HSGPC के खिलाफ शिअद का आर-पार का ऐलान
एचएसजीपीसी के विरोध में शिरोमणि अकाली दल की ओर से शुरू किए जाने वाले मोर्चे के संबंध में पार्टी ने देशभर के सिखों को लामबंद करने का काम शुरू कर दिया है।
अमृतसर में आगामी 27 जुलाई को अगली रणनीति का ऐलान करने के लिए आयोजित होने वाली विश्व पंथक कांफ्रेंस से पहले मंगलवार को यहां स्थित पार्टी मुख्यालय में शिअद के सरपरस्त प्रकाश सिंह बादल और अध्यक्ष सुखबीर बादल विभिन्न राज्यों के सिख नेताओं से मुखातिब हुए।
एसजीपीसी अध्यक्ष अवतार सिंह मक्कड़, डीएसजीएमसी अध्यक्ष मंजीत सिंह जीके, सांसद प्रो. प्रेम सिंह चंदूमाजरा आदि भी समारोह में उपस्थित थे।
एक स्वर में एचएसजीपीसी को नकारा
पार्टी मुख्यालय में आयोजित मीटिंग में हरियाणा, दिल्ली, चंडीगढ़, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश आदि राज्यों के सिखों ने शिरकत की। शिअद नेताओं ने एक सुर में कहा कि हरियाणा की हुड्डा सरकार ने अलग एसजीपीसी के गठन से संबंधित कानून बनाकर सिख पंथ के धार्मिक मामलों में दखलंदाजी की है। इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
बादल ने उपस्थित जनसमूह से आह्वान किया कि वे सिखों को दोफाड़ करने की कांग्रेस की कोशिश के खिलाफ एकजुट होकर मुहिम में शामिल हों, जिसका अनुमोदन उपस्थित सिख नेताओं ने नारे लगाकर किया।
प्रस्ताव पारित करके एचएसजीपीसी व कांग्रेस के खिलाफ एकजुट होकर लड़ाई लड़ने की घोषणा की गई। सिख नेताओं ने कहा कि वह श्री अकाल तख्त साहिब की सर्वोच्चता को मानते हैं और केवल शिअद ही पंथक संगठन है। इस अवसर पर सुखबीर बादल ने एचएसजीपीसी को कांग्रेस का एक और घिनौना कदम तथा अपने एजेंटों के जरिये सिख पंथ में घुसपैठ की कोशिश करार दिया।
बादल ने सोनिया पर निशाना साधा
प्रकाश सिंह बादल ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के इशारे पर हुड्डा द्वारा किए गए इस हमले का सिख पंथ मुंह तोड़ जवाब देगा। उन्होंने कहा कि किसी को एसजीपीसी को बांटने की इजाजत नहीं दी जाएगी।
पूरा सिख पंथ हरियाणा की कांग्रेस सरकार के इस कदम के खिलाफ एकजुट होकर आगे बढ़ेगा, जिसका ऐलान 27 जुलाई की पंथक कांफ्रेंस में होगा।
सुखबीर बादल ने कहा कि सिख कौम पहले ही सरना भाइयों को नकार चुके हैं और अब झींडा व नलवी का भी यही हश्र होगा। उन्होंने कहा कि इस मसले पर कांग्रेस को ऐतिहासिक सबक सिखाया जाएगा।