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फैक्टरी के खिलाफ सरपंचों और ग्रामीणों का प्रदर्शन
ब्यूरा/अमर उजाला/ यमुनानगर।
Updated Fri, 29 Aug 2014 12:51 AM IST
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यमुनानगर। मुकारमपुर में चल रही एक फैक्टरी के प्रदूषण से त्रस्त आसपास के गांवों के सरपंचों पंचायत सदस्यों और ग्रामीणों ने वीरवार को उपायुक्त कार्यालय पर प्रदर्शन किया।
इस दौरान ग्रामीणों ने नारेबाजी कर रोष जताया और उपायुक्त से इस फैक्टरी को बंद करवाने के लिए ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों का आरोप है कि इस फैक्टरी में टायरों को जलाया जाता है। इससे आसपास का वातावरण प्रदूषित हो रहा है और लोग बीमार हो रहे हैं। प्रभावित लोगोें ने इस फैक्टरी के खिलाफ कार्रवाई के लिए पिछले वर्ष भी उपायुक्त को शिकायत दी थी।
मुकारमपुर की सरपंच के पति मोहम्मद इस्लाम, बीबीपुर सरपंच महरूफ, ब्लाक समिति सदस्य इमरान खान, पंच अकतारी, पंच यासीन, नंबरदार इरशाद, पंच सलीम सहित अन्य पंचायत सदस्यों ने बताया कि मुकारमपुर गांव के नजदीक एक फैक्टरी में लंबे अरसे से टायर जलाए जा रहे हैं। इसके कारण काफी दूर तक विषैली राख पहुुंच रही है। इस धुंए के कारण बच्चों और बुर्जुगों को सांस की बीमारी हो चुकी है।
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वहीं कई अन्य चर्म रोग और त्वचा रोग का शिकार हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि दुधारु पशु भी राख से बीमार हो रहे हैं। वहीं फसलें भी इस राख से खराब हो रहीं है। इस फैक्टरी से करीब पांच सौ मीटर की दूरी पर सरकारी मिडिल स्कूल हैं। राख स्कूल में भी पहुंच रही है, जिससे बच्चों के स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। सरपंचों और ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने फैक्टरी के खिलाफ कार्रवाई नहीं की तो ग्रामीण फैक्टरी के सामने धरना-प्रदर्शन करेंगे।
डेढ़ साल पहले भी दी थी शिकायत
राख से प्रभावित ग्रामीणों ने मार्च 2013 को भी उपायुक्त को इस फैक्टरी के खिलाफ शिकायत दी थी। उपायुक्त ने उनकी शिकायत प्रदूषण विभाग को मार्क कर दी, लेकिन प्रदूषण विभाग ने फैक्टरी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। इसके बाद ग्रामीणें ने दोबारा उपायुक्त को शिकायत दी थी। प्रभावित ग्रामीणों ने फैक्टरी मालिक को भी कई बार टायर न जलाने को कहा गया, लेकिन उन्होंने बात नहीं मानी।
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इस दौरान ग्रामीणों ने नारेबाजी कर रोष जताया और उपायुक्त से इस फैक्टरी को बंद करवाने के लिए ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों का आरोप है कि इस फैक्टरी में टायरों को जलाया जाता है। इससे आसपास का वातावरण प्रदूषित हो रहा है और लोग बीमार हो रहे हैं। प्रभावित लोगोें ने इस फैक्टरी के खिलाफ कार्रवाई के लिए पिछले वर्ष भी उपायुक्त को शिकायत दी थी।
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मुकारमपुर की सरपंच के पति मोहम्मद इस्लाम, बीबीपुर सरपंच महरूफ, ब्लाक समिति सदस्य इमरान खान, पंच अकतारी, पंच यासीन, नंबरदार इरशाद, पंच सलीम सहित अन्य पंचायत सदस्यों ने बताया कि मुकारमपुर गांव के नजदीक एक फैक्टरी में लंबे अरसे से टायर जलाए जा रहे हैं। इसके कारण काफी दूर तक विषैली राख पहुुंच रही है। इस धुंए के कारण बच्चों और बुर्जुगों को सांस की बीमारी हो चुकी है।
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वहीं कई अन्य चर्म रोग और त्वचा रोग का शिकार हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि दुधारु पशु भी राख से बीमार हो रहे हैं। वहीं फसलें भी इस राख से खराब हो रहीं है। इस फैक्टरी से करीब पांच सौ मीटर की दूरी पर सरकारी मिडिल स्कूल हैं। राख स्कूल में भी पहुंच रही है, जिससे बच्चों के स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। सरपंचों और ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने फैक्टरी के खिलाफ कार्रवाई नहीं की तो ग्रामीण फैक्टरी के सामने धरना-प्रदर्शन करेंगे।
डेढ़ साल पहले भी दी थी शिकायत
राख से प्रभावित ग्रामीणों ने मार्च 2013 को भी उपायुक्त को इस फैक्टरी के खिलाफ शिकायत दी थी। उपायुक्त ने उनकी शिकायत प्रदूषण विभाग को मार्क कर दी, लेकिन प्रदूषण विभाग ने फैक्टरी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। इसके बाद ग्रामीणें ने दोबारा उपायुक्त को शिकायत दी थी। प्रभावित ग्रामीणों ने फैक्टरी मालिक को भी कई बार टायर न जलाने को कहा गया, लेकिन उन्होंने बात नहीं मानी।