समझौता एक्सप्रेस ब्लास्ट केस की सुनवाई फिर टली, पाकिस्तानी महिला की गवाही पर होना था फैसला
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पानीपत के बहुचर्चित समझौता ब्लास्ट मामले में सोमवार को पंचकूला स्थित एनआईए की विशेष अदालत में सुनवाई हुई। इस दौरान एनआईए कोर्ट की ओर से नेशनल इनवेस्टीगेशन एजेंसी ने जवाब दाखिल किया। समझौता ब्लास्ट मामले में पाकिस्तान के जो गवाह थे उन्हें अदालत ने समन जारी किया था। पाकिस्तान दूतावास के माध्यम से जिला अदालत ने गवाहों को समन भेजा था। लेकिन दूतावास ने गवाहों को समन नहीं दिया।
वहीं अभियोजन पक्ष के वकील मोमिन मलिक ने कहा कि आज तक पाकिस्तान के किसी भी गवाह को समन नहीं मिले। इस कारण एक भी गवाह इस केस में पेश नहीं हो पाए। कोर्ट में इस दलील के साथ वकील मोमिन मलिक ने बताया कि उन्होंने कोर्ट की ओर से भेजे गए समन और एफआईआर की कॉपी गवाहों को देने के लिए याचिका दायर की थी। लेकिन यह याचिका एनआईए की विशेष अदालत ने खारिज कर दी है।
महिला ने हाईकोर्ट में भी दी याचिका
इस मामले को लेकर वह हाईकोर्ट में अपील करेंगे। इस मामले में अगली सुनवाई 20 मार्च को मुकर्रर की गई है। सोमवार को समझौता ब्लास्ट मामले में मुख्य आरोपी असीमानंद, लोकेश शर्मा, राजेंद्र चौधरी और कमल चौहान कोर्ट में पेश हुए। पाकिस्तानी महिला रहिला की ओर से वकील मोमिन मलिक ने याचिका दायर की है।
याचिका के माध्यम से रहिला समझौता ब्लास्ट केस मामले में कोर्ट में गवाही देना चाहती है। राहिला के पिता की मौत समझौता एक्सप्रेस ब्लास्ट में हुई थी। याचिका में कहा कि पाकिस्तान के सभी चश्मदीद गवाह एनआईए कोर्ट में पेश होना चाहते हैं। मोमिन मलिक की याचिका पर कोर्ट ने सुनवाई के बाद 20 मार्च तक फैसला सुरक्षित रखा है।
कोर्ट में पेशी के दौरान आया मामा
शामली के रहने वाले मारूफ अली ने बताया कि रहिला उसकी भांजी है और उसके बहनोई समझौता ब्लास्ट में मारे गए थे। रहिला को अभी तक न्याय नहीं मिला है। साथ ही किसी भी गवाह को समन न मिलने के कारण इस केस में पाकिस्तान के गवाह पेश नहीं हो सकें। गवाह पेश नहीं होंगे तो लोगों के साथ न्याय नहीं होगा।
डीसीपी ने लिया सुरक्षा का जायजा
वकीलों की स्ट्राइक होने के कारण कोर्ट में केस की सुनवाई दोपहर बाद हुई। वहीं सुरक्षा को लेकर पंचकूला के डीसीपी कमलदीप गोयल ने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए कि कोर्ट की सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता किया जाए। किसी प्रकार से कोर्ट की सुरक्षा व्यवस्था में लापरवाही नहीं बरती जानी चाहिए। इस दौरान पुलिस एवं जिला प्रशासन के अधिकारी भी उपस्थित रहे।