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समझौता एक्सप्रेस बम कांड: असीमानंद को जमानत

Fri, 29 Aug 2014 05:22 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Fri, 29 Aug 2014 05:22 PM IST
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Samjhauta Express bomb blast: bail to aseemanand

दिल्ली से लाहौर के लिए चलाई गई समझौता एक्सप्रेस रेलगाडी में फरवरी 2007 को हुए बम धमाके के मुख्य आरोपी स्वामी असीमानंद को पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट से वीरवार को जमानत मिल गई है।

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इस बम धमाके में 68 लोगों की जान चली गई थी और 50 से अधिक गंभीर जख्मी हुए थे। मरने वालों में अधिकांश पाकिस्तानी थे। असीमानंद के एडवोकेट सत्यपाल जैन की पैरवी के बाद जस्टिस एस.एस.सारों एवं जस्टिस लीजा गिल की डिवीजन बेंच ने जमानत अर्जी मंजूर करते हुए कहा है कि एनआईए कोर्ट पंचकूला में बॉंड भर कर जमानत ले सकते हैं।
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शर्त रखी गई है कि एनआईए अदालत को सूचित किए बगैर वह देश नहीं छोड़ सकेंगे, साथ्ा ही अपना पता एवं मोबाइल नंबर अदालत को देंगे। इसके अलावा वह गवाहों को प्रभावित नहीं कर सकेंगे।

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असीमानंद को जेल में ही रहना होगा

Samjhauta Express bomb blast: bail to aseemanand

जमानत अर्जी मंजूर होने के बावजूद 77 वर्षीय असीमानंद वह अभी जेल से बाहर नहीं आ सकेंगे, क्योंकि वह हैदराबाद एवं अजमेर बम धमाकों में भी आरोपी हैं। इन तीनों में से यह पहला मामला है जब असीमानंद को जमानत मिली है।


जमानत अर्जी का हालांकि एनआईए ने विरोध किया, लेकिन असीमानंद के वकील ने कहा कि लंबे समय तक जेल में नहीं रखा जा सकता।

इस मामले में कुल 299 गवाहों में से अभी 45 की गवाही हो सकी है और अनेक गवाह पाकिस्तान से संबंधित हैं, लिहाजा ट्रायल लंबा चल सकता है। दोनों पक्षों को सुनने के बाद हाईकोर्ट ने जमानत अर्जी मंजूर कर ली है।

मामले में मुख्य आरोपी है असीमानंद

Samjhauta Express bomb blast: bail to aseemanand

पाकिस्तान के तत्कालीन विदेश मंत्री खुर्शीद महमूद कसूरी को शांति वार्ता के लिए दिल्ली आने वाले थे। इसके एक दिन पहले 18 फरवरी की रात को पानीपत में रेलगाड़ी में ब्लास्ट हो गया था।

जांच एजेंसी ने घटनास्थल के मुआयने के दौरान विस्फोटक भरे ब्रीफकेस और तीन जिंदा बम बरामद किए थे। जांच एजेंसियों का शक अभिनव भरत पर था और इस घटना के बाद 26 दिसंबर 2010 को असीमानंद को मुख्य आरोपी के तौर पर गिरफ्तार किया गया था। वह तभी से जेल में बंद हैं।

असीमानंद पर आरोप है कि इसकी साजिश उन्होंने रची और बम बलास्ट के लिए फंडिंग भी उन्होंने ही की। एडवोकेट ने हाईकोर्ट से कहा कि ब्लास्ट में हाथ होने का असीमानंद के खिलाफ कोई सीधा सबूत नहीं है।

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