के दौरान दोनों के बीच 730 बार फोन पर व एसएमएस से बात हुई। कमेटी की सिफारिश पर सामान्य वर्ग की टॉपर सुनीता, आरक्षित वर्ग की टॉपर सुशीला व रजिस्ट्रार रिक्रूटमेंट डॉ बलविंदर शर्मा के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई ।
एसआईटी को सौंपी गई थी जांच की जिम्मेदारी
इसके बाद हाईकोर्ट ने मामले की जांच के लिए चंडीगढ़ पुलिस के एसपी (क्राइम एंड इन्वेस्टिगेशन) रवि कुमार सिंह, डीएसपी (सिक्योरिटी एंड इन्वेस्टिगेशन) कृष्ण कुमार और इंस्पेक्टर पूनम दिलावरी की तीन सदस्यीय स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) का गठन कर दिया। अब देखना यह है की हाईकोर्ट के आदेश पर चंडीगढ़ पुलिस की एसआईटी की जांच जारी रहेगी या नहीं।
एसआईटी को सौंपी गई थी जांच की जिम्मेदारी
इसके बाद हाईकोर्ट ने मामले की जांच के लिए चंडीगढ़ पुलिस के एसपी (क्राइम एंड इन्वेस्टिगेशन) रवि कुमार सिंह, डीएसपी (सिक्योरिटी एंड इन्वेस्टिगेशन) कृष्ण कुमार और इंस्पेक्टर पूनम दिलावरी की तीन सदस्यीय स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) का गठन कर दिया। अब देखना यह है की हाईकोर्ट के आदेश पर चंडीगढ़ पुलिस की एसआईटी की जांच जारी रहेगी या नहीं।