शिअद के बागी नेता पार्टी से बाहर: बीबी जागीर कौर, सिकंदर सिंह मलूका, चंदूमाजरा समेत कई नेताओं को निकाला
शिरोमणि अकाली दल (शिअद) में बीते कई दिनों से कलह चल रही थी। पार्टी अध्यक्ष सुखबीर बादल ने बीबी जागीर कौर, सिकंदर सिंह मलूका और चंदूमाजरा समेत कई नेताओं को पार्टी से बाहर निकाल दिया है।
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शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के अनुशासन समिति ने मंगलवार को बागी नेताओं को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया। चंडीगढ़ स्थित पार्टी कार्यालय में मंगलवार को अनुशासन समिति के चेयरमैन बलविंदर सिंह भूंदड़ के नेतृत्व में बैठक हुई। इस बैठक में समिति के सदस्य महेशइंद्र सिंह ग्रेवाल और गुलजार सिंह राणके मौजूद रहे। समिति ने पार्टी विरोधी गतिविधियों का हवाला देते हुए बागी नेताओं को निष्कासित कर दिया। अकाली दल के अनुशासन समिति ने जिन बागी नेताओं को पार्टी से निष्कासित किया है, उनमें आठ सीनियर लीडर शामिल हैं।
पार्टी से निकाले गए नेताओं में गुरप्रताप सिंह वडाला, बीबी जागीर कौर, प्रो. प्रेम सिंह चंदूमाजरा, परमिंदर सिंह ढींढसा, सिकंदर सिंह मलुका, सुरजीत सिंह रखड़ा, सुरिंदर सिंह ठेकेदार और चरणजीत सिंह बराड़ का नाम शामिल है।
बता दें ये सभी बागी नेता बीते कई दिनों से शिअद प्रमुख सुखबीर सिंह बादल को अध्यक्ष पद से हटाए जाने की मांग कर रहे थे। इन बागी नेताओं ने बीते दिनों श्री अकाल तख्त साहिब के समक्ष पेश होकर प्रदेश में अकाली दल के सरकार के समय हुए बेअदबी की घटनाओं, पंथक मुद्दों और पार्टी की विचारधारा से राह भटकने पर माफी मांगी थी। बागी नेताओं ने इसका दोश शिअद अध्यक्ष सुखबीर बादल पर भी लगाया था।
सात विधानसभा हलका इंचार्ज भी पार्टी से निकाले
अनुशासन समिति के चेयरमैन भूंदड़ ने इन आठ बागी नेताओं के अलावा सात विधानसभा हलका इंचार्ज को भी पार्टी से निष्कासित किया है। भूंदड़ ने कहा कि जल्द ही इन हलकों में नए इंचार्ज के नाम घोषित किए जाएंगे। जिन सात विधानसभा हलका के इंचार्ज को हटाया गया है, उनमें नकोदर, भूलथ, घन्नौर, सनोर, राजपुरा, समाना और गढ़शंकर हलका शामिल है।
कई बार दी थी चेतावनी
भूंदड़ ने कहा कि 26 जून को पार्टी की वर्किंग कमेटी की बैठक की गई थी, इस बैठक में भी पार्टी के हाईकमान की ओर से बागी नेताओं को अपनी बात दल के सामने रखने के लिए कहा था। पार्टी के प्लेटफार्म पर अपनी बात न रखकर दल के खिलाफ विरोधी गतिविधियां चलाने और गलत बयान देने पर अनुशासन समिति की ओर से कई बार चेतावनी भी दी गई, लेकिन हर बार पार्टी लाइन से बाहर जाकर बागी नेताओं ने दल को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया।