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आज पेशी पर रामपाल आएंगे या नहीं, सस्पेंस

Mon, 17 Nov 2014 09:47 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हिसार
ब्यूरो/अमर उजाला, हिसार Updated Mon, 17 Nov 2014 09:47 AM IST
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Sant Rampal Highcourt Hearing Case

अवमानना मामले में पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट की ओर से 17 नवंबर को रामपाल को कोर्ट में पेश करने की समय सीमा आज खत्म हो रही है।

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आज पुलिस को हर हालत में रामपाल को कोर्ट में पेश करना है लेकिन रविवार सुबह से लेकर देर रात तक पुलिस और प्रशासनिक महकमे के तमाम प्रयासों के बाद भी रामपाल की न तो गिरफ्तारी हो सकी और न ही सतलोक आश्रम की ओर से सरेंडर करने जैसा कोई प्रस्ताव आया।

पूरे दिन सतलोक आश्रम के बाहर तनाव की स्थिति बनी रही। सीआरपीएफ, आरएफ और पुलिस के जवानों ने आश्रम के बिलकुल करीब पहुंचकर डेरा डाल दिया वहीं रामपाल के अनुयायी भी किसी भी स्थिति में पीछे हटने को तैयार नहीं हुए।
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हालांकि टकराव को रोकने के लिए तीन बार सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं राजनेताओं की अनुयायियों के साथ तीन दौर की बातचीत हुई लेकिन वह सिरे नहीं चढ़ पाई।

पेश होने के लिए तीन विकल्‍प दिए गए

Sant Rampal Highcourt Hearing Case

अंतिम दौर की बातचीत में आश्रम के प्रवक्ता राजकपूर ने अपने सुर बदलते हुए कहा कि अगर सुबह आठ बजे तक रामपाल के स्वास्थ्य में सुधार हुआ तो वह कोर्ट में पेश होंगे।

वकील की तरफ से करीब पांच चिकित्सकों की मेडिकल रिपोर्ट को पेश किया जाएगा, जिनमें सरकारी अस्पताल एवं दिल्ली व चंडीगढ़ के वरिष्ठ चिकित्सक शामिल हैं। उन्होंने कहा कि हमने प्रशासन के समक्ष तीन प्रस्ताव रखे हैं।

इनमें पहला रामपाल को अदालत में पेश होने से छूट दी जाए। दूसरा इस पूरे केस की दोबारा जांच की जाए और तीसरा वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए रामपाल का पक्ष सुना जाए।

वहीं आश्रम के प्रवक्ता पुरुषोत्तम दास ने पुलिस पर आरोप लगाया कि सतलोक आश्रम में आने वाले अनुयायियों को आश्रम में आने से रोका जा रहा है और पुलिस उनके पैसे और मोबाइल भी छीन रही है।

आश्रम के बाहर कमांडो और फोर्स तैनात

Sant Rampal Highcourt Hearing Case

रविवार दोपहर बारह बजे रामपाल की गिरफ्तारी को लेकर पैरामिलिट्री फोर्स एवं आरएएफ की कंपनियां आश्रम के नजदीक तक आ गईं थीं और पुलिस कर्मचारियों की आश्रम के चारों तरफ घेराबंदी के लिए लगाया गया था।

प्रशासन की ओर से बुलेटप्रूफ गाड़ियां, आंसू गैस छोड़ने वाले अस्त्र-शस्त्र, वज्र वाहन विभिन्न पुलिस नाकों पर तैनात कर दिए गए थे।

वहीं दिनभर पुलिस प्रशासन की गाड़ियां आश्रम के दोनों तरफ से आवागमन करती रहीं और उन वाहनों में तैनात पुलिस कर्मचारी वीडियोग्राफी करते नजर आए।

इसके साथ ही प्रशासन की तरफ से रामपाल की शांतिपूर्वक तरीके से गिरफ्तारी को लेकर मान-मनोव्वल का दौर चलता रहा।

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देर शाम आश्रम के पीछे पुलिस बल पहुंचा

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शाम तक मान-मनौव्वल में कामयाबी नहीं मिलने के बाद देर शाम आश्रम के पीछे पुलिस बल तैनात कर दिया गया। जेसीबी और अस्त्र-शस्त्र के साथ पुलसि बल ने भी आश्रम को घेर लिया।

वहां पर मौजूद पुलिस कर्मी आला अधिकारियों के आदेश मिलने का इंतजार कर रहे थे। प्रशासन की तरफ से भले ही प्रदेशभर से भारी पुलिस बल को बुला लिया गया हो, मगर अभी तक पुलिस की कोई भी टुकड़ी सतलोक आश्रम तक नहीं पहुंच पाई है।

हालांकि प्रशासन की तरफ से पुलिस बल बरवाला से उकलाना तक पुलिस नाके लगाकर तैनात हैं और पुलिस के कुछ वाहन आश्रम से आवाजाही भी कर रहे हैं, आश्रम के थोड़ी दूरी पर कहीं-कहीं घोड़ा पुलिस तैनात कर दी गई है। मगर प्रशासन कोर्ट के आदेश पर अभी तक ठोस कदम नहीं उठा पाए हैं।

महिलाएं और बच्चे बने बाधा

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रामपाल की गिरफ्तारी के आदेश का समय जैसे-जैसे कम होते जा रहा है, वैसे-वैसे प्रशासन की भी सांस फूलती जा रही है। सूत्रों की मानें तो प्रशासन द्वारा रामपाल की गिरफ्तारी की कार्रवाई अमल में नहीं आने का मुख्य कारण आश्रम के बाहर बैठी महिला अनुयायी और उनके साथ आए बच्चे हैं और संत की गिरफ्तारी की कार्रवाई अमल में आने पर अनेक कैजुअलिटी होने की आशंकाएं हैं।

एक दिन के लिए है खाद्य सामग्री

सतलोक आश्रम में पिछले तीन दिन से बिजली, पानी और दूध की आवक पूर्ण रूप से बंद होने के कारण अब आश्रम में बैठे अनुयायियों के लिए केवल एक दिन का ही दूध और अन्य खाद्य सामग्री बची है।

आश्रम प्रवक्ता पुरुषोत्तम दास ने दावा किया कि अनुयायियों के लिए केवल एक दिन के ही पदार्थ बचे हैं, जिसके बाद आश्रम में बैठे अनुयायियों के लिए भूखे मरने जैसी हालत हो सकती है।

उन्होंने प्रशासन को यह भी कहा है कि इस तरह भुखमरी से मरने की बजाय प्रशासन उनको गोली मार दे, अन्यथा वे खुद प्रशासन की तरफ से तानाशाही रवैये के चलते अनुयायियों को मरने की इजाजत दी जाए।

यूं चल रहा घटनाक्रम

Sant Rampal Highcourt Hearing Case

5 नवंबर -
रामपाल की हाईकोर्ट में पेशी थी, लेकिन रामपाल हाईकोर्ट में पेश नहीं हुए। हाई कोर्ट ने सतलोक आश्रम के श्रद्धालुओं को पंचकूला में ही रोकने के आदेश दिए थे।

6 नवंबर -

सतलोक आश्रम के संचालक रामपाल और रामकुमार ढाका के खिलाफ पंजाब-हरियाणा हाई कोर्ट ने गैर जमानती वारंट जारी कर सोमवार तक कोर्ट में पेश करने के निर्देश दिए। हाईकोर्ट ने डीजीपी और गृह सचिव को वारंट को लागू करवाने और दोनों को गिरफ्तार करने के सख्त निर्देश दिए थे। हालांकि रामपाल का मेडिकल सर्टिफिकेट जारी करने वाले डॉ. हुड्डा अदालत में पेश हुए और उन्होंने रामपाल के अस्वस्थ होने की बात कही।

7 नवंबर -

रामपाल के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी होने के बाद उनके बरवाला के पास स्थित सतलोक आश्रम में अनुयायी जुटने शुरू हो गए। इस दिन करीब आठ हजार अनुयायी आश्रम में पहुंचे। इसी दिन से आश्रम में तीन दिवसीय सत्संग शुरू हुआ। वहीं डीसी और एसपी इसी दिन चंडीगढ़ पहुंचे।

8 नवंबर -

हाईकोर्ट के आदेश के बाद हिसार में अर्धसैनिक बल तैनात हो गया। पुलिस की ओर से 10 अर्धसैनिक बलों की टुकड़ियों के साथ विभिन्न जिलों से 35 कंपनियां हिसार बुलाई गईं। 10 पर्यवेक्षक नियुक्त किए गए। पुलिस ने बरवाला को चारों तरफ से नाकेबंदी कर सील कर दिया। उधर, इस दिन आश्रम में करीब 25000 अनुयायी इकट्ठा हो गए।

अनुयायी और ब्लैक कमांडों डटे आश्रम के बाहर

Sant Rampal Highcourt Hearing Case

9 नवंबर
जिला प्रशासन ने रामपाल का री-मेडिकल करवाया। मेडिकल में उनके चलने-फिरने में अस्वस्थ होने की बात कही गई और उन्हें 72 घंटे के लिए चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया। वहीं रामपाल के साथ-साथ दूसरे आरोपी राष्ट्रीय समाजसेवक समिति के मुखी रामकुमार ढाका को गिरफ्तार नहीं किया जा सका। इस दिन सैकड़ों महिलाएं, बच्चे और ब्लैक कमांडो आश्रम के गेट के बाहर तैनात रहे।

10 नवंबर -

पुलिस को संत रामपाल को हाईकोर्ट में पेश करना था लेकिन पुलिस रामपाल को कोर्ट में पेश नहीं कर सकी, जिस पर हाईकोर्ट ने नाराजगी जताते हुए सरकार को कड़ी फटकार लगाई। साथ ही कोर्ट ने यह भी कहा कि सरकार चाहे तो बंकर से भी रामपाल को निकाल लाए। इसलिए अगली पेशी हर हालत में रामपाल को पेश किया जाए अथवा डीजीपी खुद पेश हों।  हाईकोर्ट ने डीजीपी व गृह सचिव को सोमवार तक संत रामपाल और रामकुमार ढाका को पेश करने के निर्देश दिए।

11 नवंबर -

सतलोक आश्रम की ओर से रामपाल के मुंह पर ऑक्सीजन लगाए फोटो और वीडियो जारी किया गया। इसके अलावा आश्रम के गेट पर बड़ी संख्या में अनुयायी डटे रहे। पुलिस कंपनियां और पैरामिलिट्री फोर्स के जवान भी बरवाला से वापस हिसार पहुंच गए। छह दिन बीत जाने के बाद भी इस दिन तक अनुयायी सर्द हवाओं के बीच आश्रम के आगे डटे रहे।

12 नवंबर -

पुलिस ने रामपाल के आश्रम की घेराबंदी शुरू कर दी। आश्रम के रास्तों पर पुलिस ने 15 जगह नाके लगाकर हर नाके पर 10-15 पुलिस कर्मी तैनात कर दिए। बरवाला और उकलाना में भी पुलिस फोर्स भेज दी गई। वहीं अनुयायियों ने इस दिन स्पष्ट चेतावनी दे डाली कि अब तो किसी भी हालत में संत को नहीं ले जाने देंगे।

दिल्ली घेरने की अनुयायियों की चेतावनी

Sant Rampal Highcourt Hearing Case

13 नवंबर -
इस दिन रामपाल के अनुयायियों ने चेतावनी दी कि अगर उनके हक में फैसला नहीं आया तो 17 नवंबर को दिल्ली घेरेंगे और राष्ट्रपति आवास पहुंचकर न्याय दो या मौत दो का नारा बुलंद करेंगे। वहीं आश्रम कमेटी की ओर से सुप्रीम कोर्ट का भी दरवाजा खटखटाया गया।

वहीं मामले से संबंधित रणनीति बनाने के लिए डीजीपी एसएन वशिष्ठ भी हिसार पहुंचे और पुलिस कर्मियों की बैठक ली। प्रशासन ने अस्पताल, अग्निशमन,  रोडवेज विभागों को साथ लेकर संत रामपाल पर शिकंजा कसने के लिए तैयारियों को मुस्तैद किया गया।

14 नवंबर -

सतलोक आश्रम के बाहर टकराव के आसार बढ़ गए। प्रशासन की ओर से आश्रम की बिजली-पानी काट दिया गया। रोडवेज की बसें, एंबुलेंस और जेसीबी मंगवाई गईं। साथ ही इस ओर के सभी रूट डायवर्ट कर दिए गए। पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने आश्रम का हवाई सर्वे भी किया। दिल्ली से पैरामिलिट्री फोर्स भी मंगवाई गई। वहीं आश्रम के बाहर बैठे अनुयायियों ने किसी भी हालत में रामपाल को गिरफ्तार न होने देने का ऐलान किया। सुप्रीम कोर्ट ने भी संत रामपाल की अर्ली हियरिंग की याचिका को खारिज कर दिया।

15 नवंबर -

इस दिन पुलिस रामपाल के आश्रम को घेरकर और करीब पहुंच गई। आईजी अनिल राव ने 500 मीटर की दूरी से आश्रम का निरीक्षण किया। आसपास के शिक्षण संस्थानों की तीन दिन के लिए छुट्टी कर दी गई। मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने भी इस दिन रामपाल से खुद ही अदालत में पेश होने की अपील की। उधर, मानव शृंखला बनाकर अनुयायियों ने आश्रम के बाहर डेरा डाल दिया और चार गुना निजी ब्लैक कमांडो ने छतों पर मोर्चा संभाला।

पैदा किया कुछ कर गुजरने का जोश

Sant Rampal Highcourt Hearing Case

सीआरपीएफ के जवानों के आश्रम के आगे से लगातार गुजरने के बाद जहां आश्रम के अनुयायियों में हलचल पैदा हो गई थी। इसके कुछ देर बाद ही शमशेर खरकड़ा और सुरेंद्र पूनिया से प्रवक्त राजकपूर की बातचीत हुई।

जिसके विफल होने बाद अनुयायी बलवान सिंह ने पुलिस से सुरक्षित रखने के गुर सिखाए। आश्रम के अनुयायियों ने सतलोक आश्रम के मुख्य द्वार पर बैठी महिलाओं को महिला पुलिस का किस तरह से मुकाबला करना है, उसके गुर बताए।

पुलिस से बचने के ये तरीके सिखाए

Sant Rampal Highcourt Hearing Case

1. आंसू गैस से कैसे बचें : पुलिस के हमला करने पर यदि आंसू गैस से हमला किया जाता है तो ऐसे में महिलाएं अपने कपड़ों को गीला कर लें। गैस निकलने पर कपड़ों से अपनी आंखें पोंछ लें और साथी की भी, जिससे आंसू गैस का असर नहीं होगा।

2. महिला पुलिस को दो महिलाएं करें काबू - महिलाओं को समझाते हुए माइक के माध्यम से बताया गया कि जब महिला पुलिस हमला करे तो उसके डंडे को पकड़े या उस महिला पुलिस कर्मी के दोनों हाथ पकड़ लें और उसे अपने काबू में ले लें। इसके अलावा सिर पर हमला होने पर आगे खड़ी महिला नीचे झुक जाए और पीछे खड़ी महिला डंडे को पकड़ लें।

हमला होने पर महिलाएं क्या करें

Sant Rampal Highcourt Hearing Case

हमला होने पर यदि महिलाएं खड़ी होती हैं तो अपने साथी के साथ अपने हाथों को जोड़कर चैन बना लें, जिससे बाबा को लेने के लिए आई पुलिस आपको पार न कर सके। जबरदस्ती वह कुछ करना चाहे तो करने दें।

सतलोक जाना है तो मरना पडे़गा
बलवान सिंह ने संत के अनुयायियों को सतलोक जाने के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि परमात्मा सिर मांगता है और यह परमात्मा सिर नहीं मांगता है, लेकिन आपकी अपनी मर्जी है और अपनी प्रसन्नता से सिर चढ़ाना चाहे तो चढ़ा सकते हैं।

बाकी सब परमात्मा पर छोड़ दें। पुलिस अगर गोली चलाती है तो गोली पीठ पर न खाकर सीने पर खाएं। मरने के लिए तैयार हैं आप। सतलोक पर जाना है तो आपको मरना पडे़गा।

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