{"_id":"4285cfcf010ae837703ef84b3e4f4af5","slug":"sand-gravel-business-on-state-highway-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"स्टेट हाईवे पर रेत-बजरी का कारोबार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
स्टेट हाईवे पर रेत-बजरी का कारोबार
दीपक कश्यप/अमर उजाला, कुरुक्षेत्र
Updated Thu, 21 Aug 2014 12:35 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जाम की स्थिति और हादसों का भय, यह हालात हैं पिपली-यमुनानगर स्टेट हाईवे पर। यहां सड़क किनारे चल रहे रेत-बजरी के कारोबार से लोग परेशान हैं।
जो प्रशासनिक कार्रवाई की परवाह किए बिना धड़ल्ले से व्यापार चला रहे हैं। उन्हें लोगों की परेशानियों तथा इस वजह से होने वाली सड़क दुर्घटनाओं की चिंता ही नहीं।
हालात इतने बेकाबू हैं कि स्टेट हाईवे पर जाम की स्थिति बनी रहती है। यहां से गुजरने वाले हर चालक को हादसों का डर सताता है। ग्रामीण अंचल के वासी भी इन व्यापारियों द्वारा सड़क पर रेत-बजरी गिराने की वजह से परेशान हैं।
गांव मथाना पंच शमशेर सिंह ने बताया कि वे इसकी शिकायत डीसी से कर चुके हैं लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। इसी समस्या को लेकर गांव मथाना के लोग सड़क किनारे पड़ी रेत-बजरी के निकट एकत्रित हुए और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की।
विज्ञापन
ग्रामीणों ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि अगर सड़क किनारे से रेत-बजरी को नहीं हटाया तो वे डीसी कार्यालय पर विरोध स्वरूप प्रदर्शन करेंगे। जरूरत पड़ी तो स्टेट हाईवे पर जाम लगाने से भी पीछे नहीं हटेंगे।
गौरतलब है कि पिपली-यमुनानगर स्टेट हाईवे पर पिपली अनाज मंडी के निकट गांव किशनपुरा मोड़, गांव मथाना के निकट, निवारसी मोड़ सहित लाडवा तक दर्जन भर से अधिक ऐसी जगह हैं, जहां सड़क किनारे धड़ल्ले से रेत-बजरी बेची जा रही है।
इसके चलते ट्रैक्टर-ट्रालियों के सड़क पर जाम की स्थिति भी बन जाती है। यही नहीं, रेत-बजरी से स्टेट हाईवे पर दिन-रात गुजर रहे हजारों राहगीरों को दो-चार होना पड़ रहा है।
जिससे दुर्घटना का खतरा बना रहता है। मथाना निवासी प्रवीण कच्छू, संदीप कांशी, विक्रम, ओमप्रकाश, बृजमोहन, भीम भारती व अन्य ने बताया कि वे अपने स्तर पर रेत-बजरी विक्रेताओं को कई बार समझाया लेकिन वे मनमर्जी से बाज नहीं आ रहे हैं।
डीसी को दी थी शिकायत : पंच
मथाना पंच शमशेर सिंह ने बताया कि 24 दिसंबर 2013 को डीसी को इस बारे में शिकायत भी सौंपी थी। उन्होंने बताया कि शिकायत देने के तीन दिन बाद तत्कालीन बीडीपीओ आए तो जरूर, पर कार्रवाई कुछ नहीं हुई। अब इस बात को छह माह बीत गए हैं।
समिति की बैठक में उठा था मुद्दा
जिला कष्ट निवारण समिति सदस्य डॉ. गुरुदेव का कहना है कि इसी साल तीन जनवरी को समिति की बैठक में सड़क किनारे पड़ी रेत-बजरी की समस्या का मुद्दा उन्होंने उठाया था। उस दौरान डीसी गजराज ने समस्या दूर करने का आश्वासन दिया था लेकिन परिणाम वही ढाक के तीन पात रहे।
एसडीएम को देंगे कार्रवाई के निर्देश: डीसी
डीसी निखिल गजराज ने कहा कि पिपली से लाडवा के बीच स्टेट हाईवे पर सड़क किनारे रेत-बजरी का कारोबार कर रहे लोगों पर तुरंत कार्रवाई करने के निर्देश एसडीएम थानेसर विनय प्रताप सिंह को दिए जाएंगे। जरूरत पड़ी, तो स्वयं भी मौके का निरीक्षण करेंगे।
विज्ञापन
जो प्रशासनिक कार्रवाई की परवाह किए बिना धड़ल्ले से व्यापार चला रहे हैं। उन्हें लोगों की परेशानियों तथा इस वजह से होने वाली सड़क दुर्घटनाओं की चिंता ही नहीं।
हालात इतने बेकाबू हैं कि स्टेट हाईवे पर जाम की स्थिति बनी रहती है। यहां से गुजरने वाले हर चालक को हादसों का डर सताता है। ग्रामीण अंचल के वासी भी इन व्यापारियों द्वारा सड़क पर रेत-बजरी गिराने की वजह से परेशान हैं।
विज्ञापन
गांव मथाना पंच शमशेर सिंह ने बताया कि वे इसकी शिकायत डीसी से कर चुके हैं लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। इसी समस्या को लेकर गांव मथाना के लोग सड़क किनारे पड़ी रेत-बजरी के निकट एकत्रित हुए और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की।
विज्ञापन
ग्रामीणों ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि अगर सड़क किनारे से रेत-बजरी को नहीं हटाया तो वे डीसी कार्यालय पर विरोध स्वरूप प्रदर्शन करेंगे। जरूरत पड़ी तो स्टेट हाईवे पर जाम लगाने से भी पीछे नहीं हटेंगे।
गौरतलब है कि पिपली-यमुनानगर स्टेट हाईवे पर पिपली अनाज मंडी के निकट गांव किशनपुरा मोड़, गांव मथाना के निकट, निवारसी मोड़ सहित लाडवा तक दर्जन भर से अधिक ऐसी जगह हैं, जहां सड़क किनारे धड़ल्ले से रेत-बजरी बेची जा रही है।
इसके चलते ट्रैक्टर-ट्रालियों के सड़क पर जाम की स्थिति भी बन जाती है। यही नहीं, रेत-बजरी से स्टेट हाईवे पर दिन-रात गुजर रहे हजारों राहगीरों को दो-चार होना पड़ रहा है।
जिससे दुर्घटना का खतरा बना रहता है। मथाना निवासी प्रवीण कच्छू, संदीप कांशी, विक्रम, ओमप्रकाश, बृजमोहन, भीम भारती व अन्य ने बताया कि वे अपने स्तर पर रेत-बजरी विक्रेताओं को कई बार समझाया लेकिन वे मनमर्जी से बाज नहीं आ रहे हैं।
डीसी को दी थी शिकायत : पंच
मथाना पंच शमशेर सिंह ने बताया कि 24 दिसंबर 2013 को डीसी को इस बारे में शिकायत भी सौंपी थी। उन्होंने बताया कि शिकायत देने के तीन दिन बाद तत्कालीन बीडीपीओ आए तो जरूर, पर कार्रवाई कुछ नहीं हुई। अब इस बात को छह माह बीत गए हैं।
समिति की बैठक में उठा था मुद्दा
जिला कष्ट निवारण समिति सदस्य डॉ. गुरुदेव का कहना है कि इसी साल तीन जनवरी को समिति की बैठक में सड़क किनारे पड़ी रेत-बजरी की समस्या का मुद्दा उन्होंने उठाया था। उस दौरान डीसी गजराज ने समस्या दूर करने का आश्वासन दिया था लेकिन परिणाम वही ढाक के तीन पात रहे।
एसडीएम को देंगे कार्रवाई के निर्देश: डीसी
डीसी निखिल गजराज ने कहा कि पिपली से लाडवा के बीच स्टेट हाईवे पर सड़क किनारे रेत-बजरी का कारोबार कर रहे लोगों पर तुरंत कार्रवाई करने के निर्देश एसडीएम थानेसर विनय प्रताप सिंह को दिए जाएंगे। जरूरत पड़ी, तो स्वयं भी मौके का निरीक्षण करेंगे।