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'संत' रामपाल जेल में, 21 महीने बाद सतलोक आश्रम पर बड़ा फैसला
ब्यूरो/अमर उजाला, हिसार।
Updated Thu, 01 Sep 2016 09:18 AM IST
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satlok aasram
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कथित संत रामपाल जेल में हैं। करीब 21 महीने बाद सतलोक आश्रम संचालक रामपाल की संपत्ति पर बड़ा फैसला आया है। संपत्ति को अटैच किया है।
रामपाल इस संपत्ति का उपयोग नहीं कर सकेंगे। यह संपत्ति अब प्रदेश सरकार के कब्जे में रहेगी। संपत्ति अटैच करने की रिपोर्ट की एक प्रति रामपाल को भेजी गई है।
बरवाला स्थित सतलोक आश्रम के संचालक रामपाल पर पुलिस ने 18 नवंबर 2014 को केस दर्ज कर गिरफ्तार किया था। रामपाल पर देश के खिलाफ युद्ध की साजिश सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज है। एफआईआर नंबर 428 के तहत पुलिस ने 1967 एक्ट के तहत रामपाल की चल - अचल संपत्ति को अटैच किया है।
इस एफआईआर में रामपाल पर गंभीर आरोप के तहत केस दर्ज किया गया था। देश के खिलाफ साजिश करने की धाराओं में दर्ज केस में पुलिस संपत्ति को अटैच कर सकती है। स्थानीय पुलिस ने कुछ समय पहले प्रदेश के डीजीपी से संपत्ति अटैच करने की अनुमति मांगी थी। डीजीपी की अनुमति मिलने के बाद पुलिस ने संपत्ति को अटैच कर दिया।
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संपत्ति का पूरा ब्योरा तैयार कर रिपोर्ट बनाई गई है। इस रिपोर्ट की प्रति प्रदेश के गृह विभाग को भेजी गई है। इसके अलावा इसकी एक प्रति आरोपी रामपाल को भी उपलब्ध कराई गई है। अब रामपाल अपनी इस संपत्ति की खरीद फरोख्त नहीं कर सकता। इस संपत्ति को किसी को हस्तांतरित भी नहीं कर सकेगा।
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रामपाल इस संपत्ति का उपयोग नहीं कर सकेंगे। यह संपत्ति अब प्रदेश सरकार के कब्जे में रहेगी। संपत्ति अटैच करने की रिपोर्ट की एक प्रति रामपाल को भेजी गई है।
बरवाला स्थित सतलोक आश्रम के संचालक रामपाल पर पुलिस ने 18 नवंबर 2014 को केस दर्ज कर गिरफ्तार किया था। रामपाल पर देश के खिलाफ युद्ध की साजिश सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज है। एफआईआर नंबर 428 के तहत पुलिस ने 1967 एक्ट के तहत रामपाल की चल - अचल संपत्ति को अटैच किया है।
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इस एफआईआर में रामपाल पर गंभीर आरोप के तहत केस दर्ज किया गया था। देश के खिलाफ साजिश करने की धाराओं में दर्ज केस में पुलिस संपत्ति को अटैच कर सकती है। स्थानीय पुलिस ने कुछ समय पहले प्रदेश के डीजीपी से संपत्ति अटैच करने की अनुमति मांगी थी। डीजीपी की अनुमति मिलने के बाद पुलिस ने संपत्ति को अटैच कर दिया।
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संपत्ति का पूरा ब्योरा तैयार कर रिपोर्ट बनाई गई है। इस रिपोर्ट की प्रति प्रदेश के गृह विभाग को भेजी गई है। इसके अलावा इसकी एक प्रति आरोपी रामपाल को भी उपलब्ध कराई गई है। अब रामपाल अपनी इस संपत्ति की खरीद फरोख्त नहीं कर सकता। इस संपत्ति को किसी को हस्तांतरित भी नहीं कर सकेगा।
यह संपत्ति अटैच हुई
satlok aasram
12.75 एकड़ में बना सतलोक आश्रम, 93 कनाल 11 मरला में बरवाला में ही बना दूसरा आश्रम, दौलतपुर में 7 कनाल 19 मरला में आश्रम, ढाणी प्रेम नगर में 9 मरला जमीन, छह बैंक खातों में जमा 4 लाख 48 हजार 64 रुपये, सतलोक आश्रम में सामान की बोली से मिले 55 लाख 68 हजार 712 रुपये, आश्रम की पुलिस के पास जब्त करीब 43 लाख 31 हजार 911 रुपये की संपत्ति।
यह चल संपत्ति भी अटैच
बिजली के ट्रांसफार्मर, 70 से अधिक वाहन, फर्नीचर, पशु, लोहे का सामान, स्टील के बर्तन, पंखे, कूलर, क्रॉकरी का सामान, किचन का सामान, बेड सहित अन्य सैकड़ों तरह के सामान।
हाईकोर्ट ने कहा था रामपाल से वसूलो पूरा खर्च
पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने रामपाल प्रकरण में आश्रम को खाली कर रामपाल की गिरफ्तारी के लिए प्रदेश सरकार की ओर से खर्च हुए करीब 19 करोड़ रुपये रामपाल से ही वसूलने के निर्देश दिए थे। उच्च न्यायालय इस प्रकरण पर हुए पूरे खर्च का ब्योरा भी मांगा था। जिसमें सीआरपीएफ की तैनाती, हरियाणा पुलिस के जवानों की तैनाती, हरियाणा रोडवेज की बसों, क्रेन, फायर ब्रिगेड, एंबुलेंस सहित अन्य सभी खर्च का आंकलन हरियाणा पुलिस ने किया था।
यह चल संपत्ति भी अटैच
बिजली के ट्रांसफार्मर, 70 से अधिक वाहन, फर्नीचर, पशु, लोहे का सामान, स्टील के बर्तन, पंखे, कूलर, क्रॉकरी का सामान, किचन का सामान, बेड सहित अन्य सैकड़ों तरह के सामान।
हाईकोर्ट ने कहा था रामपाल से वसूलो पूरा खर्च
पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने रामपाल प्रकरण में आश्रम को खाली कर रामपाल की गिरफ्तारी के लिए प्रदेश सरकार की ओर से खर्च हुए करीब 19 करोड़ रुपये रामपाल से ही वसूलने के निर्देश दिए थे। उच्च न्यायालय इस प्रकरण पर हुए पूरे खर्च का ब्योरा भी मांगा था। जिसमें सीआरपीएफ की तैनाती, हरियाणा पुलिस के जवानों की तैनाती, हरियाणा रोडवेज की बसों, क्रेन, फायर ब्रिगेड, एंबुलेंस सहित अन्य सभी खर्च का आंकलन हरियाणा पुलिस ने किया था।
रामपाल प्रकरण पर एक नजर
Rampal
- फोटो : Bureau
सतलोक आश्रम संचालक रामपाल को पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने तलब किया था।
उच्च न्यायालय में हाजिर न होने पर हाईकोर्ट ने रामपाल की गिरफ्तारी के आदेश दिए थे। हरियाणा पुलिस गिरफ्तारी के लिए पहुंची तो भारी संख्या में रामपाल समर्थकों ने मानव शृंखला बनाकर आश्रम में पुलिस को प्रवेश नहीं करने दिया। आश्रम के अनुयायियों को हटाने के लिए पुलिस की लाठीचार्ज व आंसू गैस के गोले छोड़ने पडे़।
पुलिस व समर्थकों में कई दिन तक संघर्ष चला। इसके बाद 18 नवंबर को रामपाल को गिरफ्तार कर आश्रम को खाली करा दिया गया था, जिसके बाद आश्रम को सील कर दिया गया था। आश्रम प्रकरण 2014 का हरियाणा ही नहीं देश भर में बेहद चर्चित प्रकरण था।
उच्च न्यायालय में हाजिर न होने पर हाईकोर्ट ने रामपाल की गिरफ्तारी के आदेश दिए थे। हरियाणा पुलिस गिरफ्तारी के लिए पहुंची तो भारी संख्या में रामपाल समर्थकों ने मानव शृंखला बनाकर आश्रम में पुलिस को प्रवेश नहीं करने दिया। आश्रम के अनुयायियों को हटाने के लिए पुलिस की लाठीचार्ज व आंसू गैस के गोले छोड़ने पडे़।
पुलिस व समर्थकों में कई दिन तक संघर्ष चला। इसके बाद 18 नवंबर को रामपाल को गिरफ्तार कर आश्रम को खाली करा दिया गया था, जिसके बाद आश्रम को सील कर दिया गया था। आश्रम प्रकरण 2014 का हरियाणा ही नहीं देश भर में बेहद चर्चित प्रकरण था।