{"_id":"64004479e3531770e1005a66","slug":"sarpanchs-protest-against-e-tendering-continues-in-panchkula-2023-03-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Haryana News: सरपंचों का पंचकूला में पक्का धरना, सीएम मनोहर लाल 9 मार्च को करेंगे बात","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Haryana News: सरपंचों का पंचकूला में पक्का धरना, सीएम मनोहर लाल 9 मार्च को करेंगे बात
Thu, 02 Mar 2023 03:03 PM IST
निवेदिता वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पंचकूला (हरियाणा)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पंचकूला (हरियाणा)
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Thu, 02 Mar 2023 03:03 PM IST
सार
एक मार्च को सीएम आवास का घेराव करने जा रहे सरपंचों पर पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया था। इसके बाद सरपंचों की तरफ से भी पुलिस पर पत्थर फेंके गए। इस घटना में 100 से ज्यादा सरपंच व पंचायत सदस्य घायल भी हुए हैं।
विज्ञापन
पंचकूला में हाउसिंग बोर्ड पर डटे सरपंच।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
ई-टेंडरिंग का विरोध कर रहे सरपंच पंचकूला में पक्का धरना लगाकर बैठ गए हैं। मुख्यमंत्री मनोहर लाल से बातचीत के लिए 9 मार्च का समय मिला है। इस पर सरपंचों ने एलान किया है कि मांगें पूरी होने के बाद ही चंडीगढ़-पंचकूला बॉर्डर से हटेंगे। धरने के दूसरे दिन गुरुवार को कांग्रेस, आम आदमी पार्टी के नेताओं समेत निर्दलीय विधायक बलराज कुंडू भी समर्थन देने पहुंचे।
विज्ञापन
भारतीय किसान यूनियन और सेवानिवृत्त कर्मचारी संघ ने भी सरपंचों को समर्थन दिया है। सरपंच एसोसिएशन के अध्यक्ष रणबीर सिंह समैण ने बताया कि दोपहर को अधिकारियों से बात करने के लिए सरपंचों की कमेटी को चंडीगढ़ बुलाया गया। ज्ञापन लेने के बाद अधिकारियों ने कहा कि 9 मार्च को मुख्यमंत्री बातचीत करेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
अब सरपंचों को मुख्यमंत्री के निर्णय का इंतजार है। समैण ने कहा कि मुख्यमंत्री के फैसले के बाद ही आगे की रणनीति बनाई जाएगी। अगर सरकार मांग मान लेती है तो धरना खत्म कर दिया जाएगा। मांगें नहीं मानी जाती हैं तो फिर आगे का फैसला लिया जाएगा।
दोपहर को दाल पूरी, रात को खाई तंदूर की रोटी
गुरुवार को धरनारत सरपंचों के खाने के लिए एक हलवाई को भोजन बनाने का काम दिया गया है। दोपहर को दाल और पूरी बनाई गई। रात को तंदूर की रोटी और मिक्स वेज बनवाई गई।