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डॉ. संतोख बने नए चीफ खालसा दीवान, पद संभालते ही साफ कर दिए अपने इरादे
ब्यूरो/अमर उजाला, अमृतसर(पंजाब)
Updated Mon, 26 Mar 2018 05:37 PM IST
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चीफ खालसा दीवान संतोख सिंह
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चीफ खालसा दीवान के चुनाव में डॉ. संतोख सिंह प्रधान चुन लिए गए। वहीं पद संभालते ही उन्होंने अपने इरादे भी साफ कर दिए। उन्होंने अपने प्रतिद्वंद्वी राज महिंदर सिंह मजीठा को 10 वोटों से शिकस्त दी। 511 सदस्यों में से 363 वोट डाले गए। इसमें से 5 रद्द हो गए और 148 अनुपस्थित रहे। इस दौरान संतोख सिंह को 152 और मजीठा को 142 वोट पड़े।
वहीं तीसरे उम्मीदवार और चुनावों से पहले तक कार्यकारी प्रधान रहे धनराज सिंह को सिर्फ 65 वोट ही मिले। भारी सुरक्षा और गहमागहमी के बीच हुए चुनावों में जीत के बाद डॉ. संतोख सिंह ने कहा कि दीवान की पुरानी परंपरा और शानो शौकत को बहाल किया जाएगा। उन्होंने कहा कि शिक्षा के साथ गुरु साहिबान की शिक्षाओं और सिद्धांतों प्रचार-प्रसार पर खास काम होगा।
जरूरतमंद परिवार के बच्चों को मुफ्त शिक्षा को तवज्जो दी जाएगी। उनका कहना था कि दीवान ने 10-15 सालों के दौर में काफी तरक्की की है। महिलाओं की सुरक्षा और उनके आत्मसम्मान को बहाल रखने के लिए खास काम होगा। इसके लिए कमेटी का गठन भी होगा।
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उन्होंने एलान किया कि 10वीं तक धार्मिक शिक्षा लाजिमी होगी, जो विद्यार्थी इसमें वजीफा हासिल करेंगे, उनको 11वीं और 12वीं तक की शिक्षा मुफ्त दी जाएगी। उनका कहना है कि चुनावों में अकाली दल, भाजपा और कांग्रेस पूरी तरह से दखल दे रहे थे, लेकिन सूझवान सदस्यों ने दीवान की मर्यादा के मुताबिक वोटिंग कर दीवान में सियासत को नहीं पनपने दिया।
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वहीं तीसरे उम्मीदवार और चुनावों से पहले तक कार्यकारी प्रधान रहे धनराज सिंह को सिर्फ 65 वोट ही मिले। भारी सुरक्षा और गहमागहमी के बीच हुए चुनावों में जीत के बाद डॉ. संतोख सिंह ने कहा कि दीवान की पुरानी परंपरा और शानो शौकत को बहाल किया जाएगा। उन्होंने कहा कि शिक्षा के साथ गुरु साहिबान की शिक्षाओं और सिद्धांतों प्रचार-प्रसार पर खास काम होगा।
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जरूरतमंद परिवार के बच्चों को मुफ्त शिक्षा को तवज्जो दी जाएगी। उनका कहना था कि दीवान ने 10-15 सालों के दौर में काफी तरक्की की है। महिलाओं की सुरक्षा और उनके आत्मसम्मान को बहाल रखने के लिए खास काम होगा। इसके लिए कमेटी का गठन भी होगा।
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उन्होंने एलान किया कि 10वीं तक धार्मिक शिक्षा लाजिमी होगी, जो विद्यार्थी इसमें वजीफा हासिल करेंगे, उनको 11वीं और 12वीं तक की शिक्षा मुफ्त दी जाएगी। उनका कहना है कि चुनावों में अकाली दल, भाजपा और कांग्रेस पूरी तरह से दखल दे रहे थे, लेकिन सूझवान सदस्यों ने दीवान की मर्यादा के मुताबिक वोटिंग कर दीवान में सियासत को नहीं पनपने दिया।