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समझौता ब्लास्ट केस में NIA को लगा बड़ा झटका, ऐसे हुई सुनवाई
ब्यूरो/अमर उजाला, पंचकूला
Updated Fri, 30 Sep 2016 10:01 PM IST
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Samjhauta blast case
- फोटो : File Photo
पानीपत के बहुचर्चित समझौता ब्लास्ट मामले में एनआईए को बड़ा झटका लगा है। इस मामले में सुनवाई के दौरान तीन गवाहों को बुलाया गया था। जिसमें से दो गवाह अपने बयान से मुकर गए। इस मामले की अगली सुनवाई अब 22 नवंबर और 30 नवंबर को होगी।
पानीपत के बहुचर्चित समझौता ब्लास्ट मामले की सुनवाई के दौरान एनआईए को उस समय झटका लगा जबकि दो गवाह होस्टाइल हो गए। दोनों गवाह एनआईए को पहले दिए बयानों से मुकर गए। सुनवाई के दौरान तीन गवाहो के बयान दर्ज किए गए। इसमें इंदौर से कृष्णा, अयोध्या से नारायण और मध्य प्रदेश से राजेश वर्मा बयान दर्ज कराने के लिए आए थे। दो गवाह कृष्णा और नारायण ने एनआईए को पहले दिए गए बयानों से इंकार कर दिया।
इस मामले में पहले भी करीब 30 से ज्यादा गवाह बयान से पलट चुके हैं। ऐसी स्थिति में एनआईए का पक्ष कमजोर होता जा रहा है। इस मामले में अब तक 178 गवाहों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं। शुक्रवार को सुनवाई के दौरान सिर्फ तीन आरोपी ही कोर्ट में पेश हुए। मामले में मुख्य आरोपी स्वामी असीमानंद शुक्रवार को कोर्ट में पेश नहीं हुए। अब मामले की अगली सुनवाई 22 नवंबर और 30 नवंबर को की होगी।
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यह है मामला
18 फरवरी 2007 समझौता एक्सप्रेस विस्फोट एक आतंकवादी घटना थी। इसमें 18 फरवरी, 2007 को भारत और पाकिस्तान के वीच चलने वाली ट्रेन समझौता एक्सप्रेस मे विस्फोट हुए थे । यह ट्रेन दिल्ली से अटारी, पाकिस्तान जा रही थी। यह विस्फोट हरियाणा के पानीपत जिले में चांदनी बाग़ थाने के अंतर्गत सिवाह गांव के दीवाना स्टेशन के नजदीक हुआ था। विस्फोट से लगी आग में कम से कम 68 व्यक्तियों की मौत हो गई थी और 13 अन्य घायल हो गए थे। इस घटना के दौरान मारे गए ज्यादातर लोग पाकिस्तान के थे।
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पानीपत के बहुचर्चित समझौता ब्लास्ट मामले की सुनवाई के दौरान एनआईए को उस समय झटका लगा जबकि दो गवाह होस्टाइल हो गए। दोनों गवाह एनआईए को पहले दिए बयानों से मुकर गए। सुनवाई के दौरान तीन गवाहो के बयान दर्ज किए गए। इसमें इंदौर से कृष्णा, अयोध्या से नारायण और मध्य प्रदेश से राजेश वर्मा बयान दर्ज कराने के लिए आए थे। दो गवाह कृष्णा और नारायण ने एनआईए को पहले दिए गए बयानों से इंकार कर दिया।
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इस मामले में पहले भी करीब 30 से ज्यादा गवाह बयान से पलट चुके हैं। ऐसी स्थिति में एनआईए का पक्ष कमजोर होता जा रहा है। इस मामले में अब तक 178 गवाहों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं। शुक्रवार को सुनवाई के दौरान सिर्फ तीन आरोपी ही कोर्ट में पेश हुए। मामले में मुख्य आरोपी स्वामी असीमानंद शुक्रवार को कोर्ट में पेश नहीं हुए। अब मामले की अगली सुनवाई 22 नवंबर और 30 नवंबर को की होगी।
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यह है मामला
18 फरवरी 2007 समझौता एक्सप्रेस विस्फोट एक आतंकवादी घटना थी। इसमें 18 फरवरी, 2007 को भारत और पाकिस्तान के वीच चलने वाली ट्रेन समझौता एक्सप्रेस मे विस्फोट हुए थे । यह ट्रेन दिल्ली से अटारी, पाकिस्तान जा रही थी। यह विस्फोट हरियाणा के पानीपत जिले में चांदनी बाग़ थाने के अंतर्गत सिवाह गांव के दीवाना स्टेशन के नजदीक हुआ था। विस्फोट से लगी आग में कम से कम 68 व्यक्तियों की मौत हो गई थी और 13 अन्य घायल हो गए थे। इस घटना के दौरान मारे गए ज्यादातर लोग पाकिस्तान के थे।