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'हरियाणा पानी देने में असमर्थ, केजरीवाल बनवा लें अपनी नहर'
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़/झज्जर
Updated Fri, 18 Mar 2016 01:22 PM IST
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प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कृषि मंत्री ओम प्रकाश धनखड़
- फोटो : अमर उजाला
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एसवाईएल पर चल रही सियासी जंग के बीच हरियाणा के सिंचाई एवं कृषि मंत्री ओपी धनखड़ ने बृहस्पतिवार को दिल्ली और पंजाब के मुख्यमंत्रियों को अलग-अलग चिट्ठी लिखी। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को लिखी चिट्ठी में उन्होंने कहा है कि वे दिल्ली के पानी के लिए अपनी नहर बनवा लें। वहीं पंजाब के सीएम प्रकाश सिंह बादल को लिखी चिट्ठी में उन्होंने एसवाईएल न बनने से अब तक हुए 35 हजार करोड़ रुपये के नुकसान की भरपाई करने की मांग की है।
धनखड़ ने केजरीवाल को पत्र लिखकर साफ कर दिया है कि उनके विवादास्पद बयान के बाद नहर प्रणाली से दिल्ली को पानी देने में हरियाणा असमर्थ है। केजरीवाल नंगल डैम से दिल्ली तक अलग नहर की खुदाई करवा लें। नंगल डैम से रावी, ब्यास के पानी में हरियाणा को 3.5 एमएएफ और दिल्ली को 0.2 एमएएफ पानी आवंटित किया गया था।
हरियाणा, दिल्ली का 0.2 एमएएफ पानी भाखड़ा मेन लाइन नहर से लेकर आता है, जो हरियाणा की नरवाना ब्रांच, पश्चिमी यमुना नहर प्रणाली के माध्यम से हरियाणा से होता हुआ दिल्ली पहुंचता है। दिल्ली के लिए उठाए गए इस बोझ के कारण हरियाणा अपना 496 क्यूसेक पानी नहीं ले पाता है। इसके अलावा यमुना का 330 क्यूसेक पानी भी पश्चिम यमुना नहर प्रणाली के माध्यम से हरियाणा, दिल्ली को पहुंचाता है।
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धनखड़ ने बताया कि रावी, ब्यास में नंगल डैम से हरियाणा व दिल्ली का पानी तो उपलब्ध है, लेकिन इस पानी को लेने का साधन उपलब्ध नहीं है। धनखड़ के मुताबिक, केजरीवाल ने हमारे एकमात्र संभावित साधन एसवाईएल नहर का पंजाब में अपने राजनीतिक स्वार्थ केलिए विरोध कर दिया है। ऐसा करने के कारण केजरीवाल दिल्ली के मुख्यमंत्री होते हुए भी दिल्ली के लोगों के हितों के खिलाफ खड़े हो गए हैं।
बादल दें मुआवजा :
धनखड़ ने पंजाब के सीएम से कहा है कि हर साल हरियाणा का किसानों का एक हजार करोड़ का नुकसान हो रहा है। इसके हिसाब से 35 हजार करोड़ मुआवजे के बनेंगे। इसके अलावा 20 करोड़ रुपये पंजाब के लगाए अड़ंगों के कारण मुकदमेबाजी में खर्च हुए हैं। लिहाजा मुआवजा देना उनके लिए इतना आसान नहीं होगा।
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धनखड़ ने केजरीवाल को पत्र लिखकर साफ कर दिया है कि उनके विवादास्पद बयान के बाद नहर प्रणाली से दिल्ली को पानी देने में हरियाणा असमर्थ है। केजरीवाल नंगल डैम से दिल्ली तक अलग नहर की खुदाई करवा लें। नंगल डैम से रावी, ब्यास के पानी में हरियाणा को 3.5 एमएएफ और दिल्ली को 0.2 एमएएफ पानी आवंटित किया गया था।
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हरियाणा, दिल्ली का 0.2 एमएएफ पानी भाखड़ा मेन लाइन नहर से लेकर आता है, जो हरियाणा की नरवाना ब्रांच, पश्चिमी यमुना नहर प्रणाली के माध्यम से हरियाणा से होता हुआ दिल्ली पहुंचता है। दिल्ली के लिए उठाए गए इस बोझ के कारण हरियाणा अपना 496 क्यूसेक पानी नहीं ले पाता है। इसके अलावा यमुना का 330 क्यूसेक पानी भी पश्चिम यमुना नहर प्रणाली के माध्यम से हरियाणा, दिल्ली को पहुंचाता है।
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धनखड़ ने बताया कि रावी, ब्यास में नंगल डैम से हरियाणा व दिल्ली का पानी तो उपलब्ध है, लेकिन इस पानी को लेने का साधन उपलब्ध नहीं है। धनखड़ के मुताबिक, केजरीवाल ने हमारे एकमात्र संभावित साधन एसवाईएल नहर का पंजाब में अपने राजनीतिक स्वार्थ केलिए विरोध कर दिया है। ऐसा करने के कारण केजरीवाल दिल्ली के मुख्यमंत्री होते हुए भी दिल्ली के लोगों के हितों के खिलाफ खड़े हो गए हैं।
बादल दें मुआवजा :
धनखड़ ने पंजाब के सीएम से कहा है कि हर साल हरियाणा का किसानों का एक हजार करोड़ का नुकसान हो रहा है। इसके हिसाब से 35 हजार करोड़ मुआवजे के बनेंगे। इसके अलावा 20 करोड़ रुपये पंजाब के लगाए अड़ंगों के कारण मुकदमेबाजी में खर्च हुए हैं। लिहाजा मुआवजा देना उनके लिए इतना आसान नहीं होगा।