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साध्वी यौन शोषण केस: सीबीआई ने अभी दाखिल नहीं किया जवाब
ब्यूरो/अमर उजाला, पंचकूला।
Updated Thu, 21 Jul 2016 11:50 PM IST
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गुरमीत राम रहीम
- फोटो : file photo
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डेरा सच्चा सौदा प्रमुख संत गुरमीत राम रहीम सिंह के खिलाफ सीबीआई पंचकूला की विशेष अदालत में चल रहे साध्वी यौन शोषण मामले में सुनवाई के दौरान सीबीआई द्वारा बचाव पक्ष की याचिका पर जवाब दाखिल नहीं किया गया।
सीबीआई ने कहा है कि जल्द ही जवाब दाखिल किया जाएगा। बचाव पक्ष की ओर से मामले के एक पूर्व जांच अधिकारी केएल रैना को बुलाने के बारे में याचिका लगाई गई थी। बचाव पक्ष के वकील एसके गर्ग नरवाना ने कहा कि सीबीआई ने कुछ स्टेटमेंट्स छिपाई है, जोकि काफी गंभीर है।
कुछ गवाहियां 2003 में रिकॉर्ड की गई थी और उसके बाद 2005 और 2006 में दर्ज हुई। हम 2003 में दर्ज गवाहियां को कोर्ट में पेश करना चाहते हैं। बचाव पक्ष ने कहा है कि 2003 में रेप पीड़िता के 161 के तहत बयान दर्ज किए गए जो चालान का हिस्सा नहीं बनाए गए।
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बचाव पक्ष का कहना है कि सीबीआई द्वारा जानबूझ कर गवाही छिपाई गई। डेरा प्रमुख के मुताबिक रैना इस मामले के लंबे समय तक जांच अधिकारी रहे और उन्होंने पीड़ितों से मुलाकात थी और साथ ही अन्य महिला अनुयायियों भी मिले थे। अब इस पर सीबीआई को जवाब दाखिल करना है।
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सीबीआई ने कहा है कि जल्द ही जवाब दाखिल किया जाएगा। बचाव पक्ष की ओर से मामले के एक पूर्व जांच अधिकारी केएल रैना को बुलाने के बारे में याचिका लगाई गई थी। बचाव पक्ष के वकील एसके गर्ग नरवाना ने कहा कि सीबीआई ने कुछ स्टेटमेंट्स छिपाई है, जोकि काफी गंभीर है।
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कुछ गवाहियां 2003 में रिकॉर्ड की गई थी और उसके बाद 2005 और 2006 में दर्ज हुई। हम 2003 में दर्ज गवाहियां को कोर्ट में पेश करना चाहते हैं। बचाव पक्ष ने कहा है कि 2003 में रेप पीड़िता के 161 के तहत बयान दर्ज किए गए जो चालान का हिस्सा नहीं बनाए गए।
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बचाव पक्ष का कहना है कि सीबीआई द्वारा जानबूझ कर गवाही छिपाई गई। डेरा प्रमुख के मुताबिक रैना इस मामले के लंबे समय तक जांच अधिकारी रहे और उन्होंने पीड़ितों से मुलाकात थी और साथ ही अन्य महिला अनुयायियों भी मिले थे। अब इस पर सीबीआई को जवाब दाखिल करना है।